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Rewari News: फसल बीमा पोर्टल बंद, कैसे मिलेगा मुआवजा
Mon, 01 Apr 2024 05:37 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 01 Apr 2024 05:37 AM IST
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सौरभ जायसवाल
रेवाड़ी। फसल बीमा पोर्टल बंद होने के कारण किसान शुक्रवार को तेज हवा के साथ ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की जानकारी नहीं फीड कर पा रहे हैं। इसकी वजह से किसान क्षतिपूर्ति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि पोर्टल नहीं चला और आवेदन नहीं कर सके तो उनके नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी।
जिले में 29 मार्च को तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से खेत में तैयार गेहूं और काट कर रखी गई सरसों की फसल नष्ट हो गई थी। सब्जी की फसल को भी नुकसान पहुंचा था। किसान फसल के नुकसान की भरपाई के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सबसे अधिक समस्या उन किसानों को हो रही है जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा करवाया हुआ है। किसान नुकसान की जानकारी फसल बीमा योजना के क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाना चाहते हैं लेकिन पोर्टल अभी बंद है। किसान राजेश, रामपाल, विजय ने बताया कि किसानों ने बैंकों से संपर्क किया तो बताया गया है कि यह पोर्टल बंद है, इसमें बैंक कुछ भी नहीं कर सकता है । यदि पोर्टल जल्द नहीं खुला तो बहुत अधिक किसान नुकसान की भरपाई से वंचित रह जाएंगे। किसानों का कहना है कि फसल नुकसान की शिकायत तीन दिन के अंदर दर्ज नहीं होती है तो बीमा कंपनी बीमा देने से इनकार कर देती है। इसको लेक किसान काफी परेशान हैं।
फसल बीमा योजना का क्लेम लेने के लिए किसानों को 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग को फसल खराब होने की जानकारी देनी होती है। इसके बाद आवेदन करना होता है। फॉर्म में फसल खराब होने का कारण समेत अन्य जानकारी देनी होती है। इसके आलवा बीमा पॉलिसी की फोटोकॉपी की जरूरत होती है। आवेदन करने के कुछ दिनों के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी खेत का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करते हैं और सब कुछ सही पाए जाने पर किसान के बैंक अकाउंट में बीमा का पूरा क्लेम डाल दिया जाता है। संवाद
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क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
बारिश, तापमान, पाला, नमी आदि की स्थिति में किसानों को बहुत नुकसान होता है। इससे बचने के लिए किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बहुत कम पैसे देकर अपनी फसल का बीमा करवाने की सुविधा मिलती है। बीमा कवरेज के तहत अगर बीमित फसल नष्ट हो जाती है तो इसकी पूरी भरपाई जा जिम्मा बीमा कंपनी का होता है। इस बीमा के तहत खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें), तिलहन और वार्षिक वाणिज्यिक / वार्षिक बागवानी फसलें को कवर किया जाता है।
आवेदन की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन करने के लिए किसान किसी भी बैंक का बीमा करवाते हैं। इसके लिए उन्हें बैंक जाकर बस एक फॉर्म भरना पड़ता है और फिर उनके फसलों का बीमा हो जाता है। हालांकि, किसानों को अपने जमीन और अन्य कागजात को बैंक के पास जमा करना पड़ता है। दूसरी तरफ, अगर किसानों के पास पहले से किसी तरह का लोन या क्रेडिट कार्ड बना है तो वे उस बैंक से ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवा सकते हैं।
6 अप्रैल तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भरें फसल खराब होने की सूचना
एसडीएम रेवाड़ी विकास यादव ने कहा कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का दर्ज होना अनिवार्य है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 6 अप्रैल तक खोलने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से किसान अब सीधे ही आपदा से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ऐसे किसान जिनकी फसल बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई है, वे ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।
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रेवाड़ी। फसल बीमा पोर्टल बंद होने के कारण किसान शुक्रवार को तेज हवा के साथ ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की जानकारी नहीं फीड कर पा रहे हैं। इसकी वजह से किसान क्षतिपूर्ति को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि पोर्टल नहीं चला और आवेदन नहीं कर सके तो उनके नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी।
जिले में 29 मार्च को तेज हवा के साथ बारिश और ओलावृष्टि से खेत में तैयार गेहूं और काट कर रखी गई सरसों की फसल नष्ट हो गई थी। सब्जी की फसल को भी नुकसान पहुंचा था। किसान फसल के नुकसान की भरपाई के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। सबसे अधिक समस्या उन किसानों को हो रही है जिन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा करवाया हुआ है। किसान नुकसान की जानकारी फसल बीमा योजना के क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाना चाहते हैं लेकिन पोर्टल अभी बंद है। किसान राजेश, रामपाल, विजय ने बताया कि किसानों ने बैंकों से संपर्क किया तो बताया गया है कि यह पोर्टल बंद है, इसमें बैंक कुछ भी नहीं कर सकता है । यदि पोर्टल जल्द नहीं खुला तो बहुत अधिक किसान नुकसान की भरपाई से वंचित रह जाएंगे। किसानों का कहना है कि फसल नुकसान की शिकायत तीन दिन के अंदर दर्ज नहीं होती है तो बीमा कंपनी बीमा देने से इनकार कर देती है। इसको लेक किसान काफी परेशान हैं।
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फसल बीमा योजना का क्लेम लेने के लिए किसानों को 72 घंटे के भीतर कृषि विभाग को फसल खराब होने की जानकारी देनी होती है। इसके बाद आवेदन करना होता है। फॉर्म में फसल खराब होने का कारण समेत अन्य जानकारी देनी होती है। इसके आलवा बीमा पॉलिसी की फोटोकॉपी की जरूरत होती है। आवेदन करने के कुछ दिनों के बाद बीमा कंपनी के प्रतिनिधि और कृषि विभाग के कर्मचारी खेत का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करते हैं और सब कुछ सही पाए जाने पर किसान के बैंक अकाउंट में बीमा का पूरा क्लेम डाल दिया जाता है। संवाद
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क्या है प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
बारिश, तापमान, पाला, नमी आदि की स्थिति में किसानों को बहुत नुकसान होता है। इससे बचने के लिए किसान को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बहुत कम पैसे देकर अपनी फसल का बीमा करवाने की सुविधा मिलती है। बीमा कवरेज के तहत अगर बीमित फसल नष्ट हो जाती है तो इसकी पूरी भरपाई जा जिम्मा बीमा कंपनी का होता है। इस बीमा के तहत खाद्य फसलें (अनाज, बाजरा और दालें), तिलहन और वार्षिक वाणिज्यिक / वार्षिक बागवानी फसलें को कवर किया जाता है।
आवेदन की प्रक्रिया
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत आवेदन करने के लिए किसान किसी भी बैंक का बीमा करवाते हैं। इसके लिए उन्हें बैंक जाकर बस एक फॉर्म भरना पड़ता है और फिर उनके फसलों का बीमा हो जाता है। हालांकि, किसानों को अपने जमीन और अन्य कागजात को बैंक के पास जमा करना पड़ता है। दूसरी तरफ, अगर किसानों के पास पहले से किसी तरह का लोन या क्रेडिट कार्ड बना है तो वे उस बैंक से ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवा सकते हैं।
6 अप्रैल तक ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भरें फसल खराब होने की सूचना
एसडीएम रेवाड़ी विकास यादव ने कहा कि ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन करने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर फसल का दर्ज होना अनिवार्य है। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल 6 अप्रैल तक खोलने का निर्णय लिया है। इसके माध्यम से किसान अब सीधे ही आपदा से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। ऐसे किसान जिनकी फसल बारिश व ओलावृष्टि के कारण खराब हुई है, वे ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।