Rewari: जमीनी विवाद में सगे भाइयों में चले जमकर लाठी-फरसे, दोनों पक्षों के कई लोग घायल
रेवाड़ी पुलिस बयान में बताया कि जब वह खेत में ज्वार काटने के लिए गया तो उसका फव्वारा पाइप खुला हुआ था। उसने भाई सतबीर से बात की तो सतबीर, उसके बेटे पवन व हुकम ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पर उसकी पत्नी और बेटी से भी मारपीट की गई। परिजनों ने बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया।
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रेवाड़ी के बवाना गुर्जर में जमीनी विवाद के चलते सगे भाइयों ने आपस में जमकर कुल्हाड़ी चलाई। दोनों पक्षों के कई लोग घायल होकर अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है। सतबीर व उसके भाई सुरेश का जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया। सुरेश ने पुलिस बयान में बताया कि पुस्तैनी खेती की जमीन का बंटवारा करने के लिए उसने भाई सतबीर को खेत में बुलाया था।
बीच-बचाव करने पर उसकी पत्नी और बेटी से भी मारपीट
सतबीर जमीन के बीच का हिस्सा लेने की जिद कर रहा था। इसके बाद बिना बंटवारा किए वह वापस आ गए। उसने पुलिस बयान में बताया कि जब वह खेत में ज्वार काटने के लिए गया तो उसका फव्वारा पाइप खुला हुआ था। उसने भाई सतबीर से बात की तो सतबीर, उसके बेटे पवन व हुकम ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने पर उसकी पत्नी और बेटी से भी मारपीट की गई। परिजनों ने बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया।
सतबीर ने लगाया बेटे पर हमले का आरोप
सतबीर ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया कि जब उसका लड़का बाहर से घर की ओर आ रहा था, तो सुरेश ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बेटे के चिल्लाने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचा तो उस पर भी कुल्हाड़ी से हमला करते हुए जान से मारने की धमकी की। उसके बेटे पवन व पड़ोस के लोगों ने बचाव करते हुए उन्हें अस्पताल में दाखिल कराया। पुलिस ने दोनों के बयान के आधार पर केस दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी।
नगर परिषद पर हाउस टैक्स रजिस्टर की नकल ना देने पर 15 हजार का जुर्माना
रेवाड़ी शहर के एक व्यक्ति को नगर परिषद में काफी चक्कर लगाने के बाद भी जब हाउस टैक्स की नकल नहीं दी तो उसने उपभोक्ता निवारण आयोग का दरवाजा खटखटाया। आयोग ने सुनवाई के बाद नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दोषी करार देते हुए 30 दिन के अंदर शिकायतकर्ता को हाउस टैक्स की नकल देने के साथ ही 15 हजार रुपए की मुआवजा राशि दिए जाने के आदेश दिए हैं।
प्रॉपर्टी आईडी से परेशान होकर मांगा था तीन मकानों का रिकॉर्ड
शहर के मोहल्ला बासिताबराय निवासी अरुण कुमार ने नगर परिषद रेवाड़ी से अपने तीन मकान नंबर 6926, 6926 ए तथा 6927 का हाउस टैक्स एसेसमेंट रजिस्टर 2019-20 की नकल देने के लिए नगर परिषद से आवेदन किया था। आवेदन करने के कई महीने बाद तक जब उसे नकल नहीं दी गई तो अरुण कुमार ने 11 सितंबर 2019 को सीएम विंडो पर कंप्लेंट भी फाइल कर दी। लेकिन 3 माह बीत जाने के बाद भी नगर परिषद ने उसे कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया, बल्कि उसके साथ आरोप है कि कर्मचारियों ने दुर्व्यवहार किया और एक खिड़की से दूसरी खिड़की पर उसे घुमाते रहे।
आयोग ने इसे नगर परिषद की कर्मचारियों की मनमानी करार दिया
जिसके बाद उसने 9 जनवरी 2020 को जिला उपभोक्ता निवारण आयोग के समक्ष याचिका दायर कर मांग की कि नगर परिषद से उसे मांगा गया रिकॉर्ड दिलाया जाए तथा उसके ऊपर जुर्माना लगाया। इस मामले में नगर परिषद ने अपना बचाव रखते हुए आरोप लगाए थे कि शिकायतकर्ता ने वांछित शुल्क जमा नहीं कराया है जिस कारण उन्हें नकल नहीं दी गई है । लेकिन नगर परिषद की ओर से पेश लिपिक के हलफनामा में विरोधाभास देखने को मिला और उसमें रिकॉर्ड तैयार होने की तारीख अलग दर्शाई गई थी। जिस कारण उपभोक्ता निवारण आयोग ने इसे नगर परिषद की कर्मचारियों की मनमानी करार दिया है।
यह मामला सेवाओं में कोताही बरतने की श्रेणी में आता
जिला उपभोक्ता निवारण आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार खंडूजा एवं सदस्य ऋषि दत्त कौशिक ने सबूतों के आधार पर माना कि नगर परिषद ने घोर लापरवाही की है जो सेवाओं में कोताही बरतने की श्रेणी में आता है। जिस कारण शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपए मानसिक प्रताड़ना के लिए बतौर मुआवजा दिए जाने के आदेश के साथ ही 30 दिन के अंदर सभी हाउस टैक्स रिकॉर्ड की कॉपी देने के आदेश जारी किए गए हैं।