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बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं सीएमओ : डीसी
Sat, 21 Sep 2024 02:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 21 Sep 2024 02:06 AM IST
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फोटो: 23रेवाड़ी। आस्था कुंज परिसर का निरीक्षण करते उपायुक्त अभिषेक मीणा। स्रोत: प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। उपायुक्त अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को बाल देखरेख संस्थान आस्था कुंज का निरीक्षण किया। उन्होंने मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बच्चों से जानकारी ली। सीएमओ को निर्देश दिया कि वे नियमित बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कराएं।
उपायुक्त ने बच्चों से कहा कि यदि उन्हें कोई समस्या है तो उन्हें अवगत करवाएं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका यादव ने उपायुक्त को बताया कि आस्था कुंज में बच्चों को शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों के मनोरंजन के लिए कंप्यूटर व टीवी के अलावा अन्य खेल सुविधाएं दी जा रही हैं। आस्था कुंज के चिल्ड्रन होम में अभी 20 बच्चे, स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी में दो बच्चे और बावल स्थित ओपन शेल्टर होम में 25 बच्चे रह रहे हैं।
उपयुक्त ने सीएमओ सुरेंद्र यादव से कहा कि वे आस्था कुंज के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संस्थान में रह रहे बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलाने की दिशा में प्रयास करें। संस्थान के संचालकों ने बताया कि कई बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलाने में सफलता मिली है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के एक ऐसे बच्चे को उसके अभिभावकों से मिलवाया गया है जो दस दिन पहले भटक कर रेवाड़ी में आया था।
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उन्होंने बाल गृह की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। पुस्तकालय, रसोई, कक्ष, प्ले रूम का अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने आस्था कुंज परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर सीएमओ सुरेंद्र यादव, जेजे बोर्ड सदस्य अर्चना, सीडब्ल्यूसी सदस्य अमरजीत, डीसीडब्ल्यू वीरेंद्र यादव, डीपीओ शालू यादव उपस्थित रहीं।
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रेवाड़ी। उपायुक्त अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को बाल देखरेख संस्थान आस्था कुंज का निरीक्षण किया। उन्होंने मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बच्चों से जानकारी ली। सीएमओ को निर्देश दिया कि वे नियमित बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कराएं।
उपायुक्त ने बच्चों से कहा कि यदि उन्हें कोई समस्या है तो उन्हें अवगत करवाएं। जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका यादव ने उपायुक्त को बताया कि आस्था कुंज में बच्चों को शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों के मनोरंजन के लिए कंप्यूटर व टीवी के अलावा अन्य खेल सुविधाएं दी जा रही हैं। आस्था कुंज के चिल्ड्रन होम में अभी 20 बच्चे, स्पेशल एडॉप्शन एजेंसी में दो बच्चे और बावल स्थित ओपन शेल्टर होम में 25 बच्चे रह रहे हैं।
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उपयुक्त ने सीएमओ सुरेंद्र यादव से कहा कि वे आस्था कुंज के बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं। अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे संस्थान में रह रहे बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलाने की दिशा में प्रयास करें। संस्थान के संचालकों ने बताया कि कई बच्चों को उनके अभिभावकों से मिलाने में सफलता मिली है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के एक ऐसे बच्चे को उसके अभिभावकों से मिलवाया गया है जो दस दिन पहले भटक कर रेवाड़ी में आया था।
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उन्होंने बाल गृह की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। पुस्तकालय, रसोई, कक्ष, प्ले रूम का अवलोकन किया। निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने आस्था कुंज परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर सीएमओ सुरेंद्र यादव, जेजे बोर्ड सदस्य अर्चना, सीडब्ल्यूसी सदस्य अमरजीत, डीसीडब्ल्यू वीरेंद्र यादव, डीपीओ शालू यादव उपस्थित रहीं।