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जर्जर क्वार्टर बन सकते हैं हादसों का सबब
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Mon, 26 Dec 2016 11:41 PM IST
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गणाईगंगोली में इसी भवन में चलता है तहसील कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में सुरक्षा व्यवस्था की कमान समझने वाले करीब 1200 पुलिस कर्मचारी अपने परिवार के साथ दिल्ली रोड स्थित पुलिस लाइन में बने जर्जर क्वार्टरों में रह रहे हैं। ये क्वार्टर कभी भी हादसों का सबब बन सकते हैं। विभाग की ओर से क्वार्टरों को 2008 में पुलिस कर्मचारियों को अलॉटमेंट किए जाने के बाद अब यहां की सीढ़िया दरकने लगी हैं। इसके अलावा दीवारों से गिरते मलबे से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने अधिकारियों से क्वार्टरों को ठीक कराने की मांग की है। वहीं इस संबंध में दक्षिण रेंज की आई जी ममता सिंह का कहना है कि पुलिस क्वार्ट्स की खराब हालत उनके संज्ञान में है। वे एसपी रेवाड़ी को साथ में लेकर संबंधित हाउसिंग कारपोरेशन के साथ मिलकर जल्द ही क्वार्टरों की रिपेयरिंग का काम करवाएंगी।
जानकारी के अनुसार 1989 में रेवाड़ी जिला बनने के बाद 2008 में पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों की बसावट शुरू हुई थी। इस दौैरान कॉलोनी में पहले 376 पुलिसकर्मियों के लिए क्वार्टर आवंटित किए गए थे। अब इन कॉलोनियों में तकरीबन 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और उनके परिवारीजन रहते हैं।
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वहीं पुलिस लाइन में बने क्वार्टरों पर नजर डालें तो अधिकांश क्वार्टरों की दीवारों से प्लास्टर अलग हो चुका है और मलबा बनकर जमीनों पर बिखर चुका है। वहीं सीढ़ियां भी कई जगह से दरक चुकी हैं। ऐसे में क्वार्टर में रहने वाले लोगों पर हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। वहीं घर के अंदर बाथरूम में फैली सीलन से आसपास के कमरों का भी प्लास्टर आए दिन झड़ता है।
अपने खर्च पर पुलिसकर्मी कराते हैं मरम्मत
कई पुलिसकर्मियों ने नाम पर छापने की शर्त पर बताया कि 2008 में कॉलोनी में शिफ्ट होने के बाद से अभी तक एक बार भी कॉलोनियों के मरम्मत का काम नहीं हुआ है। यहां पर रहने वाले कई पुलिसकर्मियों ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए अपने खर्च पर कमरों की मरम्मत कराई है। औसतन एक कालोनी के मेंटीनेंस में 20-25 हजार रुपए का खर्च आया है।
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समाजसेवी और अधिवक्ता लगा चुके हैं आरटीआई
समाज से जुड़े कई मुद्दों में जनहित याचिका लगा चुके एडवोकेट सुनील भार्गव ने पुलिस लाइन और सदर थाने के साथ लगी कालोनी के निर्माण संबंधी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। मिली जानकारी में पुलिस लाइन में बने 376 क्वार्टरों के बारे में जानकारी गुरुग्राम स्थित हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन एसई की ओर से दी गई है। साथ ही बताया है कि क्वार्टरों के निर्माण में 607 लाख 32 हजार रुपये की लागत आई है। वहीं निर्माण में 66 हजार 742 बोरी सीमेंट का उपयोग हुआ है। इसके साथ ही क्वार्टर में तकरीबन 780 मीटर स्टील का प्रयोग निर्माण के दौरान किया गया है। अधिवक्ता सुनील भार्गव की आरटीआई के जवाब में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का मानना है कि क्वार्टरों में मरम्मत की जरूरत है। रिपेयरिंग के विषय पर विभाग का कहना है कि एसपी रेवाड़ी पुलिस लाइन की मालिक हैं और सभी अधिकार उनके पास हैं। इसके साथ हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन खुद को सालाना रिपेयरिंग के लिए जिम्मेदार नहीं बताता है।
सदर थाने के पास पुलिस कालोनी में शुरू हुआ मेंटीनेंस
एडवोकेट और समाजसेवी सुनील भार्गव की ओर से आरटीआई लगने के बाद सदर थाने के साथ लगी पुलिस कालोनी में कॉलोनियों की रिपेयरिंग का काम शुरू हो चुका है। फिलहाल दो ब्लॉक में काम हुआ है, जबकि एक अन्य ब्लॉक का काम जारी है। हालांकि पुलिस लाइन में बने क्वार्टरों की रिपेयरिंग होगी इस बात पर संशय बरकरार है क्योंकि जिस ठेकेदार के पास रिपेयरिंग का काम है उसने पुलिस लाइन की रिपेयरिंग का ठेका मिलने से इंकार किया है।
नई बिल्डिंग्स को बनाने का चल रहा काम
फिलहाल पुलिस लाइन में तीन मंजिला और दो मंजिला पांच बिल्डिंग के निर्माण पर काम चल रहा है। बिल्डिंग्स का मूल ढांचा तैयार हो चुका है और अब प्लास्टर होने के बाद पुताई और फिनिशिंग पर काम चल रहा है। नई बिल्डिंग्स में लगे माल की गुणवत्ता भी कालोनी में रह रहे पुलिसकर्मी ठीक बता रहे हैं और कहते हैं कि शायद उनकी कालोनी भी ऐसी ही बनी होती।
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जिले में सैकड़ों की तादाद में पुलिसकर्मी जनता को सुरक्षा मुहैया कराने में दिन-रात लगे रहते हैं। बावजूद इसके वे खुद ही डर के साये में रहते हैं। पुलिस कालोनियों की हालत दुरुस्त कराने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
-सुनील भार्गव, एडवोकेट और समाजसेवी
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पुलिस क्वार्ट्स की खराब हालत संज्ञान में है। एसपी रेवाड़ी को साथ में लेकर संबंधित हाउसिंग कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जल्द ही क्वार्टरों की रिपेयरिंग का काम करवाया जाएगा।
-ममता सिंह, आईजी दक्षिण रेंज
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पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों ने अधिकारियों से क्वार्टरों को ठीक कराने की मांग की है। वहीं इस संबंध में दक्षिण रेंज की आई जी ममता सिंह का कहना है कि पुलिस क्वार्ट्स की खराब हालत उनके संज्ञान में है। वे एसपी रेवाड़ी को साथ में लेकर संबंधित हाउसिंग कारपोरेशन के साथ मिलकर जल्द ही क्वार्टरों की रिपेयरिंग का काम करवाएंगी।
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जानकारी के अनुसार 1989 में रेवाड़ी जिला बनने के बाद 2008 में पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों की बसावट शुरू हुई थी। इस दौैरान कॉलोनी में पहले 376 पुलिसकर्मियों के लिए क्वार्टर आवंटित किए गए थे। अब इन कॉलोनियों में तकरीबन 1200 से ज्यादा पुलिसकर्मी और उनके परिवारीजन रहते हैं।
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वहीं पुलिस लाइन में बने क्वार्टरों पर नजर डालें तो अधिकांश क्वार्टरों की दीवारों से प्लास्टर अलग हो चुका है और मलबा बनकर जमीनों पर बिखर चुका है। वहीं सीढ़ियां भी कई जगह से दरक चुकी हैं। ऐसे में क्वार्टर में रहने वाले लोगों पर हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है। वहीं घर के अंदर बाथरूम में फैली सीलन से आसपास के कमरों का भी प्लास्टर आए दिन झड़ता है।
अपने खर्च पर पुलिसकर्मी कराते हैं मरम्मत
कई पुलिसकर्मियों ने नाम पर छापने की शर्त पर बताया कि 2008 में कॉलोनी में शिफ्ट होने के बाद से अभी तक एक बार भी कॉलोनियों के मरम्मत का काम नहीं हुआ है। यहां पर रहने वाले कई पुलिसकर्मियों ने अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए अपने खर्च पर कमरों की मरम्मत कराई है। औसतन एक कालोनी के मेंटीनेंस में 20-25 हजार रुपए का खर्च आया है।
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समाजसेवी और अधिवक्ता लगा चुके हैं आरटीआई
समाज से जुड़े कई मुद्दों में जनहित याचिका लगा चुके एडवोकेट सुनील भार्गव ने पुलिस लाइन और सदर थाने के साथ लगी कालोनी के निर्माण संबंधी जानकारी सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। मिली जानकारी में पुलिस लाइन में बने 376 क्वार्टरों के बारे में जानकारी गुरुग्राम स्थित हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन एसई की ओर से दी गई है। साथ ही बताया है कि क्वार्टरों के निर्माण में 607 लाख 32 हजार रुपये की लागत आई है। वहीं निर्माण में 66 हजार 742 बोरी सीमेंट का उपयोग हुआ है। इसके साथ ही क्वार्टर में तकरीबन 780 मीटर स्टील का प्रयोग निर्माण के दौरान किया गया है। अधिवक्ता सुनील भार्गव की आरटीआई के जवाब में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन का मानना है कि क्वार्टरों में मरम्मत की जरूरत है। रिपेयरिंग के विषय पर विभाग का कहना है कि एसपी रेवाड़ी पुलिस लाइन की मालिक हैं और सभी अधिकार उनके पास हैं। इसके साथ हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन खुद को सालाना रिपेयरिंग के लिए जिम्मेदार नहीं बताता है।
सदर थाने के पास पुलिस कालोनी में शुरू हुआ मेंटीनेंस
एडवोकेट और समाजसेवी सुनील भार्गव की ओर से आरटीआई लगने के बाद सदर थाने के साथ लगी पुलिस कालोनी में कॉलोनियों की रिपेयरिंग का काम शुरू हो चुका है। फिलहाल दो ब्लॉक में काम हुआ है, जबकि एक अन्य ब्लॉक का काम जारी है। हालांकि पुलिस लाइन में बने क्वार्टरों की रिपेयरिंग होगी इस बात पर संशय बरकरार है क्योंकि जिस ठेकेदार के पास रिपेयरिंग का काम है उसने पुलिस लाइन की रिपेयरिंग का ठेका मिलने से इंकार किया है।
नई बिल्डिंग्स को बनाने का चल रहा काम
फिलहाल पुलिस लाइन में तीन मंजिला और दो मंजिला पांच बिल्डिंग के निर्माण पर काम चल रहा है। बिल्डिंग्स का मूल ढांचा तैयार हो चुका है और अब प्लास्टर होने के बाद पुताई और फिनिशिंग पर काम चल रहा है। नई बिल्डिंग्स में लगे माल की गुणवत्ता भी कालोनी में रह रहे पुलिसकर्मी ठीक बता रहे हैं और कहते हैं कि शायद उनकी कालोनी भी ऐसी ही बनी होती।
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जिले में सैकड़ों की तादाद में पुलिसकर्मी जनता को सुरक्षा मुहैया कराने में दिन-रात लगे रहते हैं। बावजूद इसके वे खुद ही डर के साये में रहते हैं। पुलिस कालोनियों की हालत दुरुस्त कराने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।
-सुनील भार्गव, एडवोकेट और समाजसेवी
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पुलिस क्वार्ट्स की खराब हालत संज्ञान में है। एसपी रेवाड़ी को साथ में लेकर संबंधित हाउसिंग कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर जल्द ही क्वार्टरों की रिपेयरिंग का काम करवाया जाएगा।
-ममता सिंह, आईजी दक्षिण रेंज