फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Death cuts are open everywhere on the highway, no safety measures

हाईवे पर जगह-जगह खुले हैं मौत के कट, नहीं कोई सुरक्षा के उपाय

Sun, 13 Feb 2022 10:35 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 10:35 PM IST
विज्ञापन
Death cuts are open everywhere on the highway, no safety measures
हाईवे नंबर-48 पर नैचाना कट के पास डिवाइडर से बाइक को पार कराता युवक। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। जिले से होकर गुजर रहे नेशनल और स्टेट हाईवे पर जगह-जगह बनाए गए कट लोगों की जान के दुश्मन बने हुए हैं। इन कटों पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। हादसों में कई परिवार अपनों की जान गंवा चुके हैं। इनसे सबक लेना तो दूर नेशनल हाईवे अॅथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दुर्घटना जनित क्षेत्रों में सुरक्षा के उचित प्रबंध तक नहीं किए हैं। खराब मौसम और धुंध के समय इन कटों पर सबसे अधिक परेशानी वाहन चालकों को होती है। हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजन और कई सामाजिक संगठनों ने इन मौत के कट को बंद करने के लिए स्थानीय प्रशासन से मांग की है। इसके बावजूद अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
विज्ञापन

रेवाड़ी से नेशनल राजमार्ग संख्या- 48, रेवाड़ी से बीकानेर और रेवाड़ी से पानीपत हाईवे संख्या-71 गुजर रहे हैं। इसके साथ गुरुग्राम से वाया पटौदी-रेवाड़ी को भी राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किया जा चुका है। रेवाड़ी-लोहारू, रेवाड़ी-सोहना स्टेट हाईवे भी रेवाड़ी से होकर गुजरते हैं। सभी में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-48 और राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-71 पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।
विज्ञापन

-----------------
कापड़ीवास से लेकर बावल के खेड़ा बार्डर तक होते रहते हैं हादसे
कापड़ीवास से लेकर बावल के खेड़ा बॉर्डर तक एक दर्जन से अधिक मौत के कट बने हैं। हादसों के बावजूद इससे न तो लोगों ने सबक लिया और न ही राजमार्ग प्राधिकरण अथारिटी की तरफ से कोई कदम उठाए गए। कापड़ीवास कट, बिसटेक, आसलवास कट, निखरी, बावल कट आदि हैं, जहां पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसके साथ नेशनल राजमार्ग संख्या- 71 पर भी कटों के चलते लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं। एनएच- 71 पर बांबड, रामगढ़-भगवानपुर यूनिवर्सिटी रोड, बीकानेर के पास टोल टैक्स से पहले कट एवं पाल्हावास सहित अनेक कटों के चलते हादसे हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------------------
अंडरपास और ओवरब्रिज नहीं होना भी है हादसों का कारण
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या- 48 व्यस्त मार्ग है, लेकिन इस पर आवश्यकता के अनुरूप न तो अंडरपास है और न ही ओवरब्रिज है। यही कारण है कि यहां से पास होने वालेे वाहन तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। बनीपुर चौक पर उद्योगपतियों के साथ अनेक सामाजिक संगठनों की ओर से भी ओवरब्रिज बनाने की मांग की जा चुकी है। बावजूद इसके कोई समाधान नहीं हुआ है।
------------
अब तक के हादसे
16 दिसंबर 2021 : राजस्थान के जिला अलवर के गांव हमीदपुर निवासी अजय कुमार (34) व गांव पीपली निवासी राकेश कुमार (33) केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में तैनात थे। दोनों छुट्टी लेकर वीरवार की रात को कार में दिल्ली से अपने गांव जा रहे थे। दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित बनीपुर चौक के निकट पहुंचे तो सड़क पर खड़े एक ट्रक से उनकी कार टकरा गई और दोनों की मौत हो गई थी।
अक्तूबर 2021 : राजस्थान के अजरका निवासी पवन और उसका दोस्त दीपक दोनों बावल की टीडीआर कंपनी में काम करते थे। वह ड्यूटी करके वापस अपने गांव अजरका लौट रहे थे। इसी दौरान दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित बनीपुर चौक पर एक सफेद रंग की कार ने पीछे से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इसमें दोनों की मौत हो गई।
नवंबर 2021 : राजस्थान के अलवर जिले के गांव लोका का बास निवासी अजय सिंह बावल में मजदूरी करते थे। वह अपनी पत्नी कांता (22) के साथ घर जाने के लिए दिल्ली-जयपुर हाईवे की सर्विस रोड पर वाहन का इंतजार कर रहा था। इसी बीच कार ने कांता को रौंद दिया। इसमें उसकी मौत हो गई थी।
19 जुलाई 2021 : हादसा दिल्ली-जयपुर हाईवे पर गांव भूड़ला के पास दो डंपर आपस में टकरा गए थे। इसमें चालक और क्लीनर की मौके पर ही मौत हो गई थी।
10 सितंबर 2018 : जयपुर के पास ‘नाई का धाम’ के दर्शन कर दिल्ली लौट रहे दो परिवारों के 6 लोगों की हादसे में मौत हो गई थी। हादसा बावल के दिल्ली-जयपुर हाईवे पर जयसिंहपुर खेड़ा बार्डर के पास हुआ था।
3 सिंतबर 2020 : जाटूसाना-बेरली मार्ग पर गांव परखोतमपुर में सेय्यद मंदिर के पास हादसे में 2 युवकों की मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान नांगलिया रणमोख निवासी लाल सिंह (18) व दूसरे राठीवास निवासी वैध के रूप में हुई थी।

एनएचएआई अधिकारियों को लगाई थी फटकार
हाईवे पर कट और हादसों को लेकर गत माह उपायुक्त ने एनएचएआई अधिकारियों को पत्र लिखा था। साथ ही अत्यधिक हादसों को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों की बैठक भी बुलाई थी। इसमें एनएचएआई अधिकारियों को फटकार भी लगाई गई थी। इसके बाद अधिकारियों ने कापड़ीवास कट से लेकर बनीपुर चौक तक गड्ढे भरवाने का काम शुरू कर दिया था, लेकिन अभी तक कटों के बंद करने के मामले में कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
- रामानंद, प्रभारी, ट्रैफिक थाना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed