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भौंडसी जेल का वार्डर संदिग्ध परिस्थितियों में गायब 20-43-15
Updated Tue, 14 Aug 2018 02:00 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। गुरुग्राम के भौंडसी स्थित जेल के वार्डर पद पर कार्यरत जिले के लाखनौर के गांव हरिओम यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सोमवार की शाम को धारूहेड़ा की सहगल पेपर मिल में मिला है। शव पुरी तरह से क्षत-विक्षत होने के कारण मौत की वजह पता नहीं चल पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
अवकाश पर आने के बाद उसी दिन हुए गायब
पुलिस ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के गांव लाखनौर के रहने वाले हरिओम सिंह भौंडसी जेल में वार्डर थे तथा आठ अगस्त को वे अवकाश पर अपने घर आए थे। इसके बाद शाम को ही वे संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए। इसके बाद रविवार को सदर थाना पुलिस ने उनके भाई की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया था। उनके भाई राकेश यादव ने बताया कि उनका छोटा भाई आठ अगस्त को जेल से एक दिन के अवकाश पर आया था। शाम को घर से गए तथा देर रात तक घर नहीं पहुंचे। उनके घर नहीं पहुंचने के बाद जब तलाश की तो कोई सुराग नहीं लगा।
इसके बाद परिजनों ने लगातार चार दिनों तक सभी संभावित स्थानों पर तलाश की लेकिन जब भी कोई सुराग नहीं लगा तो रविवार को पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस एवं परिजन उनकी तलाश कर थे कि धारूहेड़ा पुलिस को सोमवार शाम करीब साढ़े 7 बजे सहगल पेपर मिल में एक शव पड़ा होने की जानकारी मिली। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव की शिनाख्त के प्रयास किए तो शर्ट की जेब से उनका पहचान पत्र बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। सूचना मिलने के बाद हरिओम के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि शव लगभग तीन-चार दिन पुराना होने के कारण पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका है। ऐसे में शरीर पर किसी भी तरह की चोट एवं अन्य निशान नहीं दिख रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम भी रोहतक पीजीआई में कराया जाएगा।
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शाम करीब साढ़े सात बजे सहगल पेपर मिल में शव होने की जानकारी मिली थी। उनकी पहचान जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर हुई है। शव पुराना होने के कारण क्षत-विक्षत हो चुका है इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
-जगदेव सिंह, थाना प्रभारी, धारूहेड़ा।
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रेवाड़ी। गुरुग्राम के भौंडसी स्थित जेल के वार्डर पद पर कार्यरत जिले के लाखनौर के गांव हरिओम यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव सोमवार की शाम को धारूहेड़ा की सहगल पेपर मिल में मिला है। शव पुरी तरह से क्षत-विक्षत होने के कारण मौत की वजह पता नहीं चल पाई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
अवकाश पर आने के बाद उसी दिन हुए गायब
पुलिस ने बताया कि सदर थाना क्षेत्र के गांव लाखनौर के रहने वाले हरिओम सिंह भौंडसी जेल में वार्डर थे तथा आठ अगस्त को वे अवकाश पर अपने घर आए थे। इसके बाद शाम को ही वे संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गए। इसके बाद रविवार को सदर थाना पुलिस ने उनके भाई की शिकायत पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया था। उनके भाई राकेश यादव ने बताया कि उनका छोटा भाई आठ अगस्त को जेल से एक दिन के अवकाश पर आया था। शाम को घर से गए तथा देर रात तक घर नहीं पहुंचे। उनके घर नहीं पहुंचने के बाद जब तलाश की तो कोई सुराग नहीं लगा।
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इसके बाद परिजनों ने लगातार चार दिनों तक सभी संभावित स्थानों पर तलाश की लेकिन जब भी कोई सुराग नहीं लगा तो रविवार को पुलिस को मामले की शिकायत दी। पुलिस एवं परिजन उनकी तलाश कर थे कि धारूहेड़ा पुलिस को सोमवार शाम करीब साढ़े 7 बजे सहगल पेपर मिल में एक शव पड़ा होने की जानकारी मिली। इसके बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो शव की शिनाख्त के प्रयास किए तो शर्ट की जेब से उनका पहचान पत्र बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। सूचना मिलने के बाद हरिओम के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने बताया कि शव लगभग तीन-चार दिन पुराना होने के कारण पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो चुका है। ऐसे में शरीर पर किसी भी तरह की चोट एवं अन्य निशान नहीं दिख रहे हैं। शव का पोस्टमार्टम भी रोहतक पीजीआई में कराया जाएगा।
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शाम करीब साढ़े सात बजे सहगल पेपर मिल में शव होने की जानकारी मिली थी। उनकी पहचान जेब से मिले पहचान पत्र के आधार पर हुई है। शव पुराना होने के कारण क्षत-विक्षत हो चुका है इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असल वजह सामने आएगी।
-जगदेव सिंह, थाना प्रभारी, धारूहेड़ा।