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सीएम सेल ने तीन दिन में मांगी विजिलेंस जांच स्टेटस रिपोर्ट
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 04 Jun 2016 01:02 AM IST
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नगर परिषद में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटाले
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर परिषद में करोड़ों रुपये के वित्तीय घोटालों के संबंध में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत पर 2014-16 के बीच हुई इन अनियमिततताओं पर जिला प्रशासन से लेकर स्टेट विजिलेंस तक बैठ गई। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घोटाले किसने और कितने के किये हैं। जांच में लगातार चल रही हीला-हवाली के बाद एक बार फिर से सतीश खोला की ओर से शिकायत किये जाने के बाद सीएम सेल ने स्टेट विजिलेंस टीम से तीन दिन में जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता जाने के बाद नप में हुए विकास कार्यों की जांच करवाई गई। जिसमें नप के नाम पर अनेक खातों से विशेषाधिकार के नाम पर लाखों के घालमेल का खुलासा हुआ था। इसके बाद भाजपा तत्कालीन जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने नगर निकाय मंत्री कविता जैन एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से जांच की मांग की थी। खोला की शिकायत के बाद नप में हुए घोटालों की जांच का जिम्मा स्टेट विजिलेंस को सौंप दिया गया था। वहीं सीएम की विशेष ऑडिट टीम भी मार्च 2016 से खातों की जांच में लगी हुई है। ऑडिट टीम ने माना था कि अभी तक नप की आय के खातों की जांच हुई, जिसमें सवा दो करोड़ की राशि का घालमेल सामने आ रहा है। वहीं एक जून को नप में आए डिप्टी डायरेक्टर ने भी उक्त बात को स्वीकार किया था।
28 मई को विजिलेंस को मार्क हुई थी जांच
तत्कालीन रेवाड़ी भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने रेवाड़ी नप में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से स्टेट विजिलेंस से कराने का आग्रह किया था। सीएम के आदेश के पर 28 मई को विजिलेंस को जांच मार्क कर दी गई थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर सतीश खोला ने सीएम सेल को लिखकर कार्रवाई की मांग की है। इधर सीएम सेल ने स्टेट विजिलेेंस ब्यूरो से कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इधर विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल ने गुड़गांव रेंज विजिलेंस से तीन दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
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सवा दो करोड़ के घपले को एओ ने बताया क्लेरिकल मिस्टेक
रेवाड़ी। नगर परिषद रेवाड़ी की आय में सवा दो करोड़ के घालमेल पर सफाई देते हुए नप एओ जितेंद्र यादव ने कहा कि यह गबन नहीं बल्कि लिपिकीय त्रुटि था। गौरतलब है कि सीएम के स्पेशल ऑडिट के निरीक्षण के लिए नप में आए डिप्टी डायरेक्टर ने भी घालमेल एवं रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराने की बात स्वीकार की थी। जिसके बाद नप में हड़कंप मच गया था। इसी को देखते हुए नप अधिकारियों ने घालमेल को छुपाने के लिए इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए ऑडिटरों के साथ सहयोग की बात की थी। नप में अब तक हुई सभी जांचों में नप अधिकारियों की ओर से रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने की बात सामने आई थी। डिप्टी डायरेक्टर के दौरे के बाद नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया ने भी डायरेक्टर की बात का संज्ञान लेते हुए नप की सभी ब्रांचों को ऑडिटरों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
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ऑडिट टीम ने जो सवा दो करोड़ के अंतर की बात कही थी, वह घपला न होकर केवल लिपिकीय त्रुटि थी। जो कि ठीक कर ली गई है।
जितेंद्र यादव, एओ, नगर परिषद
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वर्जन- नप की सभी ब्रांचों को ऑडिट टीम को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं यदि किसी भी ब्रांच ने कोई कोताही बरती तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-शंकुतला भांडोरिया, चेयरपर्सन, नगर परिषद
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प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता जाने के बाद नप में हुए विकास कार्यों की जांच करवाई गई। जिसमें नप के नाम पर अनेक खातों से विशेषाधिकार के नाम पर लाखों के घालमेल का खुलासा हुआ था। इसके बाद भाजपा तत्कालीन जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने नगर निकाय मंत्री कविता जैन एवं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से जांच की मांग की थी। खोला की शिकायत के बाद नप में हुए घोटालों की जांच का जिम्मा स्टेट विजिलेंस को सौंप दिया गया था। वहीं सीएम की विशेष ऑडिट टीम भी मार्च 2016 से खातों की जांच में लगी हुई है। ऑडिट टीम ने माना था कि अभी तक नप की आय के खातों की जांच हुई, जिसमें सवा दो करोड़ की राशि का घालमेल सामने आ रहा है। वहीं एक जून को नप में आए डिप्टी डायरेक्टर ने भी उक्त बात को स्वीकार किया था।
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28 मई को विजिलेंस को मार्क हुई थी जांच
तत्कालीन रेवाड़ी भाजपा जिलाध्यक्ष सतीश खोला ने रेवाड़ी नप में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर से स्टेट विजिलेंस से कराने का आग्रह किया था। सीएम के आदेश के पर 28 मई को विजिलेंस को जांच मार्क कर दी गई थी। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर सतीश खोला ने सीएम सेल को लिखकर कार्रवाई की मांग की है। इधर सीएम सेल ने स्टेट विजिलेेंस ब्यूरो से कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इधर विजिलेंस ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल ने गुड़गांव रेंज विजिलेंस से तीन दिन में कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।
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सवा दो करोड़ के घपले को एओ ने बताया क्लेरिकल मिस्टेक
रेवाड़ी। नगर परिषद रेवाड़ी की आय में सवा दो करोड़ के घालमेल पर सफाई देते हुए नप एओ जितेंद्र यादव ने कहा कि यह गबन नहीं बल्कि लिपिकीय त्रुटि था। गौरतलब है कि सीएम के स्पेशल ऑडिट के निरीक्षण के लिए नप में आए डिप्टी डायरेक्टर ने भी घालमेल एवं रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराने की बात स्वीकार की थी। जिसके बाद नप में हड़कंप मच गया था। इसी को देखते हुए नप अधिकारियों ने घालमेल को छुपाने के लिए इसे लिपिकीय त्रुटि बताते हुए ऑडिटरों के साथ सहयोग की बात की थी। नप में अब तक हुई सभी जांचों में नप अधिकारियों की ओर से रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने की बात सामने आई थी। डिप्टी डायरेक्टर के दौरे के बाद नप प्रधान शकुंतला भांडोरिया ने भी डायरेक्टर की बात का संज्ञान लेते हुए नप की सभी ब्रांचों को ऑडिटरों को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं।
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ऑडिट टीम ने जो सवा दो करोड़ के अंतर की बात कही थी, वह घपला न होकर केवल लिपिकीय त्रुटि थी। जो कि ठीक कर ली गई है।
जितेंद्र यादव, एओ, नगर परिषद
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वर्जन- नप की सभी ब्रांचों को ऑडिट टीम को रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। वहीं यदि किसी भी ब्रांच ने कोई कोताही बरती तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-शंकुतला भांडोरिया, चेयरपर्सन, नगर परिषद