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Rewari News: धारूहेड़ा नगरपालिका की मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप
Fri, 06 Mar 2026 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 06 Mar 2026 01:04 AM IST
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धारूहेड़ा। नगरपालिका धारूहेड़ा की वार्डवार मतदाता सूची को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय लोगों और पूर्व पार्षद ने बीएलओ की मिलीभगत से मतदाता सूची में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। आरोप लगाया गया है कि जो मतदाता संबंधित वार्ड में निवास नहीं करते, उनके नाम भी सूची में जोड़ दिए गए हैं। एक ही परिवार के सदस्यों के नाम अलग-अलग वार्डों में दर्ज कर दिए गए हैं।
पूर्व पार्षद होशियार सिंह उर्फ बिट्टू ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करते समय नियमों की अनदेखी की गई है। जिस वार्ड में व्यक्ति निवास करता है, उसका वोट उसी वार्ड में होना चाहिए, लेकिन धारूहेड़ा में ऐसा नहीं हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डबंदी केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। वार्ड से बाहर के मतदाताओं को शामिल करने में बड़ा खेल हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ ने घर बैठे ही सूची तैयार कर दी और मौके पर जाकर सत्यापन नहीं किया। चुनाव लड़ने के इच्छुक कुछ लोगों की मिलीभगत से यह हेराफेरी की गई है।
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बिट्टू ने संबंधित बीएलओ को तत्काल निलंबित करने और वार्डबंदी की प्रक्रिया दोबारा वार्डों में जाकर कराने की मांग की है।वीरवार को नगरपालिका कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
स्थानीय निवासी मयंक यादव ने बताया कि पिछले चुनाव में उनका वोट वार्ड नंबर 10 में था लेकिन अब सूची में उनका नाम नहीं है। वार्ड नंबर 11 से 176 वोट वार्ड नंबर 10 में कैसे कर दिए गए ।
वार्ड नंबर 4 व 5 से वार्ड नंबर एक में कर दिया गया है। वार्ड नंबर 3 से 6 में, वार्ड नंबर 9 से 10 में वार्ड नंबर 13 से 12 वार्ड में वोट कर दिए गए हैं।
किसान मोर्चा के पूर्व प्रधान धर्मवीर यादव ने बताया कि वार्ड नंबर 17 से वार्ड नंबर एक में 49 वोट शिफ्ट किए गए हैं जबकि हमारी कोई सहमति नहीं है। न ही वार्ड नंबर एक में हम रहते हैं l वार्ड रिजर्व होने के कारण चुनाव लड़ने वालों ने बीएलओ से मिलकर यह खेल किया है।
उन्होंने बताया कि अब वार्ड के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है जबकि गलती बीएलओ ने सांठगांठ से की है l उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्यों की वोट अलग-अलग वार्डों में कर दिए गए हैं जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई।
कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि वार्डों में शामिल बाहरी मतदाताओं के नाम नहीं हटाए गए और सूची में सुधार नहीं किया गया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि हर वोट को ठीक करवाने के लिए अलग-अलग फार्म भरने पड़ रहे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।
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पूर्व पार्षद होशियार सिंह उर्फ बिट्टू ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करते समय नियमों की अनदेखी की गई है। जिस वार्ड में व्यक्ति निवास करता है, उसका वोट उसी वार्ड में होना चाहिए, लेकिन धारूहेड़ा में ऐसा नहीं हुआ है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि वार्डबंदी केवल खानापूर्ति बनकर रह गई है। वार्ड से बाहर के मतदाताओं को शामिल करने में बड़ा खेल हुआ है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बीएलओ ने घर बैठे ही सूची तैयार कर दी और मौके पर जाकर सत्यापन नहीं किया। चुनाव लड़ने के इच्छुक कुछ लोगों की मिलीभगत से यह हेराफेरी की गई है।
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बिट्टू ने संबंधित बीएलओ को तत्काल निलंबित करने और वार्डबंदी की प्रक्रिया दोबारा वार्डों में जाकर कराने की मांग की है।वीरवार को नगरपालिका कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
स्थानीय निवासी मयंक यादव ने बताया कि पिछले चुनाव में उनका वोट वार्ड नंबर 10 में था लेकिन अब सूची में उनका नाम नहीं है। वार्ड नंबर 11 से 176 वोट वार्ड नंबर 10 में कैसे कर दिए गए ।
वार्ड नंबर 4 व 5 से वार्ड नंबर एक में कर दिया गया है। वार्ड नंबर 3 से 6 में, वार्ड नंबर 9 से 10 में वार्ड नंबर 13 से 12 वार्ड में वोट कर दिए गए हैं।
किसान मोर्चा के पूर्व प्रधान धर्मवीर यादव ने बताया कि वार्ड नंबर 17 से वार्ड नंबर एक में 49 वोट शिफ्ट किए गए हैं जबकि हमारी कोई सहमति नहीं है। न ही वार्ड नंबर एक में हम रहते हैं l वार्ड रिजर्व होने के कारण चुनाव लड़ने वालों ने बीएलओ से मिलकर यह खेल किया है।
उन्होंने बताया कि अब वार्ड के मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है जबकि गलती बीएलओ ने सांठगांठ से की है l उन्होंने कहा कि उनके परिवार के सदस्यों की वोट अलग-अलग वार्डों में कर दिए गए हैं जिसकी उन्हें जानकारी तक नहीं दी गई।
कस्बावासियों ने चेतावनी दी है कि यदि वार्डों में शामिल बाहरी मतदाताओं के नाम नहीं हटाए गए और सूची में सुधार नहीं किया गया तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। लोगों का कहना है कि हर वोट को ठीक करवाने के लिए अलग-अलग फार्म भरने पड़ रहे हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी हो रही है।