खोल। रविवार को उप तहसील मनेठी प्रांगण में मनेठी एम्स संघर्ष समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष श्योताज सिंह ने की। उन्होंने कहा कि जनता के संघर्ष और आर्थिक योगदान के बिना एम्स जैसा बड़ा प्रोजेक्ट इस मुकाम पर नहीं पहुंच पाता। माजरा गांव के उन किसानों को सदा याद रखेगा, जिन्होंने अपनी जमीन एम्स के लिए दी है। निसंदेह समाज उन किसानों के योगदान को भूला नहीं पाएगा।
श्योताज सिंह ने कहा कि सरकार ने बार-बार एक के बाद एक पेंच इस प्रोजेक्ट में लगाए, परंतु उनको गांव माजरा के किसानों ने क्षेत्र की भलाई के लिए दूर कर दिया। एम्स संघर्ष समिति सरकार से मांग करती है कि जमीन अपने नाम करवाते हुए किसानों को मुआवजा राशि दी जाए और एम्स निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि एम्स जैसे प्रोजेक्ट को यहां स्थापित करने के लिए समिति व क्षेत्र की जनता ने जो संघर्ष किया है, वह भुलाया नहीं जा सकता है। एम्स निर्माण के बाद भी संघर्ष समिति वजूद में रहेगी। संघर्ष के दौरान जिन साथियों का निधन हुआ है, उनके सम्मान में श्रद्धांजलि दिवस मनाया जाएगा और उनके परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में पूर्व जिला पार्षद पृथ्वीपाल माजरा, कप्तान मनफूल सिंह, बीडी यादव, मास्टर दयाराम, वीपी सिंह, डॉ. एचडी यादव, एडवोकेट राजेंद्र सिंह, मास्टर लक्ष्मण सिंह, पूर्व जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा, सचिव ओमप्रकाश सैन गोठड़ा, कमल सिंह यादव, कर्नल राजेंद्र सिंह व राजबीर नंबदार नांगलमूंदी सहित अनेक लोग मौजूद थे।