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रेवाड़ी: बैंक खातों के कागजात व जानकारियां साइबर ठगों को बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, अन्य राज्यों से जुड़े हैं तार

Sun, 09 Jan 2022 07:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 09 Jan 2022 07:32 PM IST
सार

एक पीजी में रहने वाली युवती ने पुलिस को खाते से पैसे निकलने की शिकायत की थी। साउथ रेंज साइबर थाना पुलिस ने तीन सदस्यों को पकड़ा है। मामले में पीजी संचालक भी शामिल था, पीड़िता के खाते से राजस्थान और मुंबई से रुपये निकाले गए थे।

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Gang selling bank papers to cyber thugs busted in Rewari of Haryana
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।  - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के रेवाड़ी में साउथ रेंज साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह के तीन सदस्यों को पकड़ा है, जो निजी बैंकों में दूसरों के खाते खुलवा कर उनके कागजात व अन्य जानकारी साइबर ठगों को बेच देते थे। आरोपियों का संपर्क राजस्थान के जिला भरतपुर में सक्रिय साइबर ठगों से था।

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ठगों को बैंक खाते की जानकारी बेचने के इस खेल में एक पीजी संचालक भी शामिल था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जिले के गांव बोलनी निवासी पीजी संचालक हितेश सोनी, जिला गुरुग्राम के गांव तुर्कपुर निवासी रोहित उर्फ मोनू व जिला नूंह के गांव जफराबाद निवासी इनाम उर्फ इक्का है। 
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साइबर थाने में आयोजित पत्रकार वार्ता में डीएसपी अमित भाटिया ने बताया कि शहर के राजेश पायलट चौक स्थित एक पीजी में रहने वाली लड़की ने साइबर थाना में शिकायत दी थी कि उसके बैंक खाते से एक लाख 20 हजार रुपये निकासी हुई है। बैंक स्टेटमेंट उसकी ई-मेल अकाउंट पर आई थी।
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पीड़ित युवती ने बताया था कि खाते की उसके पास कोई जानकारी ही नहीं है। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता लगा कि युवती के खाते से पांच ट्रांजेक्शन राजस्थान के भरतपुर और पांच ट्रांजेक्शन मुंबई में हुई है। पुलिस ने बैंक में संपर्क कर खाते की जानकारी जुटाई तो पूरी साजिश से पर्दा उठता चला गया।

आरोपियों ने बेच दी थी खाते की डिटेल  

डीएसपी ने बताया कि राजेश पायलट चौक के निकट स्थित एक पीजी में रहने वालीं 16 लड़कियां बावल व धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित विभिन्न कंपनियों में कार्यरत हैं। उन्हें नए बैंक खाते खुलवाने थे। पीजी संचालक हितेश ने अपने दोस्त रोहित उर्फ मोनू के जरिये सभी के खाते भिवानी के गांव चांग स्थित एचडीएफसी बैंक में खुलवाए थे। खाते खुलने के बाद हितेश ने बैंक से मिली किट (जिसमें एटीएम कार्ड व अन्य कागजात थे) लड़कियों को नहीं दी और मोनू के जरिये इनाम उर्फ इक्का को बेच दी। इसके लिए मोनू को प्रति किट दो हजार रुपये मिले थे।

इनाम ने यह सभी किट राजस्थान के भरतपुर में सक्रिय साइबर ठगों को बेच दी। साइबर ठगों से इनाम को प्रति किट सात हजार रुपये मिले। पुलिस ने हितेश से 4500 रुपये, मोनू से 15 हजार रुपये व इनाम से एक मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने इनाम के खाते में जमा 45 हजार रुपये की राशि भी फ्रीज कराई है। पूछताछ में आरोपियों से 15 और खातों की जानकारी व कागजात बेचने की जानकारी सामने आई है। यह सभी खाते गुरुग्राम में खुलवाए गए थे। हितेश व मोनू का संपर्क इनाम से उनके एक दोस्त के जरिये हुआ था।

अंतरराज्यीय ठगों से जुड़े हैं तार  

डीएसपी अमित भाटिया ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी इनाम उर्फ इक्का से प्राथमिक पूछताछ में राजस्थान के जिला भरतपुर के कामां व अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर ठग से संपर्क होने की जानकारी सामने आई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है।

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