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Rewari News: ओलावृष्टि से खराब फसल का मुआवजे देने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
Tue, 04 Mar 2025 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:12 AM IST
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फोटो : 06ओलावृष्टि से खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर ज्ञापन देते संगठन के पदाधिकारी। स्
- फोटो : रामायण मेला के सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्यों और किसानों ने मनेठी में प्रदर्शन कर ओलावृष्टि से खराब गेहूं, सरसों, सब्जी की फसल का मुआवजा देने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व एम्स संघर्ष समिति मनेठी के अध्यक्ष कैलाश चंद, मास्टर लक्ष्मण सिंह, कर्नल राजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश सैन एवं आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रामकुमार निमोठ, अमर सिंह राजपुरा ने किया। तहसीलदार की मार्फत मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री हरियाणा सरकार एवं उपायुक्त के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। मांग की गई कि कुंड के आसपास के 40 गांवों समेत जिला के अन्य गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। गेहूं, सरसों, फूलों एवं सब्जी की खेती शतप्रतिशत खराब हो गई है। सरकार 5 दिन के अंदर हुए नुकसान का आकलन करके अप्रैल माह तक किसानों को मुआवजा दें।
राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर खराब फसल का आकलन करके, पीड़ित किसान की हाजिरी में ही क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करने की मांग की गई। मुआवजा 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाए। पीड़ित किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाई जाए, उनके बिजली बिल माफ किए जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बजाय सरकार खुद मुआवजा दे। आगे कहा कि सरकार ने जायज मांगों को नहीं माना तो जोरदार आंदोलन गठित किया जाएगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि हर गांव में पीड़ित किसान गांव स्तर पर कमेटी बनाएं और मुआवजा की मांग के लिए जागरूक रहें। जब प्राकृतिक प्रकोप आता है तो सरकार एवं अधिकारियों द्वारा विशेष गिरदावरी करवाकर तुरंत मुआवजा की बात की जाती है और कुछ दिनों बाद उसे भुला दिया जाता है। 2023 वर्ष का मुआवजा भी अभी तक क्यों नहीं मिला है। अप्रैल माह तक पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाए।
प्रदर्शन को मुख्य रूप से जितेंद्र सिंह रिटायर्ड, मुख्याध्यापक, बीडी यादव, ओमप्रकाश जैन, दिलबाग सिंह, प्रकाश नंबरदार, ईश्वर सिंह सैन, राजबीर नंबरदार, सुनील एडवोकेट, सत्यप्रकाश गोयल, मलखान सिंह, सुमेर सिंह, महेश ढाणी कोलाना, बलवंत पंच, हरिओम मास्टर, मास्टर दयाराम, डॉक्टर एचडी यादव, रमेश, बिल्लू चेयरमैन समेत अन्य किसानों ने हिस्सा लिया।
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रेवाड़ी। आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के सदस्यों और किसानों ने मनेठी में प्रदर्शन कर ओलावृष्टि से खराब गेहूं, सरसों, सब्जी की फसल का मुआवजा देने की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व एम्स संघर्ष समिति मनेठी के अध्यक्ष कैलाश चंद, मास्टर लक्ष्मण सिंह, कर्नल राजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश सैन एवं आल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रामकुमार निमोठ, अमर सिंह राजपुरा ने किया। तहसीलदार की मार्फत मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री हरियाणा सरकार एवं उपायुक्त के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया। मांग की गई कि कुंड के आसपास के 40 गांवों समेत जिला के अन्य गांवों में ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। गेहूं, सरसों, फूलों एवं सब्जी की खेती शतप्रतिशत खराब हो गई है। सरकार 5 दिन के अंदर हुए नुकसान का आकलन करके अप्रैल माह तक किसानों को मुआवजा दें।
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राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारी मौके पर खराब फसल का आकलन करके, पीड़ित किसान की हाजिरी में ही क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपलोड करने की मांग की गई। मुआवजा 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाए। पीड़ित किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाई जाए, उनके बिजली बिल माफ किए जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बजाय सरकार खुद मुआवजा दे। आगे कहा कि सरकार ने जायज मांगों को नहीं माना तो जोरदार आंदोलन गठित किया जाएगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा के नेता राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने कहा कि हर गांव में पीड़ित किसान गांव स्तर पर कमेटी बनाएं और मुआवजा की मांग के लिए जागरूक रहें। जब प्राकृतिक प्रकोप आता है तो सरकार एवं अधिकारियों द्वारा विशेष गिरदावरी करवाकर तुरंत मुआवजा की बात की जाती है और कुछ दिनों बाद उसे भुला दिया जाता है। 2023 वर्ष का मुआवजा भी अभी तक क्यों नहीं मिला है। अप्रैल माह तक पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जाए।
प्रदर्शन को मुख्य रूप से जितेंद्र सिंह रिटायर्ड, मुख्याध्यापक, बीडी यादव, ओमप्रकाश जैन, दिलबाग सिंह, प्रकाश नंबरदार, ईश्वर सिंह सैन, राजबीर नंबरदार, सुनील एडवोकेट, सत्यप्रकाश गोयल, मलखान सिंह, सुमेर सिंह, महेश ढाणी कोलाना, बलवंत पंच, हरिओम मास्टर, मास्टर दयाराम, डॉक्टर एचडी यादव, रमेश, बिल्लू चेयरमैन समेत अन्य किसानों ने हिस्सा लिया।