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Rewari News: स्कूलों में नहीं पहुंची किताबें, पढ़ाई हो रही प्रभावित
Tue, 15 Apr 2025 12:11 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 15 Apr 2025 12:11 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में अभी नई किताबें नहीं पहुंची हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि बच्चों को पुरानी किताबें मुहैया कराई गई हैं लेकिन कुछ कक्षाओं के पाठ्यक्रम बदलाव होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
सरकार की योजना राजकीय स्कूलों में 15 अप्रैल से पहले पुस्तकें उपलब्ध करवाने की थीं लेकिन यह संभव नहीं हो सका है। नई किताबें नहीं मिलने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। बच्चे नई पुस्तक की मांग कर रहे हैं। कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों को निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं। यह किताबें विभाग की तरफ से मार्च के दूसरे सप्ताह तक आ जानी चाहिए थी, लेकिन अभी तक विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची हैं। किताबों के समय पर नहीं पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई में काफी दिक्कत आ रही है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार कुछ कक्षाओं के पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है जिससे समस्या आ रही है। अभी बच्चों को पुरानी किताबें मुहैया करवाई गई हैं। ऐसे में कुछ हद तक पढ़ाई तो हो पा रही है लेकिन सभी विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करवाना मुश्किल लग रहा है। फिलहाल विद्यालयों में किताबें कब तक आएंगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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जिले में करीब 397 राजकीय स्कूलों में करीब 42 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अभी जो विद्यार्थी प्रमोट होकर अगली कक्षा में गए हैं, उन सभी को पुस्तकें मिल जाएं, यह भी मुमकिन नहीं है। फिलहाल शिक्षक भी नई पुस्तकों के इंतजार में हैं। पिछले वर्ष भी पुस्तकों को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस वर्ष भी वही स्थिति देखने को मिल रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस माह में पुस्तक आ जाएंगी।
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कोट
नया शैक्षणिक सत्र का आधा महीना बीत जाने के बाद भी विद्यालयों में किताबें नहीं आ सकी हैं, जिससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में बच्चों को पुरानी किताबें दी गईं हैं। स्कूलों में नईं किताबें कब तक आएंगी इसकी भी कुछ पता नहीं है। - पूनम शर्मा, अभिभावक, डवाना।
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विद्यालयों में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है। वहीं अध्यापकों का कहना है कि कक्षाओं का पाठ्यक्रम बदलने के कारण समय पर किताबें नहीं पहुंच सकीं हैं। नई किताबें आने के बाद बच्चों को बांट दी जाएंगी।- सतीश शर्मा, अभिभावक, डवाना।
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वर्जन :
जिले के राजकीय विद्यालयों में 15 अप्रैल तक पुस्तकें पहुंचाने की योजना थी। पुस्तकों की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। रूट अनुसार जिलों में किताबें पहुंचाई जा रही हैं। नई किताबें आते ही विद्यार्थियों को बांट दी जाएंगी।-चरण सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक
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रेवाड़ी। जिले के राजकीय विद्यालयों में अभी नई किताबें नहीं पहुंची हैं जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि बच्चों को पुरानी किताबें मुहैया कराई गई हैं लेकिन कुछ कक्षाओं के पाठ्यक्रम बदलाव होने के कारण विद्यार्थियों को परेशानी हो रही है।
सरकार की योजना राजकीय स्कूलों में 15 अप्रैल से पहले पुस्तकें उपलब्ध करवाने की थीं लेकिन यह संभव नहीं हो सका है। नई किताबें नहीं मिलने से बच्चों को पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है। बच्चे नई पुस्तक की मांग कर रहे हैं। कक्षा एक से 8वीं तक के बच्चों को निशुल्क किताबें उपलब्ध करवाई जाती हैं। यह किताबें विभाग की तरफ से मार्च के दूसरे सप्ताह तक आ जानी चाहिए थी, लेकिन अभी तक विद्यालयों में किताबें नहीं पहुंची हैं। किताबों के समय पर नहीं पहुंचने से बच्चों की पढ़ाई में काफी दिक्कत आ रही है।
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस बार कुछ कक्षाओं के पाठ्यक्रम में बदलाव हुआ है जिससे समस्या आ रही है। अभी बच्चों को पुरानी किताबें मुहैया करवाई गई हैं। ऐसे में कुछ हद तक पढ़ाई तो हो पा रही है लेकिन सभी विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध करवाना मुश्किल लग रहा है। फिलहाल विद्यालयों में किताबें कब तक आएंगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है।
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जिले में करीब 397 राजकीय स्कूलों में करीब 42 हजार विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अभी जो विद्यार्थी प्रमोट होकर अगली कक्षा में गए हैं, उन सभी को पुस्तकें मिल जाएं, यह भी मुमकिन नहीं है। फिलहाल शिक्षक भी नई पुस्तकों के इंतजार में हैं। पिछले वर्ष भी पुस्तकों को लेकर काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। इस वर्ष भी वही स्थिति देखने को मिल रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि इस माह में पुस्तक आ जाएंगी।
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कोट
नया शैक्षणिक सत्र का आधा महीना बीत जाने के बाद भी विद्यालयों में किताबें नहीं आ सकी हैं, जिससे बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। ऐसे में बच्चों को पुरानी किताबें दी गईं हैं। स्कूलों में नईं किताबें कब तक आएंगी इसकी भी कुछ पता नहीं है। - पूनम शर्मा, अभिभावक, डवाना।
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विद्यालयों में अभी तक किताबें नहीं पहुंची हैं। इससे बच्चों को पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है। वहीं अध्यापकों का कहना है कि कक्षाओं का पाठ्यक्रम बदलने के कारण समय पर किताबें नहीं पहुंच सकीं हैं। नई किताबें आने के बाद बच्चों को बांट दी जाएंगी।- सतीश शर्मा, अभिभावक, डवाना।
वर्जन :
जिले के राजकीय विद्यालयों में 15 अप्रैल तक पुस्तकें पहुंचाने की योजना थी। पुस्तकों की आपूर्ति शुरू हो चुकी है। रूट अनुसार जिलों में किताबें पहुंचाई जा रही हैं। नई किताबें आते ही विद्यार्थियों को बांट दी जाएंगी।-चरण सिंह, जिला एफएलएन समन्वयक