{"_id":"6a3a65a58db33db21d0edadf","slug":"crackdown-on-institutions-flouting-safety-standards-rewari-news-c-198-1-rew1001-240696-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कसेगा शिकंजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों पर कसेगा शिकंजा
Tue, 23 Jun 2026 04:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 23 Jun 2026 04:29 PM IST
विज्ञापन
ब्रास मार्केट में कोचिंग सेंटर व अन्य संस्थानों के कार्यालय। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले में बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों पर जल्द कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अग्निशमन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वे के दौरान ऐसे संस्थानों की पहचान की जा रही है जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
करीब 20 दिन पहले जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों और अन्य बहुमंजिला भवनों का सर्वे करने के आदेश जारी किए गए थे। जिले का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण सर्वे में समय लग रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
फायर अधिकारी नितेश भारद्वाज ने बताया कि कुछ कोचिंग सेंटरों को करीब सात माह पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। वर्तमान में दोबारा व्यापक स्तर पर सर्वे किया जा रहा है ताकि सभी संस्थानों की स्थिति का आकलन किया जा सके। जिले में 150 से अधिक छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 20 प्रमुख और बड़े कोचिंग संस्थानों को छोड़कर अधिकांश के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं है। ऐसे में सुरक्षा मानकों को लेकर विभाग की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
जिले में 100 से अधिक ऐसे सेंटर हैं जो रिहायशी भवनों और कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रहे हैं। कई स्थानों पर मकानों को व्यावसायिक उपयोग में लिया जा रहा है जबकि उनके पास आवश्यक अनुमति और सुरक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे मामलों को भी सर्वे में शामिल किया गया है।
इंसेट
होटलों की रिपोर्ट तैयार, जल्द नोटिस होंगे जारी
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और नगर निगम की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। नितेश भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2026 में भवनों का व्यापक निरीक्षण करीब 20 दिन पहले ही शुरू किया गया है। अभी तक निरीक्षण किए गए भवनों की अंतिम संख्या तय नहीं हो पाई है और इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट तैयार होने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन संचालकों और संस्थानों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन
रेवाड़ी। जिले में बेसमेंट में संचालित कोचिंग सेंटरों पर जल्द कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। अग्निशमन विभाग द्वारा चलाए जा रहे सर्वे के दौरान ऐसे संस्थानों की पहचान की जा रही है जो सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
करीब 20 दिन पहले जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों और अन्य बहुमंजिला भवनों का सर्वे करने के आदेश जारी किए गए थे। जिले का क्षेत्रफल बड़ा होने के कारण सर्वे में समय लग रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को नोटिस जारी किए जाएंगे।
विज्ञापन
फायर अधिकारी नितेश भारद्वाज ने बताया कि कुछ कोचिंग सेंटरों को करीब सात माह पहले भी नोटिस जारी किए गए थे। वर्तमान में दोबारा व्यापक स्तर पर सर्वे किया जा रहा है ताकि सभी संस्थानों की स्थिति का आकलन किया जा सके। जिले में 150 से अधिक छोटे-बड़े कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनमें से लगभग 20 प्रमुख और बड़े कोचिंग संस्थानों को छोड़कर अधिकांश के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) नहीं है। ऐसे में सुरक्षा मानकों को लेकर विभाग की चिंता बढ़ गई है।
विज्ञापन
जिले में 100 से अधिक ऐसे सेंटर हैं जो रिहायशी भवनों और कॉलोनियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रहे हैं। कई स्थानों पर मकानों को व्यावसायिक उपयोग में लिया जा रहा है जबकि उनके पास आवश्यक अनुमति और सुरक्षा प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे मामलों को भी सर्वे में शामिल किया गया है।
इंसेट
होटलों की रिपोर्ट तैयार, जल्द नोटिस होंगे जारी
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और नगर निगम की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई विशेष कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि सर्वे रिपोर्ट आने के बाद संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। नितेश भारद्वाज ने बताया कि वर्ष 2026 में भवनों का व्यापक निरीक्षण करीब 20 दिन पहले ही शुरू किया गया है। अभी तक निरीक्षण किए गए भवनों की अंतिम संख्या तय नहीं हो पाई है और इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। रिपोर्ट तैयार होने में लगभग एक सप्ताह का समय लगेगा। इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वाले भवन संचालकों और संस्थानों को नोटिस जारी किए जाएंगे।