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कोसली बाईपास व झज्जर मार्ग पर चार घंटे जाम
अमर उजाला ब्यूरो/रेवाड़ी
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:26 AM IST
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जाट आरक्षण कि आग कोसली तक पहुंच गई है। जिला झज्जर के गांव धनिया के जाटों ने आरक्षण की मांग के लिए बुधवार को कोसली बाईपास पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना पर कोसली थाने से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जाट नेता टस से मस नहीं हुए।
सुबह लगभग आठ बजे जिला झज्जर के गांव धनिया से सैकड़ों जाट इकट्ठे होकर कोसली बाईपास पर पहुंचे और उन्होंने वहां जाम लगा दिया। इससे कोसली-रोहतक व कोसली-झज्जर मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। जाटों के जाम लगाने की सूचना कोसली थाना को मिलते ही थाना इंचार्ज नरेंद्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कोसली की सीमा में जाम लगाए बैठे जाटों को वहां से हटने को कहा। जाट नेता प्रविन, श्याम सिंह ,रोशन लाल, रमेश कुमार ने बताया कि आरक्षण न मिलने के कारण उनके बच्चो को रोजगार नहीं मिल रहा है। खेती कि जमीन घटती जा रही है और कुछ लोगों के पास तो इतनी जमीन ही शेष बची हे कि वह अपने परिवार का साल भर का खाने लायक ही अनाज पैदा कर पाते हैं।
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जाम से आम लोगों को परेशानी
जाम लगाए जाटों ने मौके पर पहुंचे एसएचओ नरेंद्र से कहा कि हम सरकार की गोली खाने को तैयार हैं लेकिन जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा वह रास्तों को नही खोलेंगे। उन्होंने कहा कि कल से महिला व बच्चे भी रोड पर होंगे। इस पर एसएचओ ने कहा कि आपके जाम के कारण आम जनता भारी परेशान है कहीं यह आप पर उल्टा ना पड़ जाऐ इसलिए जनहित में जाम खोल दें।
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झज्जर बॉर्डर पर जा डटे, डीएसपी को दिया जवाब
समझाइश के बाद जाट नेताओं ने कोसली सीमा से जाम हटाकर दस गज दूर झज्जर जिले की शुरुआती सीमा पर लगा दिया। इससे कोसली बाईपास तो खुल गया लेकिन झज्जर की ओर जाने वाला रास्ता बंद रहा। इससे पूर्व कोसली के डीएसपी बिरेन्द्र सिंह भी मौके पर पहुंचे तथा जाट नेताओं को बताया कि जाम लगाने से कोई समाधान नहीं हो सकता यह समाधान तो बातचीत के माध्यम से ही संभव हो सकता है। लेकिन जाट नेताओं ने पुलिस उप अधिक्षक को दो टूक जवाब दिया कि जाम आरक्षण मिलने के बाद ही खुलेगा।
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जाम से आम आदमी हलकान
जाट नेताओं द्वारा आरक्षण कि मांग को लेकर लगाए जा रहे जाम का असर कोसली के बाजार पर भई देखने को मिला। बाजार सूने हो गए वहीं लोगों को भी कई किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा। खासकर महिलाओं और बच्चों को जाम के चलते काफी दिक्कत हुई।
वर्जन
आरक्षण को लेकर आम लोगों को जहां परेशान किया जा रहा है। वहीं देश व प्रदेश की संपत्ति को भी नुकसान हो रहा है इसके लिए जाट नेताओं को खुद सोचना चाहिए की यह नुकसान हमारा ही हो रहा है और इस प्रकार से रास्ता रोकने के बजाए और भी तरीकों से अपनी मांग मनवाई जा सकती है।
-बीरेंद्र सिंह, डीएसपी, कोसली
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जाम की सूचना पर कोसली थाने से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन जाट नेता टस से मस नहीं हुए।
सुबह लगभग आठ बजे जिला झज्जर के गांव धनिया से सैकड़ों जाट इकट्ठे होकर कोसली बाईपास पर पहुंचे और उन्होंने वहां जाम लगा दिया। इससे कोसली-रोहतक व कोसली-झज्जर मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। जाटों के जाम लगाने की सूचना कोसली थाना को मिलते ही थाना इंचार्ज नरेंद्र भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कोसली की सीमा में जाम लगाए बैठे जाटों को वहां से हटने को कहा। जाट नेता प्रविन, श्याम सिंह ,रोशन लाल, रमेश कुमार ने बताया कि आरक्षण न मिलने के कारण उनके बच्चो को रोजगार नहीं मिल रहा है। खेती कि जमीन घटती जा रही है और कुछ लोगों के पास तो इतनी जमीन ही शेष बची हे कि वह अपने परिवार का साल भर का खाने लायक ही अनाज पैदा कर पाते हैं।
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जाम से आम लोगों को परेशानी
जाम लगाए जाटों ने मौके पर पहुंचे एसएचओ नरेंद्र से कहा कि हम सरकार की गोली खाने को तैयार हैं लेकिन जब तक आरक्षण नहीं मिलेगा वह रास्तों को नही खोलेंगे। उन्होंने कहा कि कल से महिला व बच्चे भी रोड पर होंगे। इस पर एसएचओ ने कहा कि आपके जाम के कारण आम जनता भारी परेशान है कहीं यह आप पर उल्टा ना पड़ जाऐ इसलिए जनहित में जाम खोल दें।
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झज्जर बॉर्डर पर जा डटे, डीएसपी को दिया जवाब
समझाइश के बाद जाट नेताओं ने कोसली सीमा से जाम हटाकर दस गज दूर झज्जर जिले की शुरुआती सीमा पर लगा दिया। इससे कोसली बाईपास तो खुल गया लेकिन झज्जर की ओर जाने वाला रास्ता बंद रहा। इससे पूर्व कोसली के डीएसपी बिरेन्द्र सिंह भी मौके पर पहुंचे तथा जाट नेताओं को बताया कि जाम लगाने से कोई समाधान नहीं हो सकता यह समाधान तो बातचीत के माध्यम से ही संभव हो सकता है। लेकिन जाट नेताओं ने पुलिस उप अधिक्षक को दो टूक जवाब दिया कि जाम आरक्षण मिलने के बाद ही खुलेगा।
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जाम से आम आदमी हलकान
जाट नेताओं द्वारा आरक्षण कि मांग को लेकर लगाए जा रहे जाम का असर कोसली के बाजार पर भई देखने को मिला। बाजार सूने हो गए वहीं लोगों को भी कई किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ा। खासकर महिलाओं और बच्चों को जाम के चलते काफी दिक्कत हुई।
वर्जन
आरक्षण को लेकर आम लोगों को जहां परेशान किया जा रहा है। वहीं देश व प्रदेश की संपत्ति को भी नुकसान हो रहा है इसके लिए जाट नेताओं को खुद सोचना चाहिए की यह नुकसान हमारा ही हो रहा है और इस प्रकार से रास्ता रोकने के बजाए और भी तरीकों से अपनी मांग मनवाई जा सकती है।
-बीरेंद्र सिंह, डीएसपी, कोसली