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नहर में डूबने से एक छात्र की मौत दो घायल
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:52 AM IST
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स्कूल छोड़ नहर में नहाने पहुंचे तीन छात्र, एक डूबा दो को बचाया
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। वीरवार को स्कूल जाने के लिए घर से निकले शहर के एक स्कूल के तीन छात्र पटौदी रोड पर डोहकी गांव के समीप जवाहरलाल नेहरू कैनाल में नहाते समय डूब गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दो विद्यार्थियों को बचा लिया जबकि एक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। शहर की सुभाष बस्ती निवासी कक्षा दसवीं के छात्र प्रियांशु, नई आबादी निवासी यश और नाईवाली चौक निवासी पुनीत वीरवार सुबह स्कूटी पर सवार होकर घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे, लेकिन तीनों दोस्त स्कूल ना जाकर पटौदी रोड पर नहर में नहाने चले गए थे। तीनों एक साथ नहाने के लिए नहर में उतर गए। कुछ देर बाद जब तीनों छात्र डूबने लगे तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। छात्रों की चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचना दी गई थी। सूचना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और गोताखोरों की मदद से तीनों को बाहर निकालकर तुरंत ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्रियांशु को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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हवलदार के साहस ने बचाया दो छात्रों को
छात्रों की नहर में डूबने की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी की गाड़ी के चालक एवं हवलदार अरुण कुमार तुरंत नहर की तरफ दौड़ पड़े। अरुण ने छात्रों को देखते ही नहर में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक प्रियांशु की मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों बताया है कि हेडकांस्टेबल अरुण यदि साहस नहीं दिखाते तो दोनों बच्चों का भी बचना काफी मुश्किल था।
प्रियांशु के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नहर में नहाते समय डूबने से हुई प्रियांशु की मौत शायद उसे बुला रही थी। स्कूल जाने की बजाय तीनों छात्रा तैरना नहीं जानने के बावजूद नहर में नहाने के लिए पहुंच गए। सुबह एक बार बच्चों को स्कूल की वर्दी में नहर पर देखकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने उन्हें वहां से भगा दिया था, लेकिन होनी को कुछ ओर ही मंजूर था। ये छात्र वहां से कुछ दूरी पर चलकर सुनसान जगह नहर में नहाने लगे। प्रियांशु के पिता अनिल कुमार की भी करीब दो साल पूर्व एक हादसे में मौत हो चुकी है। इसके अलावा उसका बड़ा भाई जतिन भी एक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रियांशु परिवार के लिए इकलौता उम्मीद था लेकिन उसकी भी मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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वर्जन
तीनों छात्र स्कूल के लिए घर से निकले थे, लेकिन नहाने के लिए नहर पर चले गए। तैरना नहीं जानते थे इसलिए नहाते समय डूब गए, जिसमें एक छात्र की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। - ओमप्रकाश, जांच अधिकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। वीरवार को स्कूल जाने के लिए घर से निकले शहर के एक स्कूल के तीन छात्र पटौदी रोड पर डोहकी गांव के समीप जवाहरलाल नेहरू कैनाल में नहाते समय डूब गए। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दो विद्यार्थियों को बचा लिया जबकि एक की मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। शहर की सुभाष बस्ती निवासी कक्षा दसवीं के छात्र प्रियांशु, नई आबादी निवासी यश और नाईवाली चौक निवासी पुनीत वीरवार सुबह स्कूटी पर सवार होकर घर से स्कूल जाने के लिए निकले थे, लेकिन तीनों दोस्त स्कूल ना जाकर पटौदी रोड पर नहर में नहाने चले गए थे। तीनों एक साथ नहाने के लिए नहर में उतर गए। कुछ देर बाद जब तीनों छात्र डूबने लगे तो उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। छात्रों की चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम को भी सूचना दी गई थी। सूचना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों और गोताखोरों की मदद से तीनों को बाहर निकालकर तुरंत ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्रियांशु को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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हवलदार के साहस ने बचाया दो छात्रों को
छात्रों की नहर में डूबने की सूचना मिलते ही सदर थाना प्रभारी की गाड़ी के चालक एवं हवलदार अरुण कुमार तुरंत नहर की तरफ दौड़ पड़े। अरुण ने छात्रों को देखते ही नहर में छलांग लगा दी। काफी मशक्कत के बाद तीनों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक प्रियांशु की मौत हो चुकी थी। प्रत्यक्षदर्शियों बताया है कि हेडकांस्टेबल अरुण यदि साहस नहीं दिखाते तो दोनों बच्चों का भी बचना काफी मुश्किल था।
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प्रियांशु के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नहर में नहाते समय डूबने से हुई प्रियांशु की मौत शायद उसे बुला रही थी। स्कूल जाने की बजाय तीनों छात्रा तैरना नहीं जानने के बावजूद नहर में नहाने के लिए पहुंच गए। सुबह एक बार बच्चों को स्कूल की वर्दी में नहर पर देखकर खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों ने उन्हें वहां से भगा दिया था, लेकिन होनी को कुछ ओर ही मंजूर था। ये छात्र वहां से कुछ दूरी पर चलकर सुनसान जगह नहर में नहाने लगे। प्रियांशु के पिता अनिल कुमार की भी करीब दो साल पूर्व एक हादसे में मौत हो चुकी है। इसके अलावा उसका बड़ा भाई जतिन भी एक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया था। प्रियांशु परिवार के लिए इकलौता उम्मीद था लेकिन उसकी भी मौत के बाद परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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तीनों छात्र स्कूल के लिए घर से निकले थे, लेकिन नहाने के लिए नहर पर चले गए। तैरना नहीं जानते थे इसलिए नहाते समय डूब गए, जिसमें एक छात्र की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। - ओमप्रकाश, जांच अधिकारी