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Rewari News: पहले प्रयास में भालखी की बेटी करिश्मा खोवाल बनीं असिस्टेंट प्रोफेसर
Sun, 15 Mar 2026 02:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 15 Mar 2026 02:34 AM IST
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करिश्मा खोवाल
नांगल मूंदी। गांव भालखी की बेटी करिश्मा खोवाल ने कड़ी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल कर गांव और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से उनका चयन भूगोल विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। खास बात यह है कि करिश्मा ने यह सफलता अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है।
करिश्मा खोवाल के पिता बिल्लू मिस्त्री और माता मेनका देवी हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली करिश्मा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। करिश्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी, मीरपुर से भूगोल विषय में एमएससी की पढ़ाई पूरी की।
पढ़ाई के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने यूजीसी नेट–जेआरएफ परीक्षा भी पहले ही प्रयास में पास की और ऑल इंडिया स्तर पर 16वीं रैंक हासिल की। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के चलते अब उनका चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है।
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उनकी इस सफलता से क्षेत्र की बेटियों को भी आगे बढ़ने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिल रही है। करिश्मा खोवाल की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि करिश्मा की सफलता से गांव भालखी ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा है और वह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।
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करिश्मा खोवाल के पिता बिल्लू मिस्त्री और माता मेनका देवी हैं। साधारण परिवार से संबंध रखने वाली करिश्मा ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार सहित पूरे गांव और क्षेत्र में खुशी का माहौल है। करिश्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद इंदिरा गांधी यूनिवर्सिटी, मीरपुर से भूगोल विषय में एमएससी की पढ़ाई पूरी की।
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पढ़ाई के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने यूजीसी नेट–जेआरएफ परीक्षा भी पहले ही प्रयास में पास की और ऑल इंडिया स्तर पर 16वीं रैंक हासिल की। लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के चलते अब उनका चयन हरियाणा लोक सेवा आयोग के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है।
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उनकी इस सफलता से क्षेत्र की बेटियों को भी आगे बढ़ने और उच्च शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा मिल रही है। करिश्मा खोवाल की इस उपलब्धि पर ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि करिश्मा की सफलता से गांव भालखी ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ा है और वह अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हैं।