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Rewari News: 10 माह से चल रही सिटी बस सेवा, अब तक नहीं बन सके बस क्यू शेल्टर
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बावल मार्ग पर खड़ी इलेक्ट्रिक बस। संवाद
- फोटो : कांच आइटम। संवाद
रेवाड़ी। रोडवेज डिपो की ओर से 26 जनवरी से शहर के सर्कुलर रोड पर सिटी सेवा तो शुरू कर दी गई लेकिन 10 माह बीतने के बाद भी बस क्यू शेल्टर नहीं बन पाए हैं। पूरे मार्ग पर एक भी यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने और निर्धारित स्टॉपेज की जानकारी न मिलने के कारण लोग रोजाना असुविधा झेल रहे हैं।
बसें कभी भी, कहीं भी रुक जाती हैं और यात्रियों को समझ नहीं आता कि उन्हें कहां खड़ा होकर इंतजार करना चाहिए। दरअसल तत्कालीन जीएम देवदत्त ने बस क्यू शेल्टर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। नतीजा यह है कि आज भी सरकुलर रोड पर यात्रियों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई सिटी बस सेवा इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में है। शहर के मुख्य सरकुलर रोड से होकर रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं लेकिन यहां न तो बस शेल्टर हैं और न ही कोई चिह्नित स्टॉपेज।
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धूप, बारिश और ठंड में यात्रियों को खुले में खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है। स्टॉप तय न होने की वजह से कई बार बसें बिना रुके निकल भी जाती हैं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
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क्यू शेल्टर बनने से मिलेगी राहत
यात्री विरेंद्र, राकेश व पीयूष ने बताया कि अगर बस क्यू शेल्टर बन जाएं तो यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। शेल्टर होने से वे खराब मौसम से बच सकेंगे और आराम से बस का इंतजार कर पाएंगे। बस शेल्टर स्टॉपेज को भी स्पष्ट करते हैं जिससे यात्रियों का भ्रम दूर होगा। बस कहां रुकेगी, यह साफ हो जाएगा और यात्रा सुरक्षित व आसान बन जाएगी। इसके अलावा, बस शेल्टर अक्सर निर्धारित स्टॉपेज को दर्शाते हैं जिससे यात्रियों में स्टॉप को लेकर बना भ्रम दूर होगा। उन्हें पता होगा कि बस कहां रुकेगी और वे सुरक्षित रूप से वहीं खड़े होकर बस का इंतजार कर सकेंगे। यह सुविधा यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है।
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इलेक्ट्रिक बस कहीं पर खड़ी होती है तो लगता है जाम
विवेक, सुरेंद्र व राजेश ने बताया कि जब भी इलेक्ट्रिक बस कहीं पर खड़ी होती है, तो जाम लग जाता है। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। बावल मार्ग पर कोई शेल्टर नहीं है, बस सड़क पर खड़ी रहती है, निकलना मुश्किल हो जाता है। अगर शेल्टर बनेगा तो काफी सहूलियत यात्रियों की भी हो जाएगी।
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वर्ष 2015 में आरंभ हुई थी सिटी सेवा
रोडवेज प्रबंधन की तरफ से वर्ष 2015 में सिटी बस सेवा शुरू की गई थी। सिटी सेवा में किराया कम होने के कारण यात्रियों का खासा उत्साह रहता था। इन बसों में पांच रुपये किराया था जिससे यात्रियों की मारामारी रहने के कारण प्रत्येक बस में दो-दो परिचालक लगाने पड़े थे जबकि आटो में उस समय दस रुपये किराया था। सिटी बस सेवा में रोडवेज प्रबंधन को अच्छी कमाई हो रही थी लेकिन कुछ माह के संचालन के बाद ही सिटी सेवा को बंद कर दिया गया था। हालांकि इस बार जो बस सेवा शुरू की गई है, वह निरंतर जारी है।
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वर्जन:
बस क्यू शेल्टर को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। अनुमति नहीं मिली है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो कार्य शुरू होगा। इसमें मुख्य कार्य नगर परिषद का है। -निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक रोडवेज
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बसें कभी भी, कहीं भी रुक जाती हैं और यात्रियों को समझ नहीं आता कि उन्हें कहां खड़ा होकर इंतजार करना चाहिए। दरअसल तत्कालीन जीएम देवदत्त ने बस क्यू शेल्टर बनाने का प्रस्ताव तैयार किया था। नतीजा यह है कि आज भी सरकुलर रोड पर यात्रियों की समस्या जस की तस बनी हुई है।
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सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई सिटी बस सेवा इन दिनों अपनी अव्यवस्थाओं के कारण चर्चा में है। शहर के मुख्य सरकुलर रोड से होकर रोजाना बड़ी संख्या में लोग सफर करते हैं लेकिन यहां न तो बस शेल्टर हैं और न ही कोई चिह्नित स्टॉपेज।
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धूप, बारिश और ठंड में यात्रियों को खुले में खड़ा होकर बस का इंतजार करना पड़ रहा है। स्टॉप तय न होने की वजह से कई बार बसें बिना रुके निकल भी जाती हैं जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।
क्यू शेल्टर बनने से मिलेगी राहत
यात्री विरेंद्र, राकेश व पीयूष ने बताया कि अगर बस क्यू शेल्टर बन जाएं तो यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। शेल्टर होने से वे खराब मौसम से बच सकेंगे और आराम से बस का इंतजार कर पाएंगे। बस शेल्टर स्टॉपेज को भी स्पष्ट करते हैं जिससे यात्रियों का भ्रम दूर होगा। बस कहां रुकेगी, यह साफ हो जाएगा और यात्रा सुरक्षित व आसान बन जाएगी। इसके अलावा, बस शेल्टर अक्सर निर्धारित स्टॉपेज को दर्शाते हैं जिससे यात्रियों में स्टॉप को लेकर बना भ्रम दूर होगा। उन्हें पता होगा कि बस कहां रुकेगी और वे सुरक्षित रूप से वहीं खड़े होकर बस का इंतजार कर सकेंगे। यह सुविधा यात्रियों के लिए बेहद जरूरी है।
इलेक्ट्रिक बस कहीं पर खड़ी होती है तो लगता है जाम
विवेक, सुरेंद्र व राजेश ने बताया कि जब भी इलेक्ट्रिक बस कहीं पर खड़ी होती है, तो जाम लग जाता है। इससे वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। बावल मार्ग पर कोई शेल्टर नहीं है, बस सड़क पर खड़ी रहती है, निकलना मुश्किल हो जाता है। अगर शेल्टर बनेगा तो काफी सहूलियत यात्रियों की भी हो जाएगी।
वर्ष 2015 में आरंभ हुई थी सिटी सेवा
रोडवेज प्रबंधन की तरफ से वर्ष 2015 में सिटी बस सेवा शुरू की गई थी। सिटी सेवा में किराया कम होने के कारण यात्रियों का खासा उत्साह रहता था। इन बसों में पांच रुपये किराया था जिससे यात्रियों की मारामारी रहने के कारण प्रत्येक बस में दो-दो परिचालक लगाने पड़े थे जबकि आटो में उस समय दस रुपये किराया था। सिटी बस सेवा में रोडवेज प्रबंधन को अच्छी कमाई हो रही थी लेकिन कुछ माह के संचालन के बाद ही सिटी सेवा को बंद कर दिया गया था। हालांकि इस बार जो बस सेवा शुरू की गई है, वह निरंतर जारी है।
वर्जन:
बस क्यू शेल्टर को लेकर प्रस्ताव भेजा गया था। अनुमति नहीं मिली है। जैसे ही अनुमति मिलेगी तो कार्य शुरू होगा। इसमें मुख्य कार्य नगर परिषद का है। -निरंजन शर्मा, महाप्रबंधक रोडवेज

बावल मार्ग पर खड़ी इलेक्ट्रिक बस। संवाद- फोटो : कांच आइटम। संवाद