{"_id":"62f14f2500dfa060a948b7d0","slug":"bhim-rudan-yatra-traveled-back-to-rajasthan-rewari-news-rtk6546647195","type":"story","status":"publish","title_hn":"भीम रुदन यात्रा वापस राजस्थान की ओर कूच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भीम रुदन यात्रा वापस राजस्थान की ओर कूच
विज्ञापन
बावल(रेवाड़ी)। एक अगस्त को अहमदाबाद से दिल्ली के लिए चली भीम रुदन यात्रा रविवार की देर शाम दिल्ली जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के रास्ते हरियाणा-राजस्थान की सीमा तक पहुंची, जिसे हरियाणा की सीमा में पुलिस ने जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर रोक लिया। बाद में आगे जाने की अनुमति नहीं मिलने पर यात्रा राजस्थान की ओर कूच कर गई।
बाद में इन यात्रियों ने इस हाईवे की सर्विस लेन पर अपना पड़ाव डाल दिया, जो 24 घंटे तक जारी रहा। सोमवार को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव भी इनसे मिलने पहुंचे थे। इस यात्रा के संयोजक मार्टिन माकवन ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि दलित उत्पीड़न बंद किए जाने नए संसद भवन में बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा और छुआछूत मुक्त भारत की परिकल्पना को लेकर तैयार 1111 किलोग्राम वजन का पीतल का सिक्का लेकर चल रही इस यात्रा में 300 से अधिक लोग शामिल रहे। उन्होंने कहा कि हम यहां 24 घंटे यानी सोमवार की रात आठ बजे तक सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से जवाब की प्रतीक्षा करेंगे और अगर अनुमति नहीं मिली तो लौट जाएंगे। यात्रा को 8 अगस्त को दिल्ली पहुंचने के बाद यह सिक्का, जिसके एक पहलू पर गौतम बुद्घ जबकि दूसरे पहलू पर डॉ. आंबेडकर का चित्र छपा था, वह राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा जाना था। उधर दिल्ली में राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के मद्देनजर इस यात्रा को दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद रविवार को इसे हरियाणा की सीमा में प्रवेश के बाद रोक लिया गया। सोमवार को देर शाम 8 बजे बाद यह यात्रा वापस जयपुर राजस्थान की ओर लौट गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनी।
विज्ञापन
बाद में इन यात्रियों ने इस हाईवे की सर्विस लेन पर अपना पड़ाव डाल दिया, जो 24 घंटे तक जारी रहा। सोमवार को पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव भी इनसे मिलने पहुंचे थे। इस यात्रा के संयोजक मार्टिन माकवन ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि दलित उत्पीड़न बंद किए जाने नए संसद भवन में बाबा साहब डॉ. भीम राव आंबेडकर की प्रतिमा और छुआछूत मुक्त भारत की परिकल्पना को लेकर तैयार 1111 किलोग्राम वजन का पीतल का सिक्का लेकर चल रही इस यात्रा में 300 से अधिक लोग शामिल रहे। उन्होंने कहा कि हम यहां 24 घंटे यानी सोमवार की रात आठ बजे तक सरकार के प्रतिनिधियों की ओर से जवाब की प्रतीक्षा करेंगे और अगर अनुमति नहीं मिली तो लौट जाएंगे। यात्रा को 8 अगस्त को दिल्ली पहुंचने के बाद यह सिक्का, जिसके एक पहलू पर गौतम बुद्घ जबकि दूसरे पहलू पर डॉ. आंबेडकर का चित्र छपा था, वह राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा जाना था। उधर दिल्ली में राष्ट्रीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के मद्देनजर इस यात्रा को दिल्ली जाने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद रविवार को इसे हरियाणा की सीमा में प्रवेश के बाद रोक लिया गया। सोमवार को देर शाम 8 बजे बाद यह यात्रा वापस जयपुर राजस्थान की ओर लौट गई और दोनों पक्षों के बीच टकराव की स्थिति नहीं बनी।
विज्ञापन