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एनी डेस्क एप से हो सकती है ठगी, रहें सावधान : एसपी
Mon, 29 Jul 2024 12:26 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 29 Jul 2024 12:26 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। साइबर अपराध की हो रही घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने लोगों को सचेत किया है। उन्होंने मोबाइल एप का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की है। एसपी ने लोगों को चेताते हुए कहा कि एनी डेस्क एप को डाउनलोड न करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी आईडी, पासवर्ड, पिन, खाता संख्या आदि की जानकारी न दें।
बताया कि एनी डेस्क एप ठगों के लिए सरल साधन है, क्योंकि यह उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर अलग-अलग मोबाइल और सिस्टम से कनेक्ट करने की अनुमति देता है। यह एक स्क्रीन शेयरिंग प्लेटफॉर्म है। अपराधी इसका उपयोग धोखा देने और ऑनलाइन ठगी के लिए कर रहे हैं। कहा कि लोग ऑनलाइन खरीदारी या खाते से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हैं। अगर मोबाइल पर किसी सोशल मीडिया के जरिए एनी डेस्क मोबाइल एप का लिंक फॉरवर्ड होकर आ जाए तो उस पर क्लिक करने से बचें। यह एप बैंक खाते के लिए घातक हो सकता है। साइबर शातिर आजकल ऑनलाइन ठगी के लिए एनी डेस्क एप का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट कर नजदीकी थाने में शिकायत दें।
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रेवाड़ी। साइबर अपराध की हो रही घटनाओं को देखते हुए पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने लोगों को सचेत किया है। उन्होंने मोबाइल एप का सावधानी से इस्तेमाल करने की अपील की है। एसपी ने लोगों को चेताते हुए कहा कि एनी डेस्क एप को डाउनलोड न करें। किसी भी व्यक्ति को अपनी आईडी, पासवर्ड, पिन, खाता संख्या आदि की जानकारी न दें।
बताया कि एनी डेस्क एप ठगों के लिए सरल साधन है, क्योंकि यह उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर अलग-अलग मोबाइल और सिस्टम से कनेक्ट करने की अनुमति देता है। यह एक स्क्रीन शेयरिंग प्लेटफॉर्म है। अपराधी इसका उपयोग धोखा देने और ऑनलाइन ठगी के लिए कर रहे हैं। कहा कि लोग ऑनलाइन खरीदारी या खाते से पैसे ट्रांसफर करने के लिए मोबाइल एप का इस्तेमाल करते हैं। अगर मोबाइल पर किसी सोशल मीडिया के जरिए एनी डेस्क मोबाइल एप का लिंक फॉरवर्ड होकर आ जाए तो उस पर क्लिक करने से बचें। यह एप बैंक खाते के लिए घातक हो सकता है। साइबर शातिर आजकल ऑनलाइन ठगी के लिए एनी डेस्क एप का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। साइबर अपराध होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल पर रिपोर्ट कर नजदीकी थाने में शिकायत दें।
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