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Rewari News: बेसहारा पशु न लेने पर गोशाला का बहिष्कार
Thu, 11 Jan 2024 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 11 Jan 2024 11:43 PM IST
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कोसली में मठाधीश को ज्ञापन सौंपते हुए झाड़ौदा के ग्रामीण। संवाद
कोसली। बेसहारा पशु न लेने पर गांव झाड़ोदा के ग्रामीणों ने कोसली की बाबा मुक्तेश्वर पुरी गोशाला का बहिष्कार करते हुए भविष्य में किसी प्रकार का सहयोग न देने का निर्णय लिया है।
ग्राम पंचायत झाड़ोदा तथा ग्रामीणों की ओर से बाबा मुक्तेश्वर पुरी मठाधीश कोसली को लिखित पत्र सौंपकर बाबा मुक्तेश्वर पुरी गोशाला का बहिष्कार करने तथा किसी प्रकार का सहयोग न करने का निर्णय लिया है। झाड़ोदा के सरपंच इंद्रजीत की अगुवाई में ग्रामीण बाबा मुक्तेश्वर पुर मठाधीश कोसली पहुंचे। रामोतार, ब्रह्म प्रकाश, सुमेर सिंह, राजेंद्र, लीलाराम, रमेश कुमार, नाहर सिंह नंबरदार, अजय कुमार, शेर सिंह, हरकेश आदि ने बताया कि वे इसी माह की 2 व 6 तारीख को दो बार गोशाला में पशुओं को छोड़ने के लिए गए थे। गोशाला प्रधान ओमप्रकाश ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और पशुओं को रखने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि वे गोशाला में कड़बी, अनाज तथा नगद राशि से काफी सहयोग करते रहे हैं। अब भी ग्रामीण गोशाला की रसीद काटकर लगभग 20 हजार की राशि जमा कर चुके हैं। उन्होंने कोसली मठाधीश से इस राशि को उचित व्यक्ति को दिलवाने का आग्रह किया है, अन्यथा वे किसी दूसरी संस्था को दान कर देंगे।
क्या कहते हैं गोशाला प्रधान
गोशाला के प्रधान ओमप्रकाश ने कहा कि उन्होंने झाड़ोदा के लोगों के साथ किसी प्रकार का कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया है। उन्होंने बताया कि गोशाला में जगह कम है और पशु अधिक होने से बेसहारा पशुओं को फिलहाल रखना संभव नहीं है।
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ग्राम पंचायत झाड़ोदा तथा ग्रामीणों की ओर से बाबा मुक्तेश्वर पुरी मठाधीश कोसली को लिखित पत्र सौंपकर बाबा मुक्तेश्वर पुरी गोशाला का बहिष्कार करने तथा किसी प्रकार का सहयोग न करने का निर्णय लिया है। झाड़ोदा के सरपंच इंद्रजीत की अगुवाई में ग्रामीण बाबा मुक्तेश्वर पुर मठाधीश कोसली पहुंचे। रामोतार, ब्रह्म प्रकाश, सुमेर सिंह, राजेंद्र, लीलाराम, रमेश कुमार, नाहर सिंह नंबरदार, अजय कुमार, शेर सिंह, हरकेश आदि ने बताया कि वे इसी माह की 2 व 6 तारीख को दो बार गोशाला में पशुओं को छोड़ने के लिए गए थे। गोशाला प्रधान ओमप्रकाश ने उनसे अभद्र व्यवहार किया और पशुओं को रखने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बताया कि वे गोशाला में कड़बी, अनाज तथा नगद राशि से काफी सहयोग करते रहे हैं। अब भी ग्रामीण गोशाला की रसीद काटकर लगभग 20 हजार की राशि जमा कर चुके हैं। उन्होंने कोसली मठाधीश से इस राशि को उचित व्यक्ति को दिलवाने का आग्रह किया है, अन्यथा वे किसी दूसरी संस्था को दान कर देंगे।
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क्या कहते हैं गोशाला प्रधान
गोशाला के प्रधान ओमप्रकाश ने कहा कि उन्होंने झाड़ोदा के लोगों के साथ किसी प्रकार का कोई अभद्र व्यवहार नहीं किया है। उन्होंने बताया कि गोशाला में जगह कम है और पशु अधिक होने से बेसहारा पशुओं को फिलहाल रखना संभव नहीं है।
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