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वाहन शोरूम संचालक के खाते से उड़ाए 8.50 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:22 AM IST
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रेवाड़ी में डुप्लीकेट चेक के जरिये वाहन शोरूम संचालक से 8.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। ठग ने बैंक ऑफ बड़ौदा में खुद को शोरूम कर्मी बताकर मुंबई के खाताधारक के नंबर पर आरटीजीएस कराया था। फिलहाल सिटी पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
पुलिस के अनुसार दिल्ली रोड स्थित एक दुपहिया वाहन शोरूम के संचालक का बैंक आफ बड़ौदा में अकाउंट है, जिसकी लिमिट एक करोड़ 25 लाख रुपये निर्धारित है। इसी वर्ष 21 मार्च को एक व्यक्ति फर्म के नाम से 8 लाख 50 हजार रुपये का चैक लेकर बैंक में पहुंचा। उसने बैंक अधिकारियों को बताया कि वह शोरूम से आया है और उसे मुंबई में आठ लाख 50 हजार रुपये की आरटीजीएस करनी है। चेक पर शोरूम के प्रोपराइटर के हस्ताक्षर थे। अधिकारियों ने बैंक आए व्यक्ति से चेक के पीछे मोबाइल नंबर ले लिए। बैंक अधिकारियों ने जांच के बाद चैक पर हुए हस्ताक्षर व अन्य जानकारी सही पाई गई, जिसके बाद मुंबई के कालबादेवी स्थित कार्पोरेशन बैंक के एक खाते में आठ लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
चेक प्रोपराइटर के ही पास, कैसे हुई आरटीजीएस
करीब तीन बजे शोरूम के प्रोपराइटर का बैंक में फोन आया। उन्होंने बताया जिस चेक नंबर से आरटीजीएस की गई है वह चेक उसके पास है। जब चैक उसके पास है तो आरटीजीएस कैसे हो गई। कुछ समय बाद वे बैंक पहुंचे तथा प्रबंधक को चेक भी दिखाया। बैंक अधिकारी समझ गए कि किसी ने फर्जी चैक से पैसे ट्रांसफर कराए हैं। बैंक अधिकारी दोपहर बाद कार्पोरेशन बैंक शाखा में आरटीजीएस रुकवाने के लिए भी पहुंचे, परंतु तब तक यह राशि मुंबई में निकाली जा चुकी थी। जांच के बाद पता चला कि मुंबई कालबादेवी स्थित कार्पोरेशन बैंक में जिस व्यक्ति के खाते में साढ़े आठ लाख रुपये ट्रांसफर किए गए है, वह किसी विजय रामेश्वर यादव के नाम पर है।
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मामले की जांच की जा रही है: चौकी इंचार्ज
-मामले की जांच की जा रही है। केस दर्ज कर विजय रामेश्वर यादव की तलाश भी शुरू कर गई गई है।
राम सिंह, चौकी इंचार्ज, गोकल गेट चौकी
पुलिस के अनुसार दिल्ली रोड स्थित एक दुपहिया वाहन शोरूम के संचालक का बैंक आफ बड़ौदा में अकाउंट है, जिसकी लिमिट एक करोड़ 25 लाख रुपये निर्धारित है। इसी वर्ष 21 मार्च को एक व्यक्ति फर्म के नाम से 8 लाख 50 हजार रुपये का चैक लेकर बैंक में पहुंचा। उसने बैंक अधिकारियों को बताया कि वह शोरूम से आया है और उसे मुंबई में आठ लाख 50 हजार रुपये की आरटीजीएस करनी है। चेक पर शोरूम के प्रोपराइटर के हस्ताक्षर थे। अधिकारियों ने बैंक आए व्यक्ति से चेक के पीछे मोबाइल नंबर ले लिए। बैंक अधिकारियों ने जांच के बाद चैक पर हुए हस्ताक्षर व अन्य जानकारी सही पाई गई, जिसके बाद मुंबई के कालबादेवी स्थित कार्पोरेशन बैंक के एक खाते में आठ लाख 50 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
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चेक प्रोपराइटर के ही पास, कैसे हुई आरटीजीएस
करीब तीन बजे शोरूम के प्रोपराइटर का बैंक में फोन आया। उन्होंने बताया जिस चेक नंबर से आरटीजीएस की गई है वह चेक उसके पास है। जब चैक उसके पास है तो आरटीजीएस कैसे हो गई। कुछ समय बाद वे बैंक पहुंचे तथा प्रबंधक को चेक भी दिखाया। बैंक अधिकारी समझ गए कि किसी ने फर्जी चैक से पैसे ट्रांसफर कराए हैं। बैंक अधिकारी दोपहर बाद कार्पोरेशन बैंक शाखा में आरटीजीएस रुकवाने के लिए भी पहुंचे, परंतु तब तक यह राशि मुंबई में निकाली जा चुकी थी। जांच के बाद पता चला कि मुंबई कालबादेवी स्थित कार्पोरेशन बैंक में जिस व्यक्ति के खाते में साढ़े आठ लाख रुपये ट्रांसफर किए गए है, वह किसी विजय रामेश्वर यादव के नाम पर है।
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मामले की जांच की जा रही है: चौकी इंचार्ज
-मामले की जांच की जा रही है। केस दर्ज कर विजय रामेश्वर यादव की तलाश भी शुरू कर गई गई है।
राम सिंह, चौकी इंचार्ज, गोकल गेट चौकी