फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rewari News ›   Bumper arrival of pearl millet leads to space crunch in markets; slow lifting causes congestion.

Rewari News: बाजरे की बंपर आवक से मंडियों में जगह कम, धीमी उठान से लगा जाम

Wed, 14 Oct 2026 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी Updated Wed, 14 Oct 2026 12:26 AM IST
विज्ञापन
Bumper arrival of pearl millet leads to space crunch in markets; slow lifting causes congestion.
बाजरा बेचने के लिए मंडी में पहुंचे किसान। संवाद
रेवाड़ी। अनाज मंडी में बाजरे की आवक बढ़ने और उठान की प्रक्रिया धीमी रहने से खरीद प्रक्रिया लड़खड़ा गई है। मंडियों में फसल के ढेर लगने से जगह कम पड़ गई है और बाजरा सड़क किनारे तक पहुंच गया है। इससे मंडियों में जाम की स्थिति बनी रहती है। किसानों को अपनी फसल लेकर आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उठान की धीमी गति के कारण मंडियों में व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है।
विज्ञापन

दोनों मंडियों में एक दिन में कुल 42,840 मीट्रिक टन बाजरे की आवक हुई। इसमें रेवाड़ी अनाज मंडी में 21,448 मीट्रिक टन और कोसली मंडी में 21,391 मीट्रिक टन बाजरा पहुंचा। लगातार आवक होने के कारण मंडियों में फसल रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बच रही है।
विज्ञापन

वहीं, उठान में देरी होने से पहले से रखी फसल का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। मंडी के बाहर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की कतार करीब दो किलोमीटर तक पहुंच रही है। इसके बाद मंडी के अंदर भी किसानों को फसल उतारने और अन्य प्रक्रियाओं में पूरा दिन लग रहा है। स्कूली वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, ऐसे में काफी परेशानी होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


50 प्रतिशत उठान का दावा, मौके पर कम दिख रही रफ्तार
अधिकारियों की ओर से बाजरे का उठान करीब 50 प्रतिशत होने की बात कही जा रही है लेकिन मंडियों की मौजूदा स्थिति में उठान की गति इससे कम नजर आ रही है। अनुमान के अनुसार, मौके पर करीब 40 प्रतिशत उठान ही दिखाई दे रहा है। उठान और आवक के बीच अंतर बढ़ने से मंडियों में बाजरे के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। किसान रामपाल ने बताया कि मंडियों में फसल के ढेर सड़क किनारे तक पहुंचने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। किसान वेदलाल ने बताया कि किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ मंडी में प्रवेश करने और फसल उतारने के लिए जगह तलाशने में परेशानी हो रही है। कई जगह वाहनों की लंबी कतारें लगने से जाम की स्थिति बन जाती है। इससे दूसरे वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

उठान तेज होने से सुधर सकती है व्यवस्था
मंडी में आवक लगातार जारी रहने के कारण उठान की गति बढ़ाना जरूरी हो गया है। यदि समय पर बाजरे का उठान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में समस्या और बढ़ सकती है। किसानों को राहत देने के लिए उठान में तेजी लाने और मंडियों में वाहनों की आवाजाही सुचारु रखने की जरूरत है, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। मौसम विभाग ने बारिश की भी संभावना जताई है, ऐसे में बारिश होती है तो काफी नुकसान हो सकता है।

इन गांवों की होगी आज फसल खरीद :
14 अक्तूबर बुधवार को रेवाड़ी अनाज मंडी में बीकानेर, लिसाना, गांगायचा अहीर, गांगायचा जाट, जोनावास, डूंगरवास, रोजका, रसगण, मुंडिया खेड़ा, खिज़ुरी, मोलावास, कान्हावास, फतेहपुरी, श्योराज माजरा, खलीलपुर, कालाका, मांडेया, देहलावास, गुलाबपुरा और जाडरा गांवों के किसान मंडी में फसल ला सकेंगे। कोसली में गांव मलियाकी, फतेहपुरी, बोहका, निमोठ, करावरा, मानकपुर, बाबेपुर, भुरावास, ढाणी ठेठराबाद, भाकली व बिरड़ के लिए निर्धारित किया गया है।

वर्जन
मार्केट कमेटी की तरफ से किसानों के लिए बेहतर व्यवस्था करवाई गई है। अनाज मंडी में उठान प्रक्रिया तेज हो गई है। उठान का कार्य काफी बेहतर तरीके से करवाया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जा रही है।-नरेंद्र, सचिव, मार्केट कमेटी

बाजरा बेचने के लिए मंडी में पहुंचे किसान। संवाद

बाजरा बेचने के लिए मंडी में पहुंचे किसान। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed