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ऑपरेशन कराने के लिए मरीजों को मिल रही तारीख पर तारीख
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कोरोना महामारी का असर कम होने के साथ स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु होने लगी हैं। नागरिक अस्पताल में हीं बाह्य रोगी जांच (ओपीडी) कराने वालों की संख्या प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में है। वहीं, विभिन्न प्रकार की शैल्य क्रिया (सर्जरी) कराने वालों की संख्या भी काफी बढ़ गई हैं। ऑपरेशन करने के लिए जगह की कमी के कारण विभिन्न बीमारियों के ऑपरेशन के लिए चिकित्सक मरीजों को तारीख दे रहे हैं। सर्जरी के लिए एक चिकित्सक को सप्ताह में दो से तीन दिन ही मिल रहे हैं। इसके अलावा परिवार नियोजन के 30 ऑपरेशन अलग से प्रतिदिन हो रहे हैं। आपातकालीन ऑपरेशन अलग से होते हैं। ऐसे में चिकित्सकों को काफी संख्या में मरीजों को ऑपरेशन के लिए प्रतीक्षा के लिए तारीख देनी पड़ रही है।
200 बिस्तरों का अस्पताल बनेगा तो सुधरेंगे हालात
अभी नागरिक अस्पताल में दो सर्जन, एक नेत्र रोग विशेषज्ञ, दो कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ, दो महिला रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ के लिए अलग ऑपरेशन व्यवस्था है। बाकी के लिए एक ही ऑपरेशन थिएटर हैं। ऐसे में एक विशेषज्ञ को मरीजों का ऑपरेशन करने के लिए सप्ताह में दो दिन मिलते हैं। ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों की मानें तो एक चिकित्सक दिन में चार से पांच ऑपरेशन करते हैं। कुछ जटिल तो कुछ सामान्य ऑपरेशन होते हैं। इसके अलावा आपातकाल में होने वाले ऑपरेशन अलग हैं। नागरिक अस्पताल कहने को तो 200 बिस्तरों का अस्पताल है लेकिन जगह की कमी के कारण धरातल में 50 प्रतिशत ही बिस्तरों का अस्पताल चल रहा है। 200 बिस्तरों का होगा तो ऑपरेशन थिएटर का भी दायरा बढ़ता।
ईएनटी का अगल से बनेगा वार्ड
नागरिक अस्पताल में कान-नाक-गला (ईएनटी) का अलग वार्ड बनना प्रस्तावित है। सर्जरी की व्यवस्था भी अलग होनी है। यदि यह वार्ड अलग बनता है तो कुछ हद तक ऑपरेशन थिएटर पर भार कम होगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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सर्जरी दो प्रकार की होती है। एक आपात व दूसरी इलेक्टिव सर्जरी होती है। आपात सर्जरी किसी हालत में नहीं रोकी जाती है जबकि इलेक्टिव सर्जरी में मरीज को कुछ दिन का समय दिया जाता है। 42 दिनों बाद ऐसी सर्जरी होती है। हमारे पास सभी चीजें उपलब्ध है।
- डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।
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200 बिस्तरों का अस्पताल बनेगा तो सुधरेंगे हालात
अभी नागरिक अस्पताल में दो सर्जन, एक नेत्र रोग विशेषज्ञ, दो कान-नाक-गला रोग विशेषज्ञ, दो महिला रोग विशेषज्ञ कार्यरत हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञ के लिए अलग ऑपरेशन व्यवस्था है। बाकी के लिए एक ही ऑपरेशन थिएटर हैं। ऐसे में एक विशेषज्ञ को मरीजों का ऑपरेशन करने के लिए सप्ताह में दो दिन मिलते हैं। ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों की मानें तो एक चिकित्सक दिन में चार से पांच ऑपरेशन करते हैं। कुछ जटिल तो कुछ सामान्य ऑपरेशन होते हैं। इसके अलावा आपातकाल में होने वाले ऑपरेशन अलग हैं। नागरिक अस्पताल कहने को तो 200 बिस्तरों का अस्पताल है लेकिन जगह की कमी के कारण धरातल में 50 प्रतिशत ही बिस्तरों का अस्पताल चल रहा है। 200 बिस्तरों का होगा तो ऑपरेशन थिएटर का भी दायरा बढ़ता।
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ईएनटी का अगल से बनेगा वार्ड
नागरिक अस्पताल में कान-नाक-गला (ईएनटी) का अलग वार्ड बनना प्रस्तावित है। सर्जरी की व्यवस्था भी अलग होनी है। यदि यह वार्ड अलग बनता है तो कुछ हद तक ऑपरेशन थिएटर पर भार कम होगा। इसके लिए प्रक्रिया चल रही है।
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सर्जरी दो प्रकार की होती है। एक आपात व दूसरी इलेक्टिव सर्जरी होती है। आपात सर्जरी किसी हालत में नहीं रोकी जाती है जबकि इलेक्टिव सर्जरी में मरीज को कुछ दिन का समय दिया जाता है। 42 दिनों बाद ऐसी सर्जरी होती है। हमारे पास सभी चीजें उपलब्ध है।
- डॉ. कृष्ण कुमार, सिविल सर्जन, रेवाड़ी।