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Rewari News: आशा कार्यकर्ता यूनियन के पदाधिकारियों ने की एनएचएम निदेशक से बात
Tue, 03 Feb 2026 11:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 03 Feb 2026 11:55 PM IST
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फोटो: एनएचएम हरियाणा के डायरेक्टर डॉ. विरेंद्र यादव और आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा के प्रतिनि
रेवाड़ी। केंद्रीय श्रमिक संगठन एआईयूटीयूसी से संबद्ध आशा कार्यकर्ता यूनियन हरियाणा के पदाधिकारियों ने एनएचएम हरियाणा के निदेशक डॉ. विरेंद्र यादव से बात की। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं की लंबित मांगों पर चर्चा की गई। कई मुद्दों पर सहमति बनी।
यूनियन की महासचिव मधु देवी, राज्य कार्यालय सचिव संतोष यादव, अनिता नैनसुखपुरा और राजबाला यादव सहित प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक से वार्ता की। इस दौरान कुल 15 बिंदुओं पर चर्चा की गई।
सीएचसी, सामान्य अस्पताल में सपोर्टिंग स्टाफ की व्यवस्था, जेएसवाई फंड के भुगतान की बाधाओं को दूर करने, ऑनलाइन कार्य में आने वाली कठिनाइयों का समाधान करने पर चर्चा की गई।
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इंसेंटिव पर सहायता राशि बढ़ाने, आशा वर्करों से अन्य कार्यों पर रोक लगाने, 3 माह का बकाया इंसेंटिव शीघ्र भुगतान, रिटायरमेंट पर सहायता राशि बढ़ाने, मातृत्व अवकाश लागू करने, और मॉड्यूल ट्रेनिंग व ऑनलाइन कार्य की ट्रेनिंग देने पर सहमति बनी।
नीतिगत मांगों पर विभाग सरकार से 14 फरवरी से 26 फरवरी के बीच वार्ता करेगा। इसमें आशा को सरकारी कर्मचारी के रूप में नियमित करने और न्यूनतम वेतन 28 हजार रुपये करने सहित अन्य लंबित मांगों पर चर्चा होगी।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एआईयूटीयूसी के नेता मास्टर सूबे सिंह यादव ने किया।
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यूनियन की महासचिव मधु देवी, राज्य कार्यालय सचिव संतोष यादव, अनिता नैनसुखपुरा और राजबाला यादव सहित प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक से वार्ता की। इस दौरान कुल 15 बिंदुओं पर चर्चा की गई।
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सीएचसी, सामान्य अस्पताल में सपोर्टिंग स्टाफ की व्यवस्था, जेएसवाई फंड के भुगतान की बाधाओं को दूर करने, ऑनलाइन कार्य में आने वाली कठिनाइयों का समाधान करने पर चर्चा की गई।
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इंसेंटिव पर सहायता राशि बढ़ाने, आशा वर्करों से अन्य कार्यों पर रोक लगाने, 3 माह का बकाया इंसेंटिव शीघ्र भुगतान, रिटायरमेंट पर सहायता राशि बढ़ाने, मातृत्व अवकाश लागू करने, और मॉड्यूल ट्रेनिंग व ऑनलाइन कार्य की ट्रेनिंग देने पर सहमति बनी।
नीतिगत मांगों पर विभाग सरकार से 14 फरवरी से 26 फरवरी के बीच वार्ता करेगा। इसमें आशा को सरकारी कर्मचारी के रूप में नियमित करने और न्यूनतम वेतन 28 हजार रुपये करने सहित अन्य लंबित मांगों पर चर्चा होगी।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व एआईयूटीयूसी के नेता मास्टर सूबे सिंह यादव ने किया।