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लग्न से एक दिन पहले 1.5 लाख की नकदी और दो बेटियों के कन्यादान का पूरा सामान जलकर राख
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दो बेटियों की शादी के लिए एक पिता ने अमरूद के बाद में मजदूरी कर आठ साल तक पाई-पाई एकत्रित की, लेकिन लग्न से ठीक एक दिन पहले 1.50 लाख रुपये की नकदी व कन्यादान के लिए जमा किया गया पूरा सामान जलकर खाक हो गया। आग की सूचना के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन जब तक पूरा सामान जलकर खाक हो गया। बता दें कि परिवार ने भटसाना गांव में अमरूद का बाग ठेका पर लिया हुआ था, और बाग में ही अस्थाई घर बनाकर आठ साल से रह रहे थे।
जानकारी के अनुसार रामबीर की दो बेटियों की शादी 25 नवंबर को है। सोमवार को लगन लेकर जाना था। बेटियों की शादी के लिए रामबीर ने करीब 1.50 लाख रुपये, गहने व अन्य सामान झोपड़ी में रखा हुआ था। रविवार की दोपहर बाद अचानक उसकी झोपड़ी में आग लग गई। जब तक रामबीर व परिजनों को पता लगता, आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। रामबीर ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सूचना के बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी जल कर राख हो गई। आग में झोपड़ी में रखे करीब 1.50 रुपये की नकदी, दो फ्रिज, तीन संदूक, एक बॉक्स, दो कूलर, सोने-चांदी के जेवरात, दो बेड, कुर्सियां, कपड़े व अन्य घरेलू सामान जल गया। ग्रामीणों व पीड़ित ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
अमरूद बेचकर जमा की थी नकदी
रामबीर ने बताया कि बाग की रखवाली करने के अलावा वह परिवार के साथ हाईवे पर अमरूद भी बेचते हैं। अमरूद बेचकर बेटियों के विवाह के लिए नकदी जमा की थी। लेकिन अचानक हुई आगजनी की घटना के बाद सब कुछ तबाह हो गया। दो दिन होने वाली बेटियों की शादी के लिए पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मदद के लिए गुहार लगाई है।
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जानकारी के अनुसार रामबीर की दो बेटियों की शादी 25 नवंबर को है। सोमवार को लगन लेकर जाना था। बेटियों की शादी के लिए रामबीर ने करीब 1.50 लाख रुपये, गहने व अन्य सामान झोपड़ी में रखा हुआ था। रविवार की दोपहर बाद अचानक उसकी झोपड़ी में आग लग गई। जब तक रामबीर व परिजनों को पता लगता, आग ने पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। रामबीर ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। सूचना के बाद दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची तथा आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक झोपड़ी जल कर राख हो गई। आग में झोपड़ी में रखे करीब 1.50 रुपये की नकदी, दो फ्रिज, तीन संदूक, एक बॉक्स, दो कूलर, सोने-चांदी के जेवरात, दो बेड, कुर्सियां, कपड़े व अन्य घरेलू सामान जल गया। ग्रामीणों व पीड़ित ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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अमरूद बेचकर जमा की थी नकदी
रामबीर ने बताया कि बाग की रखवाली करने के अलावा वह परिवार के साथ हाईवे पर अमरूद भी बेचते हैं। अमरूद बेचकर बेटियों के विवाह के लिए नकदी जमा की थी। लेकिन अचानक हुई आगजनी की घटना के बाद सब कुछ तबाह हो गया। दो दिन होने वाली बेटियों की शादी के लिए पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मदद के लिए गुहार लगाई है।
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