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आस से नागरिकों को मिला ऑटो अपील का अधिकार
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खुशहाल हरियाणा-समृद्ध हरियाणा थीम के साथ वर्तमान हरियाणा सरकार द्वारा निरंतर सुशासन की दिशा में सार्थक कदम बढ़ाए जा रहे हैं। हाल ही में हरियाणा सरकार ने एक और नई पहल करते हुए ऑटो अपील सॉफ्टवेयर (आस) शुरू किया है।
डीसी यशेंद्र सिंह ने वर्तमान सरकार द्वारा शुरू किए गए आस पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया कि अगर किसी व्यक्ति का कार्य राइट टू सर्विस एक्ट के तहत निर्धारित समय सीमा में नहीं होने पर ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के तहत आवेदन अपीलेट अथॉरिटी में चला जाएगा। अपीलेट अथॉरिटी के दायरे में भी काम नहीं होने पर आवेदन आगे वरिष्ठ अधिकारी के पास चला जाएगा। अगर इन दोनों स्तरों पर भी कार्य का निपटान नहीं होगा तो आवेदन स्वत: ही राइट टू सर्विस कमीशन के पास आ जाएगा। यह कदम सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कार्यशैली को जवाबदेह, पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के मद्देनजर उठाया है।
डीसी ने बताया कि आमजन से सीधे जुड़े 31 सरकारी विभागों की 546 सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में नोटिफाई की हुई हैं। इनमें से 277 सेवाएं ऑनलाइन सरल पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आस आमजन के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का एक अहम कदम है। उन्होंने सॉफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य बताते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति का काम समय पर नहीं होता और वह काम सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में आता है तो ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के तहत आवेदन अपीलेट अथॉरिटी में चला जाएगा। हर स्तर पर निर्धारित समयावधि के दौरान अपील पर एक्शन होगा। ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के शुरू होने से लोगों के कार्य एक निर्धारित समय सीमा के अंदर होंगे।
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डीसी ने बताया कि राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में आवेदक को सरकारी सेवाएं और योजनाओं का समयबद्ध लाभ देना संबंधित विभाग और अधिकारी का सेवा दायित्व है। उपमंडल स्तर पर कार्यरत सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालयों के बाहर सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुसार जन जागरूकता के लिए विभागीय सेवाओं का समय सीमा के साथ उल्लेख करना आवश्यक है।
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डीसी यशेंद्र सिंह ने वर्तमान सरकार द्वारा शुरू किए गए आस पोर्टल की जानकारी देते हुए बताया कि अगर किसी व्यक्ति का कार्य राइट टू सर्विस एक्ट के तहत निर्धारित समय सीमा में नहीं होने पर ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के तहत आवेदन अपीलेट अथॉरिटी में चला जाएगा। अपीलेट अथॉरिटी के दायरे में भी काम नहीं होने पर आवेदन आगे वरिष्ठ अधिकारी के पास चला जाएगा। अगर इन दोनों स्तरों पर भी कार्य का निपटान नहीं होगा तो आवेदन स्वत: ही राइट टू सर्विस कमीशन के पास आ जाएगा। यह कदम सरकार ने जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक कार्यशैली को जवाबदेह, पारदर्शी, निष्पक्ष और प्रभावी बनाने के मद्देनजर उठाया है।
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डीसी ने बताया कि आमजन से सीधे जुड़े 31 सरकारी विभागों की 546 सेवाएं सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में नोटिफाई की हुई हैं। इनमें से 277 सेवाएं ऑनलाइन सरल पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध करवाई जा रही हैं। आस आमजन के अधिकारों को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार का एक अहम कदम है। उन्होंने सॉफ्टवेयर का मुख्य उद्देश्य बताते हुए कहा कि अगर किसी व्यक्ति का काम समय पर नहीं होता और वह काम सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में आता है तो ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के तहत आवेदन अपीलेट अथॉरिटी में चला जाएगा। हर स्तर पर निर्धारित समयावधि के दौरान अपील पर एक्शन होगा। ऑटो अपील सॉफ्टवेयर के शुरू होने से लोगों के कार्य एक निर्धारित समय सीमा के अंदर होंगे।
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डीसी ने बताया कि राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में आवेदक को सरकारी सेवाएं और योजनाओं का समयबद्ध लाभ देना संबंधित विभाग और अधिकारी का सेवा दायित्व है। उपमंडल स्तर पर कार्यरत सभी विभागों को अपने-अपने कार्यालयों के बाहर सेवा का अधिकार अधिनियम के अनुसार जन जागरूकता के लिए विभागीय सेवाओं का समय सीमा के साथ उल्लेख करना आवश्यक है।