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शव दफनाने या दाह संस्कार पर गांव छुरियावास में घंटों रही असमंजस की स्थिति
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जिले के गांव छुरियावास में अंतिम संस्कार को लेकर घंटों तक असमंजस की स्थिति बनी रही। गांव में विवाद बढ़ता देख थाना मॉडल टाऊन एसएचओ सहित अनेक पुलिस कर्मी भी गांव में पहुंच गए। कई घंटे प्रयास के बाद पुलिस की मौजूदगी में हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
बता दें कि मृतक के बेटे शव को दफनाना चाहते थे, जबकि भतीजे दाह संस्कार करना चाहते थे। ग्रामीण भी शव के दफनाने का विरोध कर रहे थे, इसके चलते पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। जानकारी के अनुसार बीमार चल रहे करीब 50 वर्षीय एक व्यक्ति की शनिवार की रात मौत हो गई थी, बताया जा रहा है कि मृतक के दोनों पुत्र लोग गांव की शमशान भूमि में शव को दफनाना चाहते थे, लेकिन भतीजों व ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। घंटों तक परिवार के लोगों को समझाने के बाद शव का दाह संस्कार किया गया।
बताया जा रहा है कि मृतक कुछ साल पहले समुदाय विशेष के एक धर्मगुरु के संपर्क में आया था, इसके बाद उसने अपना धर्म बदल लिया और समुदाय विशेष की पद्घति के अनुसार ही चलने लगा था। जांच अधिकारी मॉडल टाऊन एएसआई गोविंद ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने के बाद दाह संस्कार करा दिया गया।
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बता दें कि मृतक के बेटे शव को दफनाना चाहते थे, जबकि भतीजे दाह संस्कार करना चाहते थे। ग्रामीण भी शव के दफनाने का विरोध कर रहे थे, इसके चलते पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। जानकारी के अनुसार बीमार चल रहे करीब 50 वर्षीय एक व्यक्ति की शनिवार की रात मौत हो गई थी, बताया जा रहा है कि मृतक के दोनों पुत्र लोग गांव की शमशान भूमि में शव को दफनाना चाहते थे, लेकिन भतीजों व ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। घंटों तक परिवार के लोगों को समझाने के बाद शव का दाह संस्कार किया गया।
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बताया जा रहा है कि मृतक कुछ साल पहले समुदाय विशेष के एक धर्मगुरु के संपर्क में आया था, इसके बाद उसने अपना धर्म बदल लिया और समुदाय विशेष की पद्घति के अनुसार ही चलने लगा था। जांच अधिकारी मॉडल टाऊन एएसआई गोविंद ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने के बाद दाह संस्कार करा दिया गया।
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