{"_id":"5cf96b97bdec22076a49b7cc","slug":"15598498734-rewari-news174","type":"story","status":"publish","title_hn":"मृत घोषित बच्ची एक घंटे बाद लगी रोने, परिजनों ने किया हंगामा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
मृत घोषित बच्ची एक घंटे बाद लगी रोने, परिजनों ने किया हंगामा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
रेवाड़ी। एक निजी अस्पताल में प्री-मैच्योर डिलीवरी से हुई बच्ची को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने बच्ची को मृत बताया और उसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया। करीब एक घंटे बाद बच्ची के रोने पर परिजनों ने नाराजगी प्रकट की। हंगामे की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर पुलिस को शिकायत दी है। इसके बाद परिजनों ने जच्चा-बच्चा को दूसरे अस्पताल में भर्ती करवाया। दूसरे अस्पताल में करीब चार घंटे बाद बच्ची ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मिली शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह गांव खरखड़ा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर बावल रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। कुछ देर बाद ही उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार महिला चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि प्रसव के दौरान ही बच्ची की मौत हो चुकी है। बच्ची को एक कपड़े में लपेटकर फर्श पर लिटा दिया। करीब एक घंटे बाद जब नवजात को उसकी बुआ उठाकर ले जाने लगी तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। थोड़ी ही देर में बच्ची रोने लगी। यह देखकर परिजनों का गुस्सा आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस मौके पर भी पहुंची और मामले को शांत करवाया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां करीब चार घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
पत्रकारों से बातचीत में चिकित्सक डॉ. विवेक का कहना है कि नवजात 22 सप्ताह की थी, मेडिकल गाइड लाइन के मुताबिक इस उम्र के बच्चे के बचने की संभावना बहुत कम होती है। उन्होंने परिजनों को इस बात की जानकारी दे दी थी। इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई।
विज्ञापन
मृतक बच्ची के परिजनों की तरफ से शिकायत मिल चुकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही मेडिकल गाइड लाइन को भी देखा जा रहा है।
- गोविंद, जांच अधिकारी थाना मॉडल टाउन
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह गांव खरखड़ा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर बावल रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया। कुछ देर बाद ही उसकी पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। परिजनों के अनुसार महिला चिकित्सक और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि प्रसव के दौरान ही बच्ची की मौत हो चुकी है। बच्ची को एक कपड़े में लपेटकर फर्श पर लिटा दिया। करीब एक घंटे बाद जब नवजात को उसकी बुआ उठाकर ले जाने लगी तो उसने देखा कि बच्ची की सांसें चल रही हैं। थोड़ी ही देर में बच्ची रोने लगी। यह देखकर परिजनों का गुस्सा आसमान पर चढ़ गया। उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और पुलिस को भी सूचना दी। पुलिस मौके पर भी पहुंची और मामले को शांत करवाया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को एक अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां करीब चार घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन
पत्रकारों से बातचीत में चिकित्सक डॉ. विवेक का कहना है कि नवजात 22 सप्ताह की थी, मेडिकल गाइड लाइन के मुताबिक इस उम्र के बच्चे के बचने की संभावना बहुत कम होती है। उन्होंने परिजनों को इस बात की जानकारी दे दी थी। इलाज में किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई।
विज्ञापन
मृतक बच्ची के परिजनों की तरफ से शिकायत मिल चुकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही मेडिकल गाइड लाइन को भी देखा जा रहा है।
- गोविंद, जांच अधिकारी थाना मॉडल टाउन