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Rewari News: नगर परिषद ने जमीन विवाद पर 3 दिन में मांगी रिपोर्ट, नहीं तो कार्रवाई होगी

Fri, 21 Nov 2025 11:39 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Fri, 21 Nov 2025 11:39 PM IST
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City Council seeks report on land dispute within 3 days, otherwise action will be taken
नगर परिषद रेवाड़ी
रेवाड़ी। नगर परिषद रेवाड़ी क्षेत्र में खसरा नंबर 242 से जुड़ा भूमि विवाद नया मोड़ ले लिया है। कुछ लोगों द्वारा कथित मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज बनवाने और जमीन हड़पने का प्रयास करने की शिकायत की। इसके बाद नगर परिषद की ओर से जांच शुरू कर दी गई है।
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इसी क्रम में कार्यकारी अधिकारी ने संबंधित चैकर्स व रिकॉर्ड संभालने वाले अधिकारी से 3 दिन के भीतर विस्तृत और प्रमाणित रिपोर्ट तलब की है।नगर परिषद के ईओ सुशील द्वारा जारी पत्र में साफ कहा गया है कि खसरा नंबर 242 की भूमि वर्ष 1892-93 से राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है और इसे कॉमन परपज के लिए उपयोग किया जाता रहा है।
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परिषद ने अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि वह स्पष्ट करें कि कुल 34 कनाल भूमि में कौन-कौन सी जगहें कब्रिस्तान, छतरी और अन्य सार्वजनिक उपयोग में चिह्नित हैं और क्या इनका रिकॉर्ड नगर परिषद ने अपने संपत्ति रजिस्टर में दर्ज किया है। यदि ऐसा है तो उसकी प्रमाणित प्रति तत्काल उपलब्ध करवाई जाए।
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नगर परिषद ने कहा कि परिषद पर भू-माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप लगाए जा रहे हैं। परिषद का कहना है कि बिना स्पष्ट दस्तावेजों के जनमानस में गलत संदेश जा रहा है। इसलिए अधिकारी द्वारा पहले दिए गए बयानों को वास्तव में सबूतों के साथ सिद्ध करना अनिवार्य है।
पत्र में कुल 14 बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी मांगी गई है। इनमें सबसे अहम यह है कि खसरा 242 में नगर परिषद की वास्तविक हिस्सेदारी कितनी है और क्या राष्ट्रीय हाई स्कूल से संबंधित भूमि भी इसी खसरे में शामिल है। परिषद ने पूछा है कि यदि यह भूमि नगर परिषद की है तो उसके स्वामित्व संबंधी दस्तावेज कौन से हैं और अब तक उन्हें क्यों प्रस्तुत नहीं किया गया।

इंसेट
प्रापर्टी आईडी बनवाने में गड़बड़ी को लेकर भी सख्त रूख
प्रापर्टी आईडी बनवाने में गड़बड़ी को लेकर भी परिषद ने सख्त रूख अपनाया है। परिषद ने पूछा है कि राष्ट्रीय हाई स्कूल की जमीन पर अब तक कितनी प्रॉपर्टी आईडी बनी हुई हैं और यदि वे अवैध हैं तो क्या उन्हें रद्द करने के लिए परिषद ने पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करवाई? साथ ही यह भी पूछा गया है कि यदि अधिकारी के पास यह रिकॉर्ड था कि जमीन नगर परिषद की है तो 6 सितंबर 2022 से अब तक उन गलत आईडी को हटवाने के लिए क्या-क्या कार्रवाई की गई।
नगर परिषद ने स्पष्ट किया है कि यदि भूमि वास्तव में परिषद की है तो अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सभी गलत प्रॉपर्टी आईडी हटाकर सही स्वामित्व नगर परिषद के नाम दर्ज करना होगा। साथ ही यह भी पूछा गया है कि अब तक कितनी रजिस्ट्री हाई स्कूल की जमीन पर की गई और क्या उन्हें रोकने के लिए तहसील कार्यालय को कोई पत्र लिखा गया था।


देरी या लापरवाही के लिए स्वयं जिम्मेदार होंगे :
नगर परिषद ने यह भी जानकारी मांगी है कि जनवरी 2025 में पैनल अधिवक्ताओं की तीन सदस्यीय समिति द्वारा दिए गए सुझाव पर क्या कार्रवाई हुई, जिसमें सलाह दी गई थी कि भूमि स्वामित्व को लेकर मामला अदालत में दायर किया जाए।
कार्यकारी अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 3 दिन के अंदर मांगी गई रिपोर्ट और दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ उच्चाधिकारियों को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा और देरी या लापरवाही के लिए वही स्वयं जिम्मेदार होगा।


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लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को मामला कर रहा उजागर : अजय सिंह

रेवाड़ी। पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने कहा कि रेवाड़ी के खसरा नंबर 242 की सरकारी भूमि पर फर्जी प्रॉपर्टी आईडी और जाली दस्तावेजों के आधार पर कब्जा जमाने का आरोप लगा है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा सरकार की लापरवाही और प्रशासनिक उदासीनता को भी उजागर करता है।

यह सवाल स्वाभाविक है कि जब जमीन सरकारी रिकॉर्ड में साफ-साफ नगर परिषद की है, तो इतनी बड़ी जालसाजी शासन में कैसे चलती रही। कैप्टन अजय सिंह यादव ने मांग की है कि खसरा नंबर 242 की जमीन की सम्पूर्ण जांच रिपोर्ट तत्काल जनता के सामने लाई जाए। फर्जी प्रॉपर्टी आईडी तैयार करने वाले पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच हो। राष्ट्रीय स्कूल से अवैध कब्ज़ा तुरंत हटाया जाए।
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