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इस बार भी एम्स के लिए नहीं हुआ बजट आवंटन
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कैप्शन न. 50 रेवाड़ी। बजट के दौरान टीवी देखते शहरवासी
- फोटो : Rewari
रेवाड़ी। केंद्र सरकार द्वारा शुक्रवार को संसद में पेश हुए आम बजट को लेकर जिले में अलग-अलग तरह की प्रतिक्रिया देखने को मिली एक ओर जहां कुछ लोग इस बजट को आम जन के लिए बेहतर बता रहे हैं वहीं दूसरी ओर एक तबका ऐसा भी है जिसको इस बजट में कुछ खास नजर नहीं आया। क्षेत्र के लोगों को सबसे बड़ा दोष मनेठी एम्स को लेकर बजट में कोई जिक्र नहीं करने पर देखा जा रहा है। हालांकि किसानों के लिए सरकार ने इस बजट में कुछ करने का प्रयास किया लेकिन फिर भी इसे कुछ लोग ऊंट के मुंह में जीरा ही बता रहे हैं। इसके बाद भी कई लोग बजट को लेकर उत्साहित है। अमर उजाला ने विभिन्न श्रेणी के लोगों से उनकी राय जानी।
केंद्र सरकार का आम बजट दिशाहीन है। जिले के गांव मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए बजट का प्रावधान नहीं रखना लोगों के साथ धोखा करना है। क्योंकि सरकार को पहले से ही मालूम था कि यहां एम्स नहीं बनेगा। प्रधानमंत्री बात तो करते हैं मेक इन इंडिया की करते है, लेकिन एक रूपया का भी बजट नहीं रखा गया। एफडीआई सौ प्रतिशत किए जाना चिंता की बात है ऐसे में बीएसएनएल, एयर इंडिया व एलआईसी जैसी भारतीय कंपनियों का क्या होगा। गांव, गरीब और किसानों को हाशिये पर रखा गया है। दुकानदारों की पेंशन के बारे में भी कुछ क्लियर नहीं बताया गया है। इसके साथ ही 2 करोड़ के चेक पर 2 प्रतिशत टीडीएस काटना। एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से छीनने जैसा है। कर्मचारियों को 5 लाख तक की इनकम में तो पहले से ही राहत थी इसमें भी कोई बदलाव नही किया, कर्मचारियों के भी हाथ खाली रह गए। गुड़गांव मेट्रो के विस्तार के लिए बजट नहीं दिया गया। इसके अलावा मात्र दो साल 2017-18 से 2019-2020 में महिलाओं से संबंधित योजनाओं के बजट में 2 हजार करोड़ से ज्यादा की कटौती की गई।
-कैप्टन अजय यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित मंत्री
जिलेभर के लोगों केे बजट से काफी उम्मीद थी कि बजट में मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए सरकार बजट में प्रावधान रखेगी, लेकिन बजट में इसका जीक्र तक नहीं किया जाना यहां के लोगों केे लिए बड़ी गंभीर बात है। भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल का बजट को दावों, जुमलों, सपने दिखाकर ठगने व महंगाई बढ़ाने वाला बजट है। इससे न तो नए रोजगार पैदा होंगे और न ही आम आदमी को महंगाई से राहते मिलेगी। सरकार ने विभिन्न सरकारी संस्थानों पीएसयू में एक लाख 5 हजार करोड़ रूपये का विनिवेश करेगी अर्थात पीएसयू को बेचेगी व पीएसयू की जमीनों को सस्ती हाऊसिंग स्कीम के तहत बिल्डरों को चोर दरवाजे से देगी। बजट में 2022 तक किसान आय दोगुना करने का फिर सपना दिखाया है, पर कृषि मंत्रालय के आंकडों अनुसार ही 2014-2019 के बीच पांच साल में किसान आय एक पैसा भी नहीं बढ़ी। बजट से साफ है कि सरकार निजीकरण की ओर तेजी से बढ़ रही है। पैट्रोल-डीजल पर पहले ही भारी-भरकम एक्साइज ड्यूटी लगाकर उपभोक्ताओं पर बोझ था। पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर एक रुपया एक्साइज ड्यूटी और एक रुपये से बढ़ाकर आम आदमी जीना दूभर कर दिया जिससे पेट्रोल-डीजल भाव 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगे।
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-वेद प्रकाश विद्रोही, कांग्रेस नेता
मनेठी के बनने वाले एम्स के लिए सरकार के अंतरिम बजट में ही घोषणा की जा चुकी थी। इसलिए इस बजट में जीक्र करने या नहीं करने का कोई औचित्य नहीं है। एम्स मनेठी में बनेगा। इसके लिए पहले से ही बजट का प्रावधान किया जा चुका है। इसके अलावा बजट न केवल संतुलित है बल्कि सभी वर्गों के लिए फायदेमंद है।
-डॉॅ.बनवारी लाल, जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री
केंद्र सरकार का आम बजट बहुत शानदार है। मनेठी एम्स का निर्माण धन की वजह से नहीं रुकेगा। एम्स के लिए पहले की बजट रखा जा चुका है। इसके अलावा बजट में सभी वर्गों के लोगों का ध्यान रखा गया है।
-रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक
केंद्र सरकार का बजट बहुत सराहनीय है। बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। मनेठी में बनने वाले एम्स को लेकर भी सरकार पहले से ही बजट का प्रावधान कर चुकी है। केंद्र सरकार का बजट देश को प्रगति के रास्ते पर ले जाने वाला है।
- विक्रम ठेकेदार, विधायक
केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया गया आम बजट बहुत ही निराशाजनक है। मनेठी में बनने वाले एम्स के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा गया। इससे लोगों में बहुत रोष है। इसके साथ पेट्रोल-डीजल के भाव में बढ़ौतरी से महंगाई में इजाफा होगा, जिससे आम आदमी पर ही बोझ पड़ेगा।
-डॉ राजपाल यादव, इनेलो जिला अध्यक्ष
वर्ष 2019 अंतरिम बजट में मनेठी एम्स की घोषणा करने से लोगों को खुशी मिली थी, लेकिन आम बजट में निर्माण के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं करने से क्षेत्र के लोगों को निराश पड़ा है। सरकार द्वारा पेश किया गया बजट किसी भी वर्ग में कोई जोश पैदा नहीं कर पाया। इस बजट के माध्यम से मात्र पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड, महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड, इंडियन रेलवे व एयर इंडिया आदि को ओने पौने मूल्यों पर पूंजी पतियों को बेचने का रास्ता खोला है। युवाओं के लिए रोजगार के नाम पर कोई योजना नहीं है।
-श्याम सुंदर सभरवाल, जजपा नेता
केंद्र सरकार के आम बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। दुकानदारों की तीन हजार रुपये पैंशन के साथ ही किसानों, व्यापारियों व अन्य सभी के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। बजट से आम लोगों में खुशी का माहौल है।
-योगेंद्र पालीवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष
बजट में मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए कोई जीक्र नहीं किया जाना बेहद निराशाजनक बात है। बजट को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह था, लेकिन बजट में एम्स के लिए कोई प्रावधान किए जाने से ग्रामीणों की उम्मीद टूटी है। समिति आगामी सात जुलाई को होने वाली समिति की बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी।
-श्योताज सिंह, अध्यक्ष एम्स संघर्ष समिति
केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट बेहद निराशाजनक है। बजट में महंगाई के अलावा लोगों को कुछ नहीं मिला। पैट्रोल डीजल के भाव में बढ़ौतरी से मंहगाई बढेगी। एफडीआई में सौ प्रतिशत निवेश से घरेलू कंपनियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
-महाबीर यादव मसानी, कांग्रेस नेता
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केंद्र सरकार का आम बजट दिशाहीन है। जिले के गांव मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए बजट का प्रावधान नहीं रखना लोगों के साथ धोखा करना है। क्योंकि सरकार को पहले से ही मालूम था कि यहां एम्स नहीं बनेगा। प्रधानमंत्री बात तो करते हैं मेक इन इंडिया की करते है, लेकिन एक रूपया का भी बजट नहीं रखा गया। एफडीआई सौ प्रतिशत किए जाना चिंता की बात है ऐसे में बीएसएनएल, एयर इंडिया व एलआईसी जैसी भारतीय कंपनियों का क्या होगा। गांव, गरीब और किसानों को हाशिये पर रखा गया है। दुकानदारों की पेंशन के बारे में भी कुछ क्लियर नहीं बताया गया है। इसके साथ ही 2 करोड़ के चेक पर 2 प्रतिशत टीडीएस काटना। एक हाथ से देकर दूसरे हाथ से छीनने जैसा है। कर्मचारियों को 5 लाख तक की इनकम में तो पहले से ही राहत थी इसमें भी कोई बदलाव नही किया, कर्मचारियों के भी हाथ खाली रह गए। गुड़गांव मेट्रो के विस्तार के लिए बजट नहीं दिया गया। इसके अलावा मात्र दो साल 2017-18 से 2019-2020 में महिलाओं से संबंधित योजनाओं के बजट में 2 हजार करोड़ से ज्यादा की कटौती की गई।
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-कैप्टन अजय यादव, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व वित मंत्री
जिलेभर के लोगों केे बजट से काफी उम्मीद थी कि बजट में मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए सरकार बजट में प्रावधान रखेगी, लेकिन बजट में इसका जीक्र तक नहीं किया जाना यहां के लोगों केे लिए बड़ी गंभीर बात है। भाजपा सरकार के दूसरे कार्यकाल का बजट को दावों, जुमलों, सपने दिखाकर ठगने व महंगाई बढ़ाने वाला बजट है। इससे न तो नए रोजगार पैदा होंगे और न ही आम आदमी को महंगाई से राहते मिलेगी। सरकार ने विभिन्न सरकारी संस्थानों पीएसयू में एक लाख 5 हजार करोड़ रूपये का विनिवेश करेगी अर्थात पीएसयू को बेचेगी व पीएसयू की जमीनों को सस्ती हाऊसिंग स्कीम के तहत बिल्डरों को चोर दरवाजे से देगी। बजट में 2022 तक किसान आय दोगुना करने का फिर सपना दिखाया है, पर कृषि मंत्रालय के आंकडों अनुसार ही 2014-2019 के बीच पांच साल में किसान आय एक पैसा भी नहीं बढ़ी। बजट से साफ है कि सरकार निजीकरण की ओर तेजी से बढ़ रही है। पैट्रोल-डीजल पर पहले ही भारी-भरकम एक्साइज ड्यूटी लगाकर उपभोक्ताओं पर बोझ था। पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर एक रुपया एक्साइज ड्यूटी और एक रुपये से बढ़ाकर आम आदमी जीना दूभर कर दिया जिससे पेट्रोल-डीजल भाव 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ जाएंगे।
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-वेद प्रकाश विद्रोही, कांग्रेस नेता
मनेठी के बनने वाले एम्स के लिए सरकार के अंतरिम बजट में ही घोषणा की जा चुकी थी। इसलिए इस बजट में जीक्र करने या नहीं करने का कोई औचित्य नहीं है। एम्स मनेठी में बनेगा। इसके लिए पहले से ही बजट का प्रावधान किया जा चुका है। इसके अलावा बजट न केवल संतुलित है बल्कि सभी वर्गों के लिए फायदेमंद है।
-डॉॅ.बनवारी लाल, जनस्वास्थ्य राज्यमंत्री
केंद्र सरकार का आम बजट बहुत शानदार है। मनेठी एम्स का निर्माण धन की वजह से नहीं रुकेगा। एम्स के लिए पहले की बजट रखा जा चुका है। इसके अलावा बजट में सभी वर्गों के लोगों का ध्यान रखा गया है।
-रणधीर सिंह कापड़ीवास, विधायक
केंद्र सरकार का बजट बहुत सराहनीय है। बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। मनेठी में बनने वाले एम्स को लेकर भी सरकार पहले से ही बजट का प्रावधान कर चुकी है। केंद्र सरकार का बजट देश को प्रगति के रास्ते पर ले जाने वाला है।
- विक्रम ठेकेदार, विधायक
केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया गया आम बजट बहुत ही निराशाजनक है। मनेठी में बनने वाले एम्स के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं रखा गया। इससे लोगों में बहुत रोष है। इसके साथ पेट्रोल-डीजल के भाव में बढ़ौतरी से महंगाई में इजाफा होगा, जिससे आम आदमी पर ही बोझ पड़ेगा।
-डॉ राजपाल यादव, इनेलो जिला अध्यक्ष
वर्ष 2019 अंतरिम बजट में मनेठी एम्स की घोषणा करने से लोगों को खुशी मिली थी, लेकिन आम बजट में निर्माण के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं करने से क्षेत्र के लोगों को निराश पड़ा है। सरकार द्वारा पेश किया गया बजट किसी भी वर्ग में कोई जोश पैदा नहीं कर पाया। इस बजट के माध्यम से मात्र पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी कंपनियों भारत संचार निगम लिमिटेड, महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड, इंडियन रेलवे व एयर इंडिया आदि को ओने पौने मूल्यों पर पूंजी पतियों को बेचने का रास्ता खोला है। युवाओं के लिए रोजगार के नाम पर कोई योजना नहीं है।
-श्याम सुंदर सभरवाल, जजपा नेता
केंद्र सरकार के आम बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। दुकानदारों की तीन हजार रुपये पैंशन के साथ ही किसानों, व्यापारियों व अन्य सभी के लिए बजट में प्रावधान किया गया है। बजट से आम लोगों में खुशी का माहौल है।
-योगेंद्र पालीवाल, भाजपा जिला अध्यक्ष
बजट में मनेठी में प्रस्तावित एम्स के लिए कोई जीक्र नहीं किया जाना बेहद निराशाजनक बात है। बजट को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह था, लेकिन बजट में एम्स के लिए कोई प्रावधान किए जाने से ग्रामीणों की उम्मीद टूटी है। समिति आगामी सात जुलाई को होने वाली समिति की बैठक में आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी।
-श्योताज सिंह, अध्यक्ष एम्स संघर्ष समिति
केंद्र सरकार द्वारा पेश किया गया बजट बेहद निराशाजनक है। बजट में महंगाई के अलावा लोगों को कुछ नहीं मिला। पैट्रोल डीजल के भाव में बढ़ौतरी से मंहगाई बढेगी। एफडीआई में सौ प्रतिशत निवेश से घरेलू कंपनियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।
-महाबीर यादव मसानी, कांग्रेस नेता