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हजारों की नकदी और जेवरात पर साफ
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Wed, 30 Sep 2015 12:29 AM IST
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गांव जाट भुड़थल में पूरा परिवार कुछ ही दूरी पर प्लॉट में हो रहे मकान निर्माण में हाथ बंटवा रहा था, उधर चोरों ने दिन-दहाड़े मकान में दाखिल होकर पोते के गुल्लक में जमा की गई दादा की पेंशन समेत हजारों रुपयों की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिए।
सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
गांव जाट भुड़थल में रहने वाले उजागरमल महेंद्र कुमार की गांव में ही किराने की दुकान है। मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे उनकी पत्नी प्रियंका और परिवार के अन्य सदस्य गांव से कुछ ही दूरी पर प्लाट में बन रहे उनके निर्माणाधीन मकान के काम में हाथ बंटवाने के लिए गए हुए थे।
साढ़े 12 बजे करीब पत्नी प्रियंका घर में खाना बनाने के लिए लौटी तो देखा मकान की कुंडी खुली है। अंदर दाखिल हुई तो देखा कमरों का सामान बिखरा हुआ है। चोर अलमारी का ताला तोड़कर करीब 50 हजार की नकदी और हजारों के जेवर ले गए हैं।
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बेटे की गुल्लक में थे कई हजार रुपये
वहीं बेटे हिमांशू की गुल्लक तोड़कर भी हजारों रुपये ले गए हैं। उजागरमल ने बताया कि उसके पिता महेंद्र कुमार अपने पोते की गुल्लक में पेंशन के हर महीने आने वाले 1200 रुपये डालते थे। वहीं जन्मदिन पर मिलने वाली रकम, जेबखर्च वगैरह भी सालों से गुल्लक में जमा हो रही थी। इस तरह गुल्लक में करीब 40 हजार रुपये थे।
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नहीं होती चोरियां, इसलिए नहीं लगाया ताला
उजागरमल ने बताया कि कम से कम पिछले 2 सालों में चोरी की यह गांव में पहली वारदात है। दिन-दहाड़े चोरी तो सालों से नहीं हुई, इस वजह से ही पत्नी बिना मकान का ताला बंद किए ही काम में हाथ बंटाने के लिए परिवार सहित चली गई। क्या पता था कि पीछे से यह घटना हो जाएगी।
साक्ष्य जुटाकर चोरों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम से नमूने लिए गए हैं। जल्द ही मामले का खुलासा होगा।
-भगत सिंह, एसएचओ, सदर थाना
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सूचना पर पहुंची सदर थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
गांव जाट भुड़थल में रहने वाले उजागरमल महेंद्र कुमार की गांव में ही किराने की दुकान है। मंगलवार दोपहर करीब 11 बजे उनकी पत्नी प्रियंका और परिवार के अन्य सदस्य गांव से कुछ ही दूरी पर प्लाट में बन रहे उनके निर्माणाधीन मकान के काम में हाथ बंटवाने के लिए गए हुए थे।
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साढ़े 12 बजे करीब पत्नी प्रियंका घर में खाना बनाने के लिए लौटी तो देखा मकान की कुंडी खुली है। अंदर दाखिल हुई तो देखा कमरों का सामान बिखरा हुआ है। चोर अलमारी का ताला तोड़कर करीब 50 हजार की नकदी और हजारों के जेवर ले गए हैं।
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बेटे की गुल्लक में थे कई हजार रुपये
वहीं बेटे हिमांशू की गुल्लक तोड़कर भी हजारों रुपये ले गए हैं। उजागरमल ने बताया कि उसके पिता महेंद्र कुमार अपने पोते की गुल्लक में पेंशन के हर महीने आने वाले 1200 रुपये डालते थे। वहीं जन्मदिन पर मिलने वाली रकम, जेबखर्च वगैरह भी सालों से गुल्लक में जमा हो रही थी। इस तरह गुल्लक में करीब 40 हजार रुपये थे।
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नहीं होती चोरियां, इसलिए नहीं लगाया ताला
उजागरमल ने बताया कि कम से कम पिछले 2 सालों में चोरी की यह गांव में पहली वारदात है। दिन-दहाड़े चोरी तो सालों से नहीं हुई, इस वजह से ही पत्नी बिना मकान का ताला बंद किए ही काम में हाथ बंटाने के लिए परिवार सहित चली गई। क्या पता था कि पीछे से यह घटना हो जाएगी।
साक्ष्य जुटाकर चोरों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम से नमूने लिए गए हैं। जल्द ही मामले का खुलासा होगा।
-भगत सिंह, एसएचओ, सदर थाना