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रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर हड़पे छह लाख
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Fri, 22 Jul 2016 12:39 AM IST
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उपमंडल के कोसली गांव के एक व्यक्ति ने तीन लोगों पर रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर छह लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है।
कोसली गांव निवासी सतबीर ने बताया कि उसका लिलोढ़ गांव के सुरेश से नजदीकी परिचय था। सुरेश ने उस छह लाख रुपये में अपने दो दोस्तों के माध्यम से रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही। वह सुरेश की बातों में आ गया। सुरेश ने उसे रेलवे में भर्ती के लिए मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के निसातपुरावासी राजेश वधवा के पास भेज दिया।
राजेश उसे महाराष्ट्र के भुसावल स्थित मध्यम रेलवे के डीआरएम कार्यालय ले गया। वहां उसे रेलवे के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी शेख फारुख निवासी जिला जलगांव से मिलवाया। दोनों ने रेलवे के डीआरएम अस्पताल में उसका मेडिकल कराया। इस तरह चार बार भुसावल बुलाने के बाद उससे कहा कि उसका चयन रेलवे के टीई के पद पर हो गया है।
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कुछ समय बाद कॉल कर उसे बुला लिया जाएगा, लेकिन उसके बाद उनका कोई बुलावा नहीं आया। इस सबंध में सुरेश कुमार से संपर्क किया तो सुरेश उसे चेन्नई ले गया और राजेश वधवा के पास छोड़कर वापस आ गया। तीन दिन बाद राजेश वधवा ने पद खाली नहीं होने की कहकर उसे पुन: घर भेज दिया और उसे रेलवे में नियुक्ति संबंधी कुछ छायापत्र भी दिए। राजेश ने कहा कि पद खाली होते ही उसे बुला लिया जाएगा, लेकिन वहा से कोई बुलावा नही आया।
उसने फिर सुरेश वधवा से संपर्क कर भुसावल में 20 मार्च 2014 से 4 जून 2014 तक राजेश वधवा व शेख फारूख को दिए 4 लाख 50 हजार रुपये और रेवाड़ी में राजेश वधवा को दिए गए 1 लाख 50 हजार रूपये वापस दिलाने की मांग की। सुरेश के कहने पर राजेेश ने उसे एक लाख रुपये का चैक दिया जो बाउंस हो गया। ज्यादा दबाव देने एवं शिकायत करने पर सुरेश ने उसे जान से मरवाने की धमकी दी।
उसने मामले की शिकायत रेेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को की। पुलिस अधीक्षक के अपराध शाखा से जांच कराने के बाद कोसली पुलिस को मामला दर्ज कराने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
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कोसली गांव निवासी सतबीर ने बताया कि उसका लिलोढ़ गांव के सुरेश से नजदीकी परिचय था। सुरेश ने उस छह लाख रुपये में अपने दो दोस्तों के माध्यम से रेलवे में नौकरी लगवाने की बात कही। वह सुरेश की बातों में आ गया। सुरेश ने उसे रेलवे में भर्ती के लिए मध्यप्रदेश के भोपाल जिले के निसातपुरावासी राजेश वधवा के पास भेज दिया।
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राजेश उसे महाराष्ट्र के भुसावल स्थित मध्यम रेलवे के डीआरएम कार्यालय ले गया। वहां उसे रेलवे के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी शेख फारुख निवासी जिला जलगांव से मिलवाया। दोनों ने रेलवे के डीआरएम अस्पताल में उसका मेडिकल कराया। इस तरह चार बार भुसावल बुलाने के बाद उससे कहा कि उसका चयन रेलवे के टीई के पद पर हो गया है।
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कुछ समय बाद कॉल कर उसे बुला लिया जाएगा, लेकिन उसके बाद उनका कोई बुलावा नहीं आया। इस सबंध में सुरेश कुमार से संपर्क किया तो सुरेश उसे चेन्नई ले गया और राजेश वधवा के पास छोड़कर वापस आ गया। तीन दिन बाद राजेश वधवा ने पद खाली नहीं होने की कहकर उसे पुन: घर भेज दिया और उसे रेलवे में नियुक्ति संबंधी कुछ छायापत्र भी दिए। राजेश ने कहा कि पद खाली होते ही उसे बुला लिया जाएगा, लेकिन वहा से कोई बुलावा नही आया।
उसने फिर सुरेश वधवा से संपर्क कर भुसावल में 20 मार्च 2014 से 4 जून 2014 तक राजेश वधवा व शेख फारूख को दिए 4 लाख 50 हजार रुपये और रेवाड़ी में राजेश वधवा को दिए गए 1 लाख 50 हजार रूपये वापस दिलाने की मांग की। सुरेश के कहने पर राजेेश ने उसे एक लाख रुपये का चैक दिया जो बाउंस हो गया। ज्यादा दबाव देने एवं शिकायत करने पर सुरेश ने उसे जान से मरवाने की धमकी दी।
उसने मामले की शिकायत रेेवाड़ी पुलिस अधीक्षक को की। पुलिस अधीक्षक के अपराध शाखा से जांच कराने के बाद कोसली पुलिस को मामला दर्ज कराने के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।