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सीवर लाईन खोदाई
Updated Sun, 14 Oct 2018 01:17 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। शहर से सटे गांव रामपुरा में शनिवार दोपहर को जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा डाली जा रही सीवर की लाइन की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से तीन श्रमिक दब गए। हादसे में एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए। घायलों में एक श्रमिक को रोहतक के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने लोगों की मदद से श्रमिक का शव बाहर निकाला।
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव रामपुरा में सीवर लाइन बिछाई जा रही है। शनिवार को रामपुरा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर जेसीबी से खोदाई की जा रही थी और खोदाई गई जगह पर श्रमिक नीचे लेवल करने का काम कर रहे थे। दोपहर में जब जेसीबी द्वारा खुदाई करने के बाद श्रमिक उस जमीन को लेवल करने के लिए नीचे उतरे तभी मिट्टी और पत्थर खिसक गए। हादसे में तीनों श्रमिक दब गए। तीन श्रमिकों के दबने से मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर रामपुरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची तथा तीनों श्रमिकों को मिट्टी व पत्थर हटा कर निकाला गया। तीनों को गंभीर हालत में शहर के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मध्यप्रदेश के जिला दमोह के गांव मानखेड़ा निवासी 28 वर्षीय सुनील कुमार को मृत घोषित कर दिया। जबकि भारत और एक अन्य श्रमिकों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है।
मृतक सुनील ही लेकर आया था श्रमिक
मध्यप्रदेश निवासी श्रमिक सुनील काफी समय से अपने परिवार के साथ शहर में ही रह रहा था और पांच दिन पहले ही अपने गांव कुछ और श्रमिकों को लेकर आया था और उसके बाद यह हादसा हो गया। हालांकि उसके साथ आए श्रमिक इस हादसे में घायल हो गए। घटना के बाद सुनील के परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बावल हादसे के बाद भी सबक नहीं
जिला के कस्बा बावल में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। वहां पर भी अगस्त और मई में मिट्टी में दबने से दो श्रमिकों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी सीवर लाइन के कार्य में ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। शनिवार को रामपुरा में काम करते समय गहरे गड्ढे में मिट्टी को लेवल करने का काम कर रहे श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे।
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रेवाड़ी। शहर से सटे गांव रामपुरा में शनिवार दोपहर को जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा डाली जा रही सीवर की लाइन की खुदाई के दौरान मिट्टी धंसने से तीन श्रमिक दब गए। हादसे में एक श्रमिक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दो घायल हो गए। घायलों में एक श्रमिक को रोहतक के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस बल ने लोगों की मदद से श्रमिक का शव बाहर निकाला।
जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा गांव रामपुरा में सीवर लाइन बिछाई जा रही है। शनिवार को रामपुरा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर जेसीबी से खोदाई की जा रही थी और खोदाई गई जगह पर श्रमिक नीचे लेवल करने का काम कर रहे थे। दोपहर में जब जेसीबी द्वारा खुदाई करने के बाद श्रमिक उस जमीन को लेवल करने के लिए नीचे उतरे तभी मिट्टी और पत्थर खिसक गए। हादसे में तीनों श्रमिक दब गए। तीन श्रमिकों के दबने से मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर रामपुरा थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची तथा तीनों श्रमिकों को मिट्टी व पत्थर हटा कर निकाला गया। तीनों को गंभीर हालत में शहर के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मध्यप्रदेश के जिला दमोह के गांव मानखेड़ा निवासी 28 वर्षीय सुनील कुमार को मृत घोषित कर दिया। जबकि भारत और एक अन्य श्रमिकों की हालत भी चिंताजनक बनी हुई है।
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मृतक सुनील ही लेकर आया था श्रमिक
मध्यप्रदेश निवासी श्रमिक सुनील काफी समय से अपने परिवार के साथ शहर में ही रह रहा था और पांच दिन पहले ही अपने गांव कुछ और श्रमिकों को लेकर आया था और उसके बाद यह हादसा हो गया। हालांकि उसके साथ आए श्रमिक इस हादसे में घायल हो गए। घटना के बाद सुनील के परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बावल हादसे के बाद भी सबक नहीं
जिला के कस्बा बावल में सीवर लाइन डालने का कार्य चल रहा है। वहां पर भी अगस्त और मई में मिट्टी में दबने से दो श्रमिकों की मौत हो चुकी है। इसके बाद भी सीवर लाइन के कार्य में ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। शनिवार को रामपुरा में काम करते समय गहरे गड्ढे में मिट्टी को लेवल करने का काम कर रहे श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे।