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विदेशी नागरिकता दिलाने के नाम पर 30 लाख ठगे
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Wed, 13 Apr 2016 12:57 AM IST
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विदेशों में सेटेल करने के नाम पर लाखों रुपये की कबूतरबाजी का एक मामला सामने आया है। रोहतक में एसटैक का कोर्स करने वाली कोसली निवासी पीड़ित युवती ने हिमाचल प्रदेश निवासी पिता-पुत्र पर 30 लाख रुपये आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर ठगने की शिकायत रेवाड़ी जिले के कोसली थाने में दर्ज कराई है।
इसके साथ ही रकम मांगने पर मंत्री व अधिकारियों का रसूख दिखाकर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी का भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का कहना है कि उसके पिता हत्या के मामले में झूठी गवाही देने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं और वहीं उनकी मुलाकात कबूतरबाजी करने वाले आरोपियों से हुई थी।
जेल में पिता से दोस्ती बढ़ाई, लग्जरी गाड़ी दिखा बुना जाल
नेहा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता हरीश कुमार हत्या के मामले में झूठी गवाही देने के मामले में पिछले सात साल से गुडग़ांव स्थित भौंडसी जेल में सजा काट रहे हैं। दिल की बीमारी होने के चलते उन्हें रोहतक स्थित जेल सुनारिया स्थानांतरित कर दिया गया। जहां से उनका रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा था। वहां उनकी मुलाकात अगस्त, 2013 में धोखाधड़ी के मामले में सजा काट रहे राजपाल से हुई। राजपाल हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के निवासी है।
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राजपाल ने पिता से परिवार की जानकारी लेकर राजपाल ने अपने बेटे हीरा के चाइना और आस्ट्रेलिया में आने-जाने और बेटी के भी थाईलैंड में रहने की बात कहते हुए एक बेटी को थाईलैंड या आस्ट्रेलिया में सेटल कराने की बात कही। लेकिन पिता ने मना कर दिया। हरीश के मना करने के बावजूद राजपाल ने आर्थिक रूप से सक्षम परिवार को फांसने का जाल बुन लिया। नेहा ने बताया कि जमानत पर छूटने के बाद राजपाल अपने बेटे हीरा के साथ वीआईपी नंबर युक्त लग्जरी कार से आया।
15 लाख रुपये लिये नकद, बाकी करवाए बैंक में जमा
घर आने के बाद राजपाल बोला कि जेल में पिता से मुलाकात हुई थी और उन्होंने बेटी को आस्ट्रेलिया में सेटल कराने को कहा है। उन्होंने बताया कि कुल खर्च 50 लाख रुपये आएगा, जिसमें से 30 लाख रुपये नकद और 20 लाख रुपये सरकारी लोन से मिलेगा। भविष्य की खातिर मां ने किसी तरह कागजी कार्रवाई के लिए 30 लाख रुपये जमा किए। फोन करने पर आए राजपाल और उसके बेटे ने 15 लाख रुपये नकद लिये। जबकि शेष 15 लाख रुपये उसके हिमाचल स्थित बैंक खाते में जमा करने को कहा। जिसे उन्होंने राजपाल के एकाउंट में जमा भी करा दिया। पिता के पेरोल पर छूटने पर धोखाधड़ी होने का पता चला। मिले नंबर पर रुपये मांगने पर एक बार 45 हजार रुपये दिये। दोबारा मांगे तो दोनों ने रसूख बताते हुए जान से मारने की धमकी दी।
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आरोपियों के खिलाफ मिले सबूतों और अन्य जानकारी के आधार पर शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा।
-मंगतूराम, जांचकर्ता, कोसली थाना
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इसके साथ ही रकम मांगने पर मंत्री व अधिकारियों का रसूख दिखाकर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी का भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का कहना है कि उसके पिता हत्या के मामले में झूठी गवाही देने के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं और वहीं उनकी मुलाकात कबूतरबाजी करने वाले आरोपियों से हुई थी।
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जेल में पिता से दोस्ती बढ़ाई, लग्जरी गाड़ी दिखा बुना जाल
नेहा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता हरीश कुमार हत्या के मामले में झूठी गवाही देने के मामले में पिछले सात साल से गुडग़ांव स्थित भौंडसी जेल में सजा काट रहे हैं। दिल की बीमारी होने के चलते उन्हें रोहतक स्थित जेल सुनारिया स्थानांतरित कर दिया गया। जहां से उनका रोहतक पीजीआई में उपचार चल रहा था। वहां उनकी मुलाकात अगस्त, 2013 में धोखाधड़ी के मामले में सजा काट रहे राजपाल से हुई। राजपाल हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के निवासी है।
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राजपाल ने पिता से परिवार की जानकारी लेकर राजपाल ने अपने बेटे हीरा के चाइना और आस्ट्रेलिया में आने-जाने और बेटी के भी थाईलैंड में रहने की बात कहते हुए एक बेटी को थाईलैंड या आस्ट्रेलिया में सेटल कराने की बात कही। लेकिन पिता ने मना कर दिया। हरीश के मना करने के बावजूद राजपाल ने आर्थिक रूप से सक्षम परिवार को फांसने का जाल बुन लिया। नेहा ने बताया कि जमानत पर छूटने के बाद राजपाल अपने बेटे हीरा के साथ वीआईपी नंबर युक्त लग्जरी कार से आया।
15 लाख रुपये लिये नकद, बाकी करवाए बैंक में जमा
घर आने के बाद राजपाल बोला कि जेल में पिता से मुलाकात हुई थी और उन्होंने बेटी को आस्ट्रेलिया में सेटल कराने को कहा है। उन्होंने बताया कि कुल खर्च 50 लाख रुपये आएगा, जिसमें से 30 लाख रुपये नकद और 20 लाख रुपये सरकारी लोन से मिलेगा। भविष्य की खातिर मां ने किसी तरह कागजी कार्रवाई के लिए 30 लाख रुपये जमा किए। फोन करने पर आए राजपाल और उसके बेटे ने 15 लाख रुपये नकद लिये। जबकि शेष 15 लाख रुपये उसके हिमाचल स्थित बैंक खाते में जमा करने को कहा। जिसे उन्होंने राजपाल के एकाउंट में जमा भी करा दिया। पिता के पेरोल पर छूटने पर धोखाधड़ी होने का पता चला। मिले नंबर पर रुपये मांगने पर एक बार 45 हजार रुपये दिये। दोबारा मांगे तो दोनों ने रसूख बताते हुए जान से मारने की धमकी दी।
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आरोपियों के खिलाफ मिले सबूतों और अन्य जानकारी के आधार पर शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा।
-मंगतूराम, जांचकर्ता, कोसली थाना