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सुविधा: मरीजों को फेफड़ों की जांच को नहीं जाना पड़ेगा बाहर, नागरिक अस्पताल में शुरू हुई ब्रोंकोस्कोपी जांच

Fri, 24 Jun 2022 01:48 AM IST
भूपेंद्र सिंह विशाल जैमिनी, संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
विशाल जैमिनी, संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Fri, 24 Jun 2022 01:48 AM IST
सार

पहले मरीजों को ब्रॉकोंस्कोपी जांच के लिए रोहतक पीजीआई या फिर गुरुग्राम में जाना पड़ता था, लेकिन अब रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में ही निशुल्क जांच करा सकेंगे। यह जांच निजी अस्पतालों में 8 से 10 हजार रुपये में होती है।

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Bronchoscopy test Facility started in Rewari Civil Hospital
नागरिक अस्पताल में शुरू हुई ब्रोंकोस्कॉपी जांच के बारें में बताते चिकित्सक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के रेवाड़ी शहर के नागरिक अस्पताल में पहली बार फेफड़ों की बीमारियों की जांच के लिए ब्रोंकोस्कोपी मशीन लगाई गई है। इतना ही नहीं वीरवार को फेफड़ों की बीमारी से संबंधित एक व्यक्ति की इसके माध्यम से जांच भी की गई। इससे पहले मरीजों को ब्रॉकोंस्कोपी जांच के लिए रोहतक पीजीआई या फिर गुरुग्राम में जाना पड़ता था, लेकिन अब रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल में ही निशुल्क जांच करा सकेंगे।

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इस मशीन के माध्यम से फेफड़ों के कैंसर की भी जांच की जा सकती है। या यह भी बताना जरूरी है कि ब्रोंकोस्कोपी जांच निजी अस्पतालों में 8 से 10 हजार में होती है, लेकिन नागरिक अस्पताल में निशुल्क हो सकेगी।

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ब्रोंकोस्कोपी फेफड़ों की जांच करने का एक आसान परीक्षण है। इस प्रक्रिया में एक छोटी ट्यूब नाक या मुंह द्वारा फेफड़ों में डाली जाती है। यह परीक्षण फेफड़ों की बीमारी की जांच करने या बलगम हटाने के लिए किया जाता है। इसमें टिशू का एक छोटा टुकड़ा निकालकर उसकी प्रयोगशाला में जांच की जाती है। इसे दूसरी भाषा में बायोप्सी भी कहते हैं। ब्रोंकोस्कोपी होने में कम से कम 30 से 60 मिनट का समय लगता है । ब्रोंकोस्कॉपी के बाद कम से कम 1 से 3 घंटे तक व्यक्ति को रिकवरी रूम में ही रहना पड़ता है।

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ब्रोंकोस्कॉपी का प्रयोग 
सांस नली की समस्याएं जैसे सांस लेने में तकलीफ या पुरानी पड़ चुकी खांसी का पता लगाने के लिए ब्रोंकोस्कॉपी का प्रयोग किया जाता है। यदि एक्स-रे या सिटी स्कैन द्वारा छाती लिंफनोड या फेफड़ों में कोई तकलीफ पाई गई हो तो उनकी जांच के लिए फेफड़ों में टिश्यू के सैंपल निकालने के लिए भी ब्रोंकोस्कोपी का प्रयोग किया जाता है।

 

ब्रॉन्कोस्कोपी जांच पल्मनोलॉजिस्ट अर्थात सांस रोग विशेषज्ञ व उनके एक सहायक के द्वारा की जाती है। इस जांच के दौरान मरीज के ब्लड प्रेशर व शरीर में ऑक्सीजन की स्तर की भी जांच की जाती है अथवा जांच से पहले और बाद में चेस्ट एक्स-रे भी किया जाता है। सैंपल की जांच के दौरान फेफड़ों के संक्रमण या कोई अन्य बीमारी जैसे फेफड़ों का कैंसर या टीबी सामने आ सकती है।



नागरिक अस्पताल में पहली बार ब्रोंकोस्कोपी जांच की सुविधा शुरू की गई है। इससे पहले मरीजों को रोहतक या फिर गुरुग्राम में जाना पड़ता था अब नागरिक अस्पताल में भी ब्रोंकोस्कोपी के माध्यम से फेफड़ों की जांच निशुल्क की जा सकती है। हाल ही में एक व्यक्ति को लंबे समय से खांसी थी, नागरिक अस्पताल में लगी मशीन से उसको फेफड़ों की जांच की गई है। अब उसकी जांच रिपोर्ट आने के बाद बेहतर उपचार किया जा सकता है। - डॉक्टर सुमित कौशिक, श्वास रोग विशेषज्ञ नागरिक अस्पताल, रेवाड़ी

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