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हौद में मृत सांड मिलने से ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:50 AM IST
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गांव औलांत के जल घर में बने हौद के कुएं में गली-सड़ी अवस्था में सांड के मिलने से ग्रामीणों में रोष उत्पन्न हो गया। लोगों ने मरे हुए सांड को देखा तो उनका गुस्सा फूट पड़ा।
ग्रामीणों ने जल घर में जाकर विभाग को इस बारे में सूचित किया और कहा कि यदि जल्द ही इसे बाहर नहीं निकाला गया तो ग्रामीण जल घर के आगे धरने पर बैठ जाएंगे।
सूचना पाकर एसडीएम कोसली, तहसीलदार लीलूराम, जेई व कार्यकारी अभियंता, एसएचओ पवन कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को ठोस आश्वासन दिया कि जल्द ही जल घर को नया रूप दिया जाएगा।
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बाद में हौद से सांड को निकालने की बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इसकी हालत देखने से लगता है कि सांड पिछले 10 दिनों से हौद में मृत पड़ा है और वह दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
पूर्व सरपंच शक्ति सिंह, रामपाल सिंह, रामफल, भीम सिंह, अजय, सतीश नंबरदार, पूर्व पंच शमशेर, रविंद्र ने बताया कि गांव का विक्की वाल्मीकि बृहस्पतिवार सुबह जल घर की तरफ घूमने के लिए आया था।
वह जल घर में बने वाटर टैंक की तरफ गया तो उसने बदबू महसूस की। जब उसने वाटर टैंक के नजदीक जाकर देखा तो उसमें सांड दिखाई दिया जो कि मरा हुआ था। उसकी सूचना पर अन्य ग्रामीण जल घर पहुंचे। ग्रामीणों ने अंदेशा जताया कि सांड 10 दिन पूर्व ही इसमें गिरा है।
ग्रामीणों ने कहा कि जल घर में साफ-सफाई का बुरा हाल है और कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति वफादार नहीं है। यहां दो कर्मचारियों की ड्यूटी होने के बावजूद भी हौद में मरे सांड का पता नहीं लग सका।
बाद में ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत जेई व एसडीओ को दी। एक्सइन जितेंद्र हुड्डा व जेई जय कुमार मौके पर पहुंचे और सांड को निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि ग्रामीण एसडीएम व डीसी को बुलाने पर अड़ गए। बाद में एसडीएम के पहुंचने पर ही सांड को निकाला गया।
वर्जन-
जल घर औलांत को नया रूप दिया जाएगा, वो दीपावली से पहले। चार दीवारी का पुनर्निर्माण करवाया जाए। हौद के चारों तरफ जाली लगवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट वे विभाग को भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि जल घर में एक सप्ताह के अंदर सुधार न आए तो वह उन्हें सूचित करें।
निर्मल नागरस, एसडीएम, कोसली
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ग्रामीणों ने जल घर में जाकर विभाग को इस बारे में सूचित किया और कहा कि यदि जल्द ही इसे बाहर नहीं निकाला गया तो ग्रामीण जल घर के आगे धरने पर बैठ जाएंगे।
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सूचना पाकर एसडीएम कोसली, तहसीलदार लीलूराम, जेई व कार्यकारी अभियंता, एसएचओ पवन कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को ठोस आश्वासन दिया कि जल्द ही जल घर को नया रूप दिया जाएगा।
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बाद में हौद से सांड को निकालने की बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई। ग्रामीणों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि इसकी हालत देखने से लगता है कि सांड पिछले 10 दिनों से हौद में मृत पड़ा है और वह दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।
पूर्व सरपंच शक्ति सिंह, रामपाल सिंह, रामफल, भीम सिंह, अजय, सतीश नंबरदार, पूर्व पंच शमशेर, रविंद्र ने बताया कि गांव का विक्की वाल्मीकि बृहस्पतिवार सुबह जल घर की तरफ घूमने के लिए आया था।
वह जल घर में बने वाटर टैंक की तरफ गया तो उसने बदबू महसूस की। जब उसने वाटर टैंक के नजदीक जाकर देखा तो उसमें सांड दिखाई दिया जो कि मरा हुआ था। उसकी सूचना पर अन्य ग्रामीण जल घर पहुंचे। ग्रामीणों ने अंदेशा जताया कि सांड 10 दिन पूर्व ही इसमें गिरा है।
ग्रामीणों ने कहा कि जल घर में साफ-सफाई का बुरा हाल है और कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति वफादार नहीं है। यहां दो कर्मचारियों की ड्यूटी होने के बावजूद भी हौद में मरे सांड का पता नहीं लग सका।
बाद में ग्रामीणों ने इसकी सूचना तुरंत जेई व एसडीओ को दी। एक्सइन जितेंद्र हुड्डा व जेई जय कुमार मौके पर पहुंचे और सांड को निकलवाने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि ग्रामीण एसडीएम व डीसी को बुलाने पर अड़ गए। बाद में एसडीएम के पहुंचने पर ही सांड को निकाला गया।
वर्जन-
जल घर औलांत को नया रूप दिया जाएगा, वो दीपावली से पहले। चार दीवारी का पुनर्निर्माण करवाया जाए। हौद के चारों तरफ जाली लगवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि कार्यरत कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाही अमल में लाई जाएगी। जिसकी रिपोर्ट वे विभाग को भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि जल घर में एक सप्ताह के अंदर सुधार न आए तो वह उन्हें सूचित करें।
निर्मल नागरस, एसडीएम, कोसली