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Rewari News: भाव बढ़े तो सरसों की बिजाई का रकबा भी बढ़ा
Sun, 02 Feb 2025 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 02 Feb 2025 11:30 PM IST
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फोटो : 01खेत में उगी सरसों की फसल। संवाद
- फोटो : संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। सरसों का भाव बढ़ने के कारण सरसों की बिजाई का रकबा भी बढ़ने लगा है। जिले में वर्ष 2015 में 63 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की गई थी, लेकिन इस वर्ष यह रकबा बढ़कर 78 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
खेतों में सरसों की फसल लहलहा रही है। सरसों के खिले फूल से ऐसा लग रहा है मानों खेतों में पीले व हरे रंग की कालीन बिछ गई हो। अब आगे मौसम मेहरबान तो सबकुछ ठीक। अगर फसल पकाई के समय मौसम ठीक रहता है तो किसानों के अरमानों पर पंख लगने जैसा है। किसान रबी की फसल पर ही अपने सपनों का ताना-बाना बुनता है। ऐसे में जिस भी साल मौसम संतुलित रहा उस साल जिले में सरसों का बंपर उत्पादन हुआ है। इस बार का मौसम फसलों के लिए काफी बेहतर रहा है। ऐसे में अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है ।
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रेवाड़ी। सरसों का भाव बढ़ने के कारण सरसों की बिजाई का रकबा भी बढ़ने लगा है। जिले में वर्ष 2015 में 63 हजार हेक्टेयर में सरसों की बिजाई की गई थी, लेकिन इस वर्ष यह रकबा बढ़कर 78 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
खेतों में सरसों की फसल लहलहा रही है। सरसों के खिले फूल से ऐसा लग रहा है मानों खेतों में पीले व हरे रंग की कालीन बिछ गई हो। अब आगे मौसम मेहरबान तो सबकुछ ठीक। अगर फसल पकाई के समय मौसम ठीक रहता है तो किसानों के अरमानों पर पंख लगने जैसा है। किसान रबी की फसल पर ही अपने सपनों का ताना-बाना बुनता है। ऐसे में जिस भी साल मौसम संतुलित रहा उस साल जिले में सरसों का बंपर उत्पादन हुआ है। इस बार का मौसम फसलों के लिए काफी बेहतर रहा है। ऐसे में अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है ।
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