{"_id":"573236c24f1c1b2b05919b3c","slug":"commercial-rate-charge-purchase-50-square-yard-land-in-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर में 50 वर्ग गज तक जमीन खरीदने पर लगेंगे कॉमर्शियल रेट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर में 50 वर्ग गज तक जमीन खरीदने पर लगेंगे कॉमर्शियल रेट
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Wed, 11 May 2016 01:12 AM IST
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राज्य सरकार भले ही योजनाएं बनाकर गरीबों को प्लाट के साथ मकान बनाने के लिए पैसा भी दे रही हो लेकिन रेवाड़ी शहर में आकर स्थिति उलट हो रही है। यहां अब 50 वर्ग गज तक का प्लाट खरीदने पर रेजीडेंसियल की बजाए कॉमर्शियल रेट देने होंगे। जो करीब तीन गुना है।
ऐसे में गरीब व्यक्ति के लिए एक कमरे के लायक यदि जमीन खरीदना उसकी औकात से बाहर हो गया है। यह सब प्रशासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2016-2017 के लिए जारी कलेक्टर रेट के तहत किया गया है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि पूरे हरियाणा में केवल ऐसा रेवाड़ी शहर में ही किया गया है।
यूं समझिए कैसे बढ़ेगा भार
अंशल कॉलोनी में यदि मकान बनाने के लिए जमीन खरीद की जाती है तो उसके प्रति वर्ग गज 16 हजार रुपये देेने होंगे। जबकि कॉमर्शियल यूज के लिए जमीन खरीदनी है तो उसके रेट 34 हजार 500 रुपये लगेंगे। यदि 50 वर्ग गज से ज्यादा जमीन रिहायश के लिए खरीदोगे तो 16 हजार रुपये प्रति वर्ग गज ही लगेगा।
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यदि इससे कम जमीन रिहायश के लिए भी खरीदनी है तो उसके भी कॉमर्शियल रेट या नी प्रति वर्ग 34 हजार 500 रुपये ही देने होंगे। ऐसे में 50 वर्ग गज की जमीन की कीमत 17 लाख 25 हजार होगी। जबकि इससे ज्यादा 51 वर्ग गज की जमीन आठ लाख रुपये में मिल जाएगी। इसी प्रकार बीएमजी कॉलोनी में रिहायशी जमीन के रेट 16 हजार हैं तो कॉमर्शियल के रेट 47 हजार 500 रुपये प्रति वर्ग गज है। एसआर कॉलोनी में भी दोनों क्षेत्रों के यही रेट हैं।
बढ़ेगी रजिस्ट्रेशन फीस
कॉमर्शियल रेट लगने पर गरीबों पर अन्य फीस का भार भी बढ़ेगा। कीमत के अनुसार स्लेब के आधार पर रजिस्ट्रेशन फीस भी बढ़ जाएगी, जो अतिरिक्त भार बढ़ेगा।
वकीलों ने की उपायुक्त से मुलाकात
कलेक्टर रेट को लेकर मंगलवार को पार्षद चंदन यादव के अलावा एडवोकेट अश्विनी कुमार, दिनेश कुमार आदि ने उपायुक्त डॉ यश गर्ग से मुलाकात की। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि जिस प्रकार से कलेक्टर रेट निर्धारित किया गया है, उससे गरीब व्यक्ति के सामने मकान बनाना सपना ही रह जाएगा। रिहायशी कॉलोनियों में जहां व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी, वहीं गरीब लोग जमीन नहीं खरीद सकेंगे। रामसिंहपुरा, अजय नगर, जसवंत नगर, पूर्ण नगर, बुध विहार आदि ऐसे इलाके हैं, जहां गरीब लोग छोटे-छोट प्लाट खरीदकर एक-दो कमरे बना कर रहे हैं। रजिस्ट्री तक वे नहीं करा पाएंगे। इसलिए इसमें छूट दी जाए।
वर्जन...
मामले को लेकर कुछ वकील मिले थे। जहां जनता के हित में होगा, वैसा किया जाएगा। किसी पर अतिरिक्त बोझ नहीं लादा जाएगा।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त
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ऐसे में गरीब व्यक्ति के लिए एक कमरे के लायक यदि जमीन खरीदना उसकी औकात से बाहर हो गया है। यह सब प्रशासन की ओर से वित्तीय वर्ष 2016-2017 के लिए जारी कलेक्टर रेट के तहत किया गया है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि पूरे हरियाणा में केवल ऐसा रेवाड़ी शहर में ही किया गया है।
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यूं समझिए कैसे बढ़ेगा भार
अंशल कॉलोनी में यदि मकान बनाने के लिए जमीन खरीद की जाती है तो उसके प्रति वर्ग गज 16 हजार रुपये देेने होंगे। जबकि कॉमर्शियल यूज के लिए जमीन खरीदनी है तो उसके रेट 34 हजार 500 रुपये लगेंगे। यदि 50 वर्ग गज से ज्यादा जमीन रिहायश के लिए खरीदोगे तो 16 हजार रुपये प्रति वर्ग गज ही लगेगा।
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यदि इससे कम जमीन रिहायश के लिए भी खरीदनी है तो उसके भी कॉमर्शियल रेट या नी प्रति वर्ग 34 हजार 500 रुपये ही देने होंगे। ऐसे में 50 वर्ग गज की जमीन की कीमत 17 लाख 25 हजार होगी। जबकि इससे ज्यादा 51 वर्ग गज की जमीन आठ लाख रुपये में मिल जाएगी। इसी प्रकार बीएमजी कॉलोनी में रिहायशी जमीन के रेट 16 हजार हैं तो कॉमर्शियल के रेट 47 हजार 500 रुपये प्रति वर्ग गज है। एसआर कॉलोनी में भी दोनों क्षेत्रों के यही रेट हैं।
बढ़ेगी रजिस्ट्रेशन फीस
कॉमर्शियल रेट लगने पर गरीबों पर अन्य फीस का भार भी बढ़ेगा। कीमत के अनुसार स्लेब के आधार पर रजिस्ट्रेशन फीस भी बढ़ जाएगी, जो अतिरिक्त भार बढ़ेगा।
वकीलों ने की उपायुक्त से मुलाकात
कलेक्टर रेट को लेकर मंगलवार को पार्षद चंदन यादव के अलावा एडवोकेट अश्विनी कुमार, दिनेश कुमार आदि ने उपायुक्त डॉ यश गर्ग से मुलाकात की। उन्होंने उपायुक्त को बताया कि जिस प्रकार से कलेक्टर रेट निर्धारित किया गया है, उससे गरीब व्यक्ति के सामने मकान बनाना सपना ही रह जाएगा। रिहायशी कॉलोनियों में जहां व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ जाएंगी, वहीं गरीब लोग जमीन नहीं खरीद सकेंगे। रामसिंहपुरा, अजय नगर, जसवंत नगर, पूर्ण नगर, बुध विहार आदि ऐसे इलाके हैं, जहां गरीब लोग छोटे-छोट प्लाट खरीदकर एक-दो कमरे बना कर रहे हैं। रजिस्ट्री तक वे नहीं करा पाएंगे। इसलिए इसमें छूट दी जाए।
वर्जन...
मामले को लेकर कुछ वकील मिले थे। जहां जनता के हित में होगा, वैसा किया जाएगा। किसी पर अतिरिक्त बोझ नहीं लादा जाएगा।
डॉ यश गर्ग, उपायुक्त