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रिकार्ड में हेराफेरी कर हड़पी करोड़ों की जमीन, मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:59 AM IST
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- फोटो : MID DAY
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रेवाड़ी में सर्कुलर रोड के किनारे स्थित करोड़ों की जमीन की धोखाधड़ी का मामला प्रकाश में आया है। मामले में डीसी ऑफिस का रिटायर्ड क्लर्क और पटवारी भी आरोपी हैं। सिटी पुलिस ने उक्त दोनों रिटायर्ड कर्मचारियों के अलावा धोखाधड़ी से जमीन हड़पने वाले लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दो कर्मियों पर सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने के भी आरोप हैं।
सिटी थाने में दर्ज कराई शिकायत में गांव बुढ़पुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने शहर निवासी ऊषा गोयल और तरुण गोयल से सर्कुलर रोड पर हरिओम लैब के सामने आठ बीघा जमीन का सौदा किया था। आरोप है कि अलीगढ़ निवासी नीरज गुप्ता, दिल्ली के चावड़ी बाजार निवासी विश्वनाथ ने डीसी ऑफिस के रिटायर्ड क्लर्क और वर्तमान में उर्दू ट्रांसलेटर हीरालाल और रिटायर्ड पटवारी रंगलाल के साथ मिलकर जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर लिया। जमीन से नीरज गुप्ता और विश्वनाथ का कोई संबंध नहीं था। मनोज ने बताया कि उक्त पटवारी व क्लर्क की मदद से दोनों ने जमीन का फर्जी इंतकाल भी दर्ज कर लिया और एसडीएम के सामने पेश कर जमीन पर कब्जा कर लिया।
अपने स्तर पर एकत्रित किए फर्जीवाड़े के सबूत
जमीन पर कब्जे करने के बारे में जैसे ही मनोज को पता लगा उसने छानबीन शुरू कर उक्त फर्जी कागजातों को एकत्रित किया। इसी साल 23 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सिटी पुलिस ने मामले की जांच की तो परतें उठनी शुरू हो गईं। मामले में नीरज गुप्ता, विश्वनाथ, पूर्व कर्मचारी हीरालाल और पटवारी रंगलाल की धोखाधड़ी सामने आ गई। सिटी पुलिस ने बीती शाम मनोज कुमार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने और फर्जी कागज से जमीन पर कब्जा करने के अलावा विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा। - रामसिंह, एएसआई, जांचकर्ता, सिटी थाना
सिटी थाने में दर्ज कराई शिकायत में गांव बुढ़पुर निवासी मनोज कुमार ने बताया कि वर्ष 2013 में उसने शहर निवासी ऊषा गोयल और तरुण गोयल से सर्कुलर रोड पर हरिओम लैब के सामने आठ बीघा जमीन का सौदा किया था। आरोप है कि अलीगढ़ निवासी नीरज गुप्ता, दिल्ली के चावड़ी बाजार निवासी विश्वनाथ ने डीसी ऑफिस के रिटायर्ड क्लर्क और वर्तमान में उर्दू ट्रांसलेटर हीरालाल और रिटायर्ड पटवारी रंगलाल के साथ मिलकर जमीन के फर्जी कागजात तैयार कर लिया। जमीन से नीरज गुप्ता और विश्वनाथ का कोई संबंध नहीं था। मनोज ने बताया कि उक्त पटवारी व क्लर्क की मदद से दोनों ने जमीन का फर्जी इंतकाल भी दर्ज कर लिया और एसडीएम के सामने पेश कर जमीन पर कब्जा कर लिया।
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अपने स्तर पर एकत्रित किए फर्जीवाड़े के सबूत
जमीन पर कब्जे करने के बारे में जैसे ही मनोज को पता लगा उसने छानबीन शुरू कर उक्त फर्जी कागजातों को एकत्रित किया। इसी साल 23 फरवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सिटी पुलिस ने मामले की जांच की तो परतें उठनी शुरू हो गईं। मामले में नीरज गुप्ता, विश्वनाथ, पूर्व कर्मचारी हीरालाल और पटवारी रंगलाल की धोखाधड़ी सामने आ गई। सिटी पुलिस ने बीती शाम मनोज कुमार की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी कर जमीन हड़पने और फर्जी कागज से जमीन पर कब्जा करने के अलावा विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा। - रामसिंह, एएसआई, जांचकर्ता, सिटी थाना