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Rewari News: अनुसूचित जाति एवं जनजाति पर क्रीमी लेयर लागू न करने की मांग
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फोटो : 7अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते संगठन। स्रोत : संगठन
रेवाड़ी। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर क्रीमी लेयर लागू न करने की मांग को लेकर जिले के सभी आंबेडकरवादी सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा स्तंभ प्रधान भगत सिंह बौद्ध ने की।
ज्ञापन में कहा गया कि संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना के अनुरूप अनुसूचित जाति एवं जनजाति को विशेष संरक्षण और आरक्षण की व्यवस्था दी गई है। इन वर्गों की स्थिति केवल आर्थिक आधार पर नहीं आंकी जा सकती क्योंकि आज भी इन्हें सामाजिक भेदभाव और बहिष्करण जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग पर क्रीमी लेयर लागू की जाती है तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा और सामाजिक न्याय की प्रक्रिया को कमजोर करेगा। इससे इन वर्गों की प्रगति बाधित होगी।
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सभी संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर क्रीमी लेयर लागू न की जाए और इसे भारतीय संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए ताकि संविधान प्रदत्त अधिकार एवं विशेष प्रावधान अक्षुण्ण बने रहें।
इस अवसर पर गुरु रविदास मंदिर व हॉस्टल से हंसराज चौधरी, माता रमा बाई सामाजिक उत्थान संस्था से बुध राम पंवार, आवाज फाउंडेशन से सत्यनारायण सांभरिया, भीम आर्मी से रोहित वाल्मीकि, महर्षि वाल्मीकि आश्रम ट्रस्ट से राजकुमार, हजरस से सुमेर सिंह, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संगठन से राजकुमार, खटीक समाज से मंगत सिंह व अन्य मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा गया कि संविधान प्रदत्त सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना के अनुरूप अनुसूचित जाति एवं जनजाति को विशेष संरक्षण और आरक्षण की व्यवस्था दी गई है। इन वर्गों की स्थिति केवल आर्थिक आधार पर नहीं आंकी जा सकती क्योंकि आज भी इन्हें सामाजिक भेदभाव और बहिष्करण जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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संगठनों ने स्पष्ट किया कि यदि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग पर क्रीमी लेयर लागू की जाती है तो यह संविधान की मूल भावना के विपरीत होगा और सामाजिक न्याय की प्रक्रिया को कमजोर करेगा। इससे इन वर्गों की प्रगति बाधित होगी।
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सभी संगठनों ने ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति पर क्रीमी लेयर लागू न की जाए और इसे भारतीय संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल किया जाए ताकि संविधान प्रदत्त अधिकार एवं विशेष प्रावधान अक्षुण्ण बने रहें।
इस अवसर पर गुरु रविदास मंदिर व हॉस्टल से हंसराज चौधरी, माता रमा बाई सामाजिक उत्थान संस्था से बुध राम पंवार, आवाज फाउंडेशन से सत्यनारायण सांभरिया, भीम आर्मी से रोहित वाल्मीकि, महर्षि वाल्मीकि आश्रम ट्रस्ट से राजकुमार, हजरस से सुमेर सिंह, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संगठन से राजकुमार, खटीक समाज से मंगत सिंह व अन्य मौजूद रहे।