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बायो इंजीनियरिंग उपयोगी और कॅरिअर उन्मुख क्षेत्र : डॉ. धार
Sun, 23 Nov 2025 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 23 Nov 2025 11:53 PM IST
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कार्यक्रम में एक मंच पर आए विद्यार्थी व प्रोफेसर्स। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में आयोजित छह दिवसीय अटल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन सत्र आयोजित किया गया। अंतिम दिन के विशेष सत्र में डॉ. पवन धार ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार रखे।
डॉ. धार ने बताया कि जब बायोलॉजी और इंजीनियरिंग को एकीकृत किया जाता है तो नई तकनीक जन्म लेती हैं, जिसे हम बायो इंजीनियरिंग के रूप में जानते हैं। आने वाली पीढ़ी के लिए बायो इंजीनियरिंग उपयोगी और कॅरिअर उन्मुख क्षेत्र है। इस क्षेत्र में रिसर्च के अनगिनत अवसर उपलब्ध हैं और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के सेशन में डॉ. दीपक ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। डॉ. दीपक ने कहा कि यह एफडीपी हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा। विभिन्न कॉलेजों से आए 30 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर, रिसर्च शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल हुए।
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डॉ. धार ने बताया कि जब बायोलॉजी और इंजीनियरिंग को एकीकृत किया जाता है तो नई तकनीक जन्म लेती हैं, जिसे हम बायो इंजीनियरिंग के रूप में जानते हैं। आने वाली पीढ़ी के लिए बायो इंजीनियरिंग उपयोगी और कॅरिअर उन्मुख क्षेत्र है। इस क्षेत्र में रिसर्च के अनगिनत अवसर उपलब्ध हैं और भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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कार्यक्रम के सेशन में डॉ. दीपक ने सभी प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया। डॉ. दीपक ने कहा कि यह एफडीपी हमारे विश्वविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक कदम है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा। विभिन्न कॉलेजों से आए 30 से अधिक असिस्टेंट प्रोफेसर, रिसर्च शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल हुए।
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