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स्टेडियम में 35 लाख के निर्माण कार्य अटके

Wed, 13 Apr 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो /अमर उजाला
ब्यूरो /अमर उजाला Updated Wed, 13 Apr 2016 12:57 AM IST
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construction work stop in stadium of cost 35 lakh due to payment
35 लाख रुपये के निर्माण कार्य अटके - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एक ओर प्रदेश सरकार जहां ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए गांवों में सुविधाएं देने और अन्य योजनाएं बनाने की बात कर रही है वहीं प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारी इन योजनाओं को पूरा करने के संबंध में ध्यान नहीं दे रहे हैं। अधिकारियों की अनदेखी और खींचातानी के चलते डिस्ट्रिक(डी) प्लान के तहत दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम में जिम, टॉयलेट समेत 35 लाख रुपये के निर्माण कार्य अटके हैं।
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स्टेडियम में जो काम 31 मार्च तक पूरे होने थे। वे बिलों का भुगतान न होने के कारण अभी आधे ही हो पाए हैं। ये बिल नगर परिषद के अधिकारियों की आपसी लड़ाई में फंसे हैं। वहीं ठेकेदार ने भी भुगतान न मिलने पर निर्माण कार्यों को रोक दिया है। इसका खामियाजा स्टेडियम में प्रैक्टिस के लिए आने वाले खिलाड़ियों को भुगतना पड़ रहा है।  
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गौरतलब है कि अगस्त 2015 में नगर परिषद को डी प्लान के तहत लगभग 90 लाख के 24 कामों को 31 मार्च तक पूरा करना था। स्टेडियम में ग्राउंड सहित अन्य काम भी इसी योजना के तहत चल रहे थे। खास बात यह है कि 24 में से आठ कामों पर अभी तक काम भी शुरू नहीं हो सका है।
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जानकारी के अनुसार तुलाराव स्टेडियम में कई सुविधाओं का अभाव है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए अगस्त 2015 में नगर परिषद को डी प्लान के तहत लगभग 90 लाख के 24 काम शुरू किए गए थे। जिन्हें 31 मार्च तक पूरा करना था, लेकिन बिलों का भुगतान नगर परिषद के मुख्य अभियंता एवं तत्कालीन जेई के बीच फंसा होने के कारण अब तक नहीं किया गया। मुख्य अभियंता जहां बिलों के नहीं आने की बात कर रहे हैं, वहीं जेई बिलों के जमा कराने की बात कर रहे हैं। दोनों की आपसी खींचातानी से परेशान ठेकेदार ने काम रोक दिया।

स्टेडियम के कोच चरण सिंह के मुताबिक खिलाड़ियों के मुताबिक फुटबाल ग्राउंड में प्रेक्टिस के लिए आने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए अलग से चेंजिंग रूम एवं टॉयलेट नहीं है। एक ही टायलेट होने के कारण कई बार उन्हें शर्मसार होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि कई खिलाड़ियों को संख्या अधिक होने पर स्टेडियम से काफी दूरी पर उपस्थित टॉयलेट का उपयोग करना पड़ रहता है।

स्टेडियम में इन कार्यों का किया गया था शुरू
दिल्ली रोड स्थित राव तुलाराम स्टेडियम में बीते वर्ष अगस्त में फुटबाल ग्राउंड में घास एवं दीवार के लिए लगभग 10 लाख रुपये, फुटबाल ग्राउंड में चेंजिग रूम एवं टॉयलेट के लिए 5.75 लाख रुपये, दो वॉलीवाल कोर्ट के लिए 7.03 लाख रुपये, जिम में टॉयलेट के लिए 2.50 लाख, स्टेडियम के पीछे वाले गेट के लिए 1.50 लाख रुपये सहित लगभग 35 लाख के निर्माण कार्य के लिए नगर परिषद ने टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के बाद काम शुरू करा दिया था। स्टेडियम के फुटबाल ग्राउंड में जहां घास सहित दीवारें बनाने का काम पूरा हो चुका है वहीं वॉलीबाल ग्राउंड की बात करें तो यहां पर केवल डीपीसी तो खड़ी हो गई, लेकिन अन्य सुविधाएं दूर तक दिखाई नहीं दे रही हैं। स्टेडियम में सबसे जरूरी महिला खिलाड़ियों के लिए टॉयलेट एवं चेजिंग रूम अब तक नहीं बन पाए हैं। इसके अलावा मुख्य द्वार के पास गेट एवं ग्रिल और जिम में टॉयलेट सहित अन्य सुविधाएं अभी नदारद हैं। ये सभी कार्य 31 मार्च 2016 तक पूरे हो जाने थे, जिसके लिए नगर परिषद से बिल पास होने के बाद पेमेंट होनी थी लेकिन नहीं हुई। अब पेमेंट के लिए दोबारा से प्रक्रिया शुरू करनी होगी।

केवल बिल साइन कराने के लिए फोन कराए जा रहे हैं, बिल जमा नहीं
नप के कुछ अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही हाउस की मीटिंग नजदीक होती है, ठेकदारों की ओर से इधर-उधर से बिलों पर साइन करने के लिए फोन कराए जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कामों को करने में पूरी तरह से नियमों की अनदेखी की गई है। अब तक हुए कार्यों के फोटो कापी कराकर एवं बिलों की जांच के बाद ही साइन हो पाएंगे। वहीं अधिकारियों का यह भी कहना है कि लिखित में बिल जमा कराने के लिए जेई को कई बार लिखा गया है, लेकिन आज तक उनके पास कोई बिल जमा नहीं कराया गया है। यदि सब कुछ सही है तो आखिर उनके पास बिल क्यों नहीं भेजे जा रहे हैं।
वर्जन-
31 मार्च से पहले ही सभी बिल बना दिए गए थे, लेकिन साइन नहीं करने के कारण वह अटक गए। यदि पहले ही पेमेंट हो जाती तो ठेकेदारों को काम नहीं रोकना पड़ता।
-दिनेश कुमार, तत्कालीन जेई,नप रेवाड़ी
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फुटबाल ग्राउंड में चेंजिंग रूम एवं टॉयलेट नहीं होने के कारण प्रतिदिन महिला खिलाडिय़ों को शर्मशार होना पड़ता है। इसके अभाव में अब स्टेडियम में काफी दूरी पर उपस्थित टॉयलेट का उपयोग करना पड़ रहा है।
-चरणसिंह, फुटबाल कोच
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पेमेंट जरूर रूकी हुई, लेकिन मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। मैं अपनी बात अधिकारियों के सामने रख चुका हूं।
-हरिराम, ठेकेदार
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सभी कामों को 31 मार्च से पहले पूरा होकर पेमेंट हो जानी थी, लेकिन उनकी ओर से कई बार इंटीमेशन देने के बावजूद बिल जमा नहीं कराए गए। वह बिलों की जांच किए बगैर किसी भी दवाब में साइन नहीं करेंगे।
नरेंद्र सुहाग, मुख्य अभियंता, नगर परिषद रेवाड़ी
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कुछ दिन पहले ही यहां पर ट्रांसफर हुआ है। मामले की पूरी जानकारी के बाद ही पता लग पाएगा कि क्या समस्या है। हां इतना जरूर है कि खिलाडिय़ों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

-भारत ग्रोवर,खेल अधिकारी,रेवाड़ी
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हमारे यहां से गलत काम के लिए कोई फोन नहीं किया जाता है। मैं खुद चाहता हूं कि जो भी कार्य हो पूरी पार्दशिता के साथ हो। बात खिलाडिय़ों की सुविधा से जुड़ी हुई है, इसलिए इस मामले पर मैं स्वयं अधिकारियों से बात करूंगा।
रणधीर सिंह कापडीवास,विधायक ,रेवाड़ी।
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