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Rewari News: भिवाड़ी में एक्यूआई 375 पार, ग्रैप-2 लागू

Tue, 21 Oct 2025 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 21 Oct 2025 11:48 PM IST
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AQI crosses 375 in Bhiwadi, Grape-2 implemented
फोटो: 09रेवाड़ी। राजस्थान की औद्योगिक नगरी भिवाड़ी में छाया प्रदूषण। संवाद
भिवाड़ी। दीपावली त्योहार की चमक-दमक के बाद अब भिवाड़ी पर प्रदूषण के बादल छा गए हैं। राजस्थान की औद्योगिक नगरी भिवाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है। दिवाली के दूसरे दिन ही एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 375 को पार कर गया जिसके चलते दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के साथ भिवाड़ी भी अलर्ट जोन में आ गया है।
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पड़ोसी धारूहेड़ा में तो हालात और भी खराब हैं जहां एक्यूआई 377 तक पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से ग्रीन पटाखों की अनुमति केवल रात 8 से रात 10 बजे तक ही चलाने की मिली थी लेकिन लोगों ने देर रात तक पटाखे फोड़े जिससे बाजार में जहरीले पटाखों की बिक्री ने हवा को जहर से भर दिया।
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नतीजा यह रहा कि सांस लेना मुश्किल हो गया है। खैरथल-तिजारा जिले सहित पूरे क्षेत्र में धुंध की चादर बिछ गई है और लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर तत्काल कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में भिवाड़ी-एनसीआर एक गैस चैंबर में तब्दील हो सकता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एनसीआर में ग्रैप-2 का चरण लागू कर दिया है जिसमें कई पाबंदियां लगाई गई है।
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ग्रैप-2 के तहत सख्ती
निर्माण कार्य बंद, डीजल जनरेटर पर रोक, प्रदूषण नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) के दूसरे चरण को तुरंत लागू कर दिया गया है। इसके तहत सभी निर्माण और धूल पैदा करने वाले कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

डीजल जनरेटर का उपयोग बंद
कोयला और लकड़ी से चलने वाले चूल्हों व भट्टियों पर सख्ती की गई है। इसके साथ ही औद्योगिक इकाइयों को प्रदूषण कम करने के लिए अतिरिक्त उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारीयों का कहना है कि दिवाली की रात अधिक पटाखों के चलने से एनसीआर में यह स्थिति पैदा हुई है। भिवाड़ी प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी इस पर 24 घंटे निगरानी रख रहे हैं, लेकिन जनता का सहयोग जरूरी है। मास्क पहनें और अनावश्यक यात्रा न करें।

स्वास्थ्य पर संकट, सांस की बीमारियां बढ़ीं:
स्थानीय अस्पतालों में सांस संबंधी शिकायतों के मामले दोगुने हो गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि एक्यूआई 300 से ऊपर होने पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों के लिए हवा जहर की तरह घातक साबित हो रही है। पटाखों की चमक तो दो घंटे की थी, लेकिन इस प्रदूषण का असर महीनों तक रहेगा। सरकार को अब सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भिवाड़ी के अलावा, दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी एक्यूआई 300 के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, हवा की गति कम होने से प्रदूषक कण हवा में लटक रहे हैं, जो अगले 48 घंटों तक बने रह सकते हैं।


क्या करें आम नागरिक
घर के अंदर रहें, एसी और हीटर का उपयोग करें। मास्क और एयर प्यूरीफायर का सहारा लें। वाहनों की संख्या कम करें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। पेड़ लगाने और कचरा प्रबंधन जैसे लंबे उपाय अपनाएं।
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