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बावल मंडी में आज से शुरू होगी बाजरे की खरीद
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रेवाड़ी। जिले की तीन अनाज मंडियों में बाजरा खरीद को लेकर अलग-अलग तस्वीर सामने आ रही है। बुधवार को बावल की अनाज मंडी में सरकारी तौर पर बाजरा खरीद की शुरूआत होने जा रही है, जिसका फायदा बावल 84 के 80 से अधिक गांवों के किसानों को होगा। अभी तक व्यापारियों की ओर से बाजरे की खरीद करने की सूचनाएं मिली हैं। उधर कोसली मंडी में भी बाजरा खरीद को लेकर सरकारी खरीद एजेंसी की ओर से तीन दिनों से बाजरा खरीद को लेकर अपनाई जा रही नीति से किसान अभी तक खुश नहीं हैं।
मौसम की मार से परेशान किसान अब बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर काफी चिंतित हैं। उधर व्यापारी वर्ग भी सरकार की ओर से बाजरा खरीद को लेकर किसानों के सवालों का जवाब देते थक चुके हैं। कोसली अनाज मंडी की व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान दिनेश गोयल के अनुसार अभी बाजरा खरीद से किसान संतुष्ट नहीं हैं। सरकारी खरीद को लेकर अधिकारियों की ओर से टोकन जारी किए जाने के बावजूद बाजरा खरीद नहीं होने पर किसानों का परेशान होना स्वाभाविक है। कोसली मंडी में बीते पांच दिनों से बाजरा खरीद नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में किसानों को मंडी में टोकन भी नहीं मिल रहे और इसका सीधा असर किसानों की ओर से मंडी में नई बाजरा फसल की आवक पर हुआ है। अब किसान मंडी में बाजरा लेकर नहीं आ रहे।
मंडी अधिकारियों के मुताबिक 6 अक्तूबर तक कोसली मंडी में 22 हजार 760 क्विंटल से अधिक बाजरा खरीद की जा चुकी थी जबकि अब तक इस मंडी में 30 हजार क्विंटल बाजरा आ चुका है। किसानों को अपनी बाजरा फसल बेचने के लिए 6 अक्तूबर को 2244 टोकन जारी किए गए थे, उसके बाद मौसम खराब होने की वजह से टोकन जारी नहीं किए गए।
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उधर रेवाड़ी अनाज मंडी में हैफेड की ओर से 30 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद कर लिए जाने और उसमें से 27 हजार क्विंटल बाजरे का उठान हो जाने के बाद अब स्थिति में काफी सुधार आया है। उधर व्यापार मंडल के प्रधान राधेश्याम मित्तल ने कहा कि किसान अभी बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर परेशान है। मंडी में बाजरे की आवक पर इसका असर पड़ा है। सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से किसानों को फसल मंडी में लाने पर भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों की ओर से अभी बाजरा खरीद को लेकर व्यापारियों के साथ नई कोई बात नहीं की है। हालांकि यह बात बताई गई है कि सरकार के नए आदेश जल्द आने वाले हैं। सरकार की ओर से रोज भाव आएगा और उसी पर बाजरा खरीद होगी।
उन्होंने संकेत किया कि किसानों को खुले बाजार में बाजरे का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम मिलने की वजह से भावांतर जल्द दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठने लगी। अब सरकार की ओर से किसानों को 450 रुपए प्रति क्विंटल भावांतर मूल्य दिए जाने को लेकर जल्द नए आदेश व्यापारियों को मिलने की उम्मीद है। व्यापार मंडल प्रधान ने संकेत किया कि मंगलवार को रेवाड़ी की मंडी में बाजरा खरीद नहीं हुई। हैफेड के फसल परचेजर मनोज कुमार ने कहा कि सरकार के नए आदेश के अनुसार बाजरा खरीद की जाएगी।
उधर बावल मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद बुधवार से शुरू होने का संकेत एसडीएम संजीव कुमार ने दिया है। उन्होंने कहा कि बावल मंडी में बाजरा खरीद होने से सैकड़ों किसानों को फायदा होगा और फसल बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उधर बावल क्षेत्र में मंगलवार अलसुबह कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई मगर सारा दिन मौसम साफ रखा।
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मौसम की मार से परेशान किसान अब बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर काफी चिंतित हैं। उधर व्यापारी वर्ग भी सरकार की ओर से बाजरा खरीद को लेकर किसानों के सवालों का जवाब देते थक चुके हैं। कोसली अनाज मंडी की व्यापारी एसोसिएशन के प्रधान दिनेश गोयल के अनुसार अभी बाजरा खरीद से किसान संतुष्ट नहीं हैं। सरकारी खरीद को लेकर अधिकारियों की ओर से टोकन जारी किए जाने के बावजूद बाजरा खरीद नहीं होने पर किसानों का परेशान होना स्वाभाविक है। कोसली मंडी में बीते पांच दिनों से बाजरा खरीद नहीं हुई है। ऐसी स्थिति में किसानों को मंडी में टोकन भी नहीं मिल रहे और इसका सीधा असर किसानों की ओर से मंडी में नई बाजरा फसल की आवक पर हुआ है। अब किसान मंडी में बाजरा लेकर नहीं आ रहे।
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मंडी अधिकारियों के मुताबिक 6 अक्तूबर तक कोसली मंडी में 22 हजार 760 क्विंटल से अधिक बाजरा खरीद की जा चुकी थी जबकि अब तक इस मंडी में 30 हजार क्विंटल बाजरा आ चुका है। किसानों को अपनी बाजरा फसल बेचने के लिए 6 अक्तूबर को 2244 टोकन जारी किए गए थे, उसके बाद मौसम खराब होने की वजह से टोकन जारी नहीं किए गए।
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उधर रेवाड़ी अनाज मंडी में हैफेड की ओर से 30 हजार क्विंटल बाजरे की खरीद कर लिए जाने और उसमें से 27 हजार क्विंटल बाजरे का उठान हो जाने के बाद अब स्थिति में काफी सुधार आया है। उधर व्यापार मंडल के प्रधान राधेश्याम मित्तल ने कहा कि किसान अभी बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर परेशान है। मंडी में बाजरे की आवक पर इसका असर पड़ा है। सरकारी खरीद नहीं होने की वजह से किसानों को फसल मंडी में लाने पर भी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि कृषि विपणन बोर्ड के अधिकारियों की ओर से अभी बाजरा खरीद को लेकर व्यापारियों के साथ नई कोई बात नहीं की है। हालांकि यह बात बताई गई है कि सरकार के नए आदेश जल्द आने वाले हैं। सरकार की ओर से रोज भाव आएगा और उसी पर बाजरा खरीद होगी।
उन्होंने संकेत किया कि किसानों को खुले बाजार में बाजरे का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम मिलने की वजह से भावांतर जल्द दिए जाने की मांग प्रमुखता से उठने लगी। अब सरकार की ओर से किसानों को 450 रुपए प्रति क्विंटल भावांतर मूल्य दिए जाने को लेकर जल्द नए आदेश व्यापारियों को मिलने की उम्मीद है। व्यापार मंडल प्रधान ने संकेत किया कि मंगलवार को रेवाड़ी की मंडी में बाजरा खरीद नहीं हुई। हैफेड के फसल परचेजर मनोज कुमार ने कहा कि सरकार के नए आदेश के अनुसार बाजरा खरीद की जाएगी।
उधर बावल मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद बुधवार से शुरू होने का संकेत एसडीएम संजीव कुमार ने दिया है। उन्होंने कहा कि बावल मंडी में बाजरा खरीद होने से सैकड़ों किसानों को फायदा होगा और फसल बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उधर बावल क्षेत्र में मंगलवार अलसुबह कुछ जगह हल्की बूंदाबांदी भी हुई मगर सारा दिन मौसम साफ रखा।