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Rewari News: कंपनी के बाहर मृत गायों को रखकर किया प्रदर्शन
Sat, 07 Jun 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 07 Jun 2025 11:52 PM IST
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कंपनी के बाहर खड़े लोग साथ में पुलिस की टीम। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। बावल के गांव बनीपुर में औद्योगिक क्षेत्र के पास कथित रूप से केमिकलयुक्त पानी पीने से 14 गायों की मौत मामले में पशुपालकों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। इससे पहले पशुपालकों ने मृत पशुओं को कंपनी के बाहर रख दिया था। हालांकि कंपनियों ने दूषित केमिकलयुक्त पानी छोड़ने से इंकार किया है।
प्रशासन ने पानी के नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि पानी में केमिकल था या नहीं। इसके बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
कंपनियों के बाहर प्रदर्शन करने वाले लोगों ने केमिकल युक्त पानी पीने 14 गायों की मौत की आशंका जताई। लोगों ने पशुओं के शव कंपनी के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कंपनी का कोई भी अधिकारी बाहर नहीं निकला।
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इस घटना में खेड़ा मुरार निवासी मनीष की 6, रणवीर की 7 गार्यों और कैलाश की एक गाय की मौत हुई है। ग्रामीणों की मृत गायों का मुआवजा देने की मांग की। हालात को देखते हुए दो मनीष व रणवीर को 3 लाख 70 हजार रुपये और कैलाश को 30 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है।
मुआवजा मिलने के बाद किसी भी पशुपालक ने कोई शिकायत नहीं दी है।
दस कंपनियों पर केमिकल युक्त पानी छोड़ने का आरोप
बनीपुर में जहां गायों की हुई है, वहां करीब 10 कंपनियां हैं। आरोप है कि इन कंपनियों में लोहा, प्लास्टिक व मेटल बनाने का कार्य होता है। इसमें केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। सरपंच पवन का कहना है कि यह कंपनियां केमिकल युक्त पानी छोड़ती हैं। इस वजह से यह सब हो रहा है। उन्होंने केमिकल युक्त पानी की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा है कि जो कंपनियां इसमें दोषी हैं, उन पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। यह काफी गंभीर मामला है।
एक कंपनी को दिया गया नोटिस
बिना एनओसी के चल रही एक कंपनी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शोकॉज नोटिस दिया है। 7 दिन में नोटिस को जवाब नहीं देने पर कंपनी को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। कंपनी की ओर से पाइप के माध्यम से केमिकल युक्त पानी बाहर गड्ढे में छोड़ा जा रहा था। बिना एनओसी के चल रही कंपनी में ब्रिज बनाने वाले पैनल पर पेंट का कार्य होता है। पेंट की सफाई के बाद जो केमिकल युक्त पानी निकलता है, उसे पाइप से बाहर खुले में छोड़ा जा रहा है जो नियम के विरुद्ध है। जांच में सामने आया है कि कंपनी के पास तो प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से जारी एनओसी भी नहीं है।
वर्जन
जिन पशुपालकों की गायों की मौत हुई है, उन्हें मुआवजा दिया गया है। पशुपालकों ननेकिसी प्रकार की शिकायत नहीं दी है। फिलहाल पानी के नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा आखिर पानी केमिकलयुक्त था या नहीं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।-श्रीनिवास, तहसीलदार
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रेवाड़ी। बावल के गांव बनीपुर में औद्योगिक क्षेत्र के पास कथित रूप से केमिकलयुक्त पानी पीने से 14 गायों की मौत मामले में पशुपालकों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। इससे पहले पशुपालकों ने मृत पशुओं को कंपनी के बाहर रख दिया था। हालांकि कंपनियों ने दूषित केमिकलयुक्त पानी छोड़ने से इंकार किया है।
प्रशासन ने पानी के नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि पानी में केमिकल था या नहीं। इसके बाद ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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कंपनियों के बाहर प्रदर्शन करने वाले लोगों ने केमिकल युक्त पानी पीने 14 गायों की मौत की आशंका जताई। लोगों ने पशुओं के शव कंपनी के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कंपनी का कोई भी अधिकारी बाहर नहीं निकला।
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इस घटना में खेड़ा मुरार निवासी मनीष की 6, रणवीर की 7 गार्यों और कैलाश की एक गाय की मौत हुई है। ग्रामीणों की मृत गायों का मुआवजा देने की मांग की। हालात को देखते हुए दो मनीष व रणवीर को 3 लाख 70 हजार रुपये और कैलाश को 30 हजार रुपये का मुआवजा दिया गया है।
मुआवजा मिलने के बाद किसी भी पशुपालक ने कोई शिकायत नहीं दी है।
दस कंपनियों पर केमिकल युक्त पानी छोड़ने का आरोप
बनीपुर में जहां गायों की हुई है, वहां करीब 10 कंपनियां हैं। आरोप है कि इन कंपनियों में लोहा, प्लास्टिक व मेटल बनाने का कार्य होता है। इसमें केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है। सरपंच पवन का कहना है कि यह कंपनियां केमिकल युक्त पानी छोड़ती हैं। इस वजह से यह सब हो रहा है। उन्होंने केमिकल युक्त पानी की जांच करवाने की मांग की। उन्होंने कहा है कि जो कंपनियां इसमें दोषी हैं, उन पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। यह काफी गंभीर मामला है।
एक कंपनी को दिया गया नोटिस
बिना एनओसी के चल रही एक कंपनी को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने शोकॉज नोटिस दिया है। 7 दिन में नोटिस को जवाब नहीं देने पर कंपनी को सील करने की कार्रवाई की जाएगी। कंपनी की ओर से पाइप के माध्यम से केमिकल युक्त पानी बाहर गड्ढे में छोड़ा जा रहा था। बिना एनओसी के चल रही कंपनी में ब्रिज बनाने वाले पैनल पर पेंट का कार्य होता है। पेंट की सफाई के बाद जो केमिकल युक्त पानी निकलता है, उसे पाइप से बाहर खुले में छोड़ा जा रहा है जो नियम के विरुद्ध है। जांच में सामने आया है कि कंपनी के पास तो प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से जारी एनओसी भी नहीं है।
वर्जन
जिन पशुपालकों की गायों की मौत हुई है, उन्हें मुआवजा दिया गया है। पशुपालकों ननेकिसी प्रकार की शिकायत नहीं दी है। फिलहाल पानी के नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। जांच के बाद ही पता चलेगा आखिर पानी केमिकलयुक्त था या नहीं। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।-श्रीनिवास, तहसीलदार