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Rewari News: एक्यूआई <bha>@</bha>346...बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती और अस्थमा-हृदय रोगी घर से बाहर कम निकलें
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अनाज मंडी मार्ग पर छाया प्रदूषण। संवाद
- फोटो : राम कथा पार्क में आयोजित कार्यक्रम में प्रस्तुति देते कलाकार
रेवाड़ी। जिले में वायु प्रदूषण लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। पिछले चार दिनों से प्रदूषण का स्तर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। वीरवार को जिले का अधिकतम एक्यूआई 346 दर्ज किया गया जो बहुत खराब श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जाता है। इससे पहले भी लगातार तीन दिनों तक एक्यूआई 320 से ऊपर ही बना रहा।
मौसम के बदलते मिजाज, हवा की गति में कमी, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और वाहनों के बढ़ते धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है। सुबह और शाम के समय हल्की धुंध की परत शहर के ऊपर तैरती दिखाई देती है जिससे दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।
पिछले कुछ दिनों में हवा की गति बढ़ने और धूल कम होने के कारण एक्यूआई में सुधार देखा गया था और स्तर 300 के नीचे आ गया था लेकिन 4 दिनों से सुबह से ही वातावरण में धुंध की परत और धूलकणों की मात्रा बढ़ने लगी है। ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई 350 को पार कर सकता है।
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प्रदूषण बढ़ने का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सांस की तकलीफ, एलर्जी, आंखों में जलन और खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 20-25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चिकित्सकों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों, अस्थमा व हृदय रोगियों को बाहर कम निकलने व रोजाना मास्क पहनने की सलाह दी है।
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ठोस अपशिष्ट जलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर परिषद, निर्माण एजेंसियों और औद्योगिक इकाइयों को तुरंत पानी का छिड़काव बढ़ाने, सड़कों की नियमित सफाई करने और निर्माण स्थलों को ढकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही खुले में कूड़ा या ठोस अपशिष्ट जलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस सीजन का सबसे खतरनाक प्रदूषण स्तर 2 नवंबर को दर्ज हुआ था जब एक्यूआई 434 पहुंच गया था। इसके अलावा दीपावली पर 412 और 31 अक्तूबर को 406 दर्ज किया गया था।
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मौसम के बदलते मिजाज, हवा की गति में कमी, निर्माण कार्यों से उठने वाली धूल और वाहनों के बढ़ते धुएं के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ रही है। सुबह और शाम के समय हल्की धुंध की परत शहर के ऊपर तैरती दिखाई देती है जिससे दृश्यता भी प्रभावित हो रही है।
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पिछले कुछ दिनों में हवा की गति बढ़ने और धूल कम होने के कारण एक्यूआई में सुधार देखा गया था और स्तर 300 के नीचे आ गया था लेकिन 4 दिनों से सुबह से ही वातावरण में धुंध की परत और धूलकणों की मात्रा बढ़ने लगी है। ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले दिनों में एक्यूआई 350 को पार कर सकता है।
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प्रदूषण बढ़ने का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में सांस की तकलीफ, एलर्जी, आंखों में जलन और खांसी की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 20-25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
चिकित्सकों ने खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवतियों, अस्थमा व हृदय रोगियों को बाहर कम निकलने व रोजाना मास्क पहनने की सलाह दी है।
ठोस अपशिष्ट जलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने बढ़ते खतरे को देखते हुए नगर परिषद, निर्माण एजेंसियों और औद्योगिक इकाइयों को तुरंत पानी का छिड़काव बढ़ाने, सड़कों की नियमित सफाई करने और निर्माण स्थलों को ढकने के निर्देश जारी कर दिए हैं। साथ ही खुले में कूड़ा या ठोस अपशिष्ट जलाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस सीजन का सबसे खतरनाक प्रदूषण स्तर 2 नवंबर को दर्ज हुआ था जब एक्यूआई 434 पहुंच गया था। इसके अलावा दीपावली पर 412 और 31 अक्तूबर को 406 दर्ज किया गया था।