{"_id":"5bcb7efcbdec2269871edd69","slug":"121540062972-rewari-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलवाड़ी में फिर दो बकरियों पर हमला, जानवर का सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में भय..","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बलवाड़ी में फिर दो बकरियों पर हमला, जानवर का सुराग नहीं लगने से ग्रामीणों में भय..
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी। जिले के गांव बलवाड़ी में अभी अज्ञात जानवर का भय बना हुआ है। दो दिन पहले फिर से एक बार अज्ञात जानवर द्वारा दो बकरियों को घायल कर दिया जिससे ग्रामीणों में भय बना है। वन विभाग द्वारा जानवर को पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगा दिया है लेकिन अभी तक उससे कोई सफलता नहीं मिली है। इसकी वजह से ग्रामीणों की रातों की भी नींद उड़ी है।
उल्लेखनीय है कि 13 अक्तूबर की रात को अज्ञात जानवर गांव बलवाड़ी के बकरी पालक जयप्रकाश की 25 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले भी एक पालक की चार बकरियों को जानवर ने मारा डाला था। इसके बाद वीरवार की रात को जानवर ने एक बार फिर से दो बकरियों को हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया जिसके बाद से ग्रामीणों में और भी भय बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जानवर का अभी तक कोई पता नहीं चला है कि वह क्या जानवर है। इससे रात के समय में पहरा देते हुए भी डर लगता है क्योंकि कोई खतरनाक जानवर होने की स्थिति में वह व्यक्ति पर भी हमला कर सकता है।
गांव निवासी बकरी पालन का कार्य करने वाले धन्नी सिंह, नंदकिशोर, मीतू, बनवारी, धीरू आदि ने बताया कि गांव में 15 लोग बकरी पालन कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके पास कमाई का अन्य कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि न तो प्रशासन उनकी इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है और न ही उनको कोई सहायता का आश्वासन मिला है। ऐसे में इंसानी बस्ती पर जानवर के हमला करने का भी डर बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले के गांव बलवाड़ी में अभी अज्ञात जानवर का भय बना हुआ है। दो दिन पहले फिर से एक बार अज्ञात जानवर द्वारा दो बकरियों को घायल कर दिया जिससे ग्रामीणों में भय बना है। वन विभाग द्वारा जानवर को पकड़ने के लिए पिंजरा तो लगा दिया है लेकिन अभी तक उससे कोई सफलता नहीं मिली है। इसकी वजह से ग्रामीणों की रातों की भी नींद उड़ी है।
उल्लेखनीय है कि 13 अक्तूबर की रात को अज्ञात जानवर गांव बलवाड़ी के बकरी पालक जयप्रकाश की 25 बकरियों को मौत के घाट उतार दिया था। इससे पहले भी एक पालक की चार बकरियों को जानवर ने मारा डाला था। इसके बाद वीरवार की रात को जानवर ने एक बार फिर से दो बकरियों को हमला करके गंभीर रूप से घायल कर दिया जिसके बाद से ग्रामीणों में और भी भय बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जानवर का अभी तक कोई पता नहीं चला है कि वह क्या जानवर है। इससे रात के समय में पहरा देते हुए भी डर लगता है क्योंकि कोई खतरनाक जानवर होने की स्थिति में वह व्यक्ति पर भी हमला कर सकता है।
विज्ञापन
गांव निवासी बकरी पालन का कार्य करने वाले धन्नी सिंह, नंदकिशोर, मीतू, बनवारी, धीरू आदि ने बताया कि गांव में 15 लोग बकरी पालन कर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनके पास कमाई का अन्य कोई साधन नहीं है। उन्होंने बताया कि न तो प्रशासन उनकी इस समस्या को गंभीरता से ले रहा है और न ही उनको कोई सहायता का आश्वासन मिला है। ऐसे में इंसानी बस्ती पर जानवर के हमला करने का भी डर बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन