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मुकदमा दर्ज किया,लेकिन नहीं की गिरफ्तारी
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sun, 04 Sep 2016 01:01 AM IST
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भौंडसी जेल में बंद रेवाड़ी के हत्यारोपी कैदी ने जेल अधीक्षक की 5 लाख रुपये की डिमांड पूरी नहीं की तो जेल अधीक्षक ने अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर विचाराधीन कैदी को पीट-पीटकर बेदम कर दिया। ये आरोप रेवाड़ी में रहने वाले कैदी के पिता ने लगाए हैं।
इस मामले में रेवाड़ी कोर्ट के आदेश पर हुए मेडिकल में लगभग दो दर्जन चोटों की पुष्टि के बाद सोहना कोर्ट में कैदी के पिता की ओर से याचिका डालने के बाद कोर्ट के आदेश पर जेल अधीक्षक समेत सात के खिलाफ भौंडसी थाने में मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है और पीड़ित के पिता ने न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है।
रेवाड़ी के गांव बासदूधा निवासी धर्मपाल ने अगस्त महीने में थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि हत्या के मामले में उसका बेटा राकेश और भतीजा गुड़गांव की भौंडसी जेल में विचाराधीन कैदी थे। जुलाई 2016 में रेवाड़ी कोर्ट से पेशी पर लौटने के बाद भौंडसी जेल वापस पंहुचा तो उसे जेल अधीक्षक और उप अधीक्षक ने जेल के गेट पर ही रोक लिया।
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यहां राकेश से पांच लाख रुपए की मांग की। असमर्थता जताने पर जेल अधीक्षक हरेंद्र चौधरी और उपजेल अधीक्षक रमेश ने अन्य जेल में तैनात कर्मियों के साथ मिलकर उसे पीटा और काफी देर तक पानी के टब में डुबाकर रखा।
रेवाड़ी कोर्ट ने दिए थे जिले में ही मेडिकल के आदेश
राकेश की पिटाई होने की जानकारी भतीजे ने जेल में लगे एसटीडी के मार्फत परिजनों को दी। मामले में जेल के डॉक्टर सुधीर चौधरी ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट में कोई भी चोट न होने की बात लिखी। मामले में पीड़ित के परिजनों ने रेवाड़ी कोर्ट में याचिका डाली। जिसके बाद रेवाड़ी कोर्ट ने रेवाड़ी में ही राकेश का मेडिकल करवाने का निर्देश दिया।
जेल के डॉक्टर की रिपोर्ट में चोट नहीं, बाद में निकलीं 21 चोट
भौंडसी जेल के डॉक्टर सुधीर चौधरी की रिपोर्ट में जहां राकेश के शरीर पर कोई चोट न होने की बात थी। वहीं रेवाड़ी में हुए चेकअप के बाद मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर में गुप्तांगों सहित 21 गंभीर चोटें दिखाई गई हैं। फिलहाल पीड़ित कैदी को भौंडसी से नारनौल जेल में है।
--------------
सोहना कोर्ट के आदेश पर भौंडसी थाने में जेल अधीक्षक व जेल डॉक्टर समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। मामले में अभी जांच जारी है।
-हवा सिंह, एसीपी, गुड़गांव
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इस मामले में रेवाड़ी कोर्ट के आदेश पर हुए मेडिकल में लगभग दो दर्जन चोटों की पुष्टि के बाद सोहना कोर्ट में कैदी के पिता की ओर से याचिका डालने के बाद कोर्ट के आदेश पर जेल अधीक्षक समेत सात के खिलाफ भौंडसी थाने में मुकदमा तो दर्ज हुआ, लेकिन गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है और पीड़ित के पिता ने न्याय न मिलने पर आत्महत्या करने की धमकी दी है।
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रेवाड़ी के गांव बासदूधा निवासी धर्मपाल ने अगस्त महीने में थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि हत्या के मामले में उसका बेटा राकेश और भतीजा गुड़गांव की भौंडसी जेल में विचाराधीन कैदी थे। जुलाई 2016 में रेवाड़ी कोर्ट से पेशी पर लौटने के बाद भौंडसी जेल वापस पंहुचा तो उसे जेल अधीक्षक और उप अधीक्षक ने जेल के गेट पर ही रोक लिया।
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यहां राकेश से पांच लाख रुपए की मांग की। असमर्थता जताने पर जेल अधीक्षक हरेंद्र चौधरी और उपजेल अधीक्षक रमेश ने अन्य जेल में तैनात कर्मियों के साथ मिलकर उसे पीटा और काफी देर तक पानी के टब में डुबाकर रखा।
रेवाड़ी कोर्ट ने दिए थे जिले में ही मेडिकल के आदेश
राकेश की पिटाई होने की जानकारी भतीजे ने जेल में लगे एसटीडी के मार्फत परिजनों को दी। मामले में जेल के डॉक्टर सुधीर चौधरी ने अपनी मेडिकल रिपोर्ट में कोई भी चोट न होने की बात लिखी। मामले में पीड़ित के परिजनों ने रेवाड़ी कोर्ट में याचिका डाली। जिसके बाद रेवाड़ी कोर्ट ने रेवाड़ी में ही राकेश का मेडिकल करवाने का निर्देश दिया।
जेल के डॉक्टर की रिपोर्ट में चोट नहीं, बाद में निकलीं 21 चोट
भौंडसी जेल के डॉक्टर सुधीर चौधरी की रिपोर्ट में जहां राकेश के शरीर पर कोई चोट न होने की बात थी। वहीं रेवाड़ी में हुए चेकअप के बाद मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित के शरीर में गुप्तांगों सहित 21 गंभीर चोटें दिखाई गई हैं। फिलहाल पीड़ित कैदी को भौंडसी से नारनौल जेल में है।
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सोहना कोर्ट के आदेश पर भौंडसी थाने में जेल अधीक्षक व जेल डॉक्टर समेत सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया था। मामले में अभी जांच जारी है।
-हवा सिंह, एसीपी, गुड़गांव