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एम्स : शिलान्यास की राह हुई आसान, जमीन खरीदने के लिए मिले 80 करोड़

Sun, 20 Mar 2022 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 11:30 PM IST
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AIIMS: Foundation stone laid easy, 80 crores received for buying land
रेवाड़ी। बहुप्रतीक्षित महत्वाकांक्षी परियोजना माजरा एम्स के लिए अधिगृहित की गई भूमि की रजिस्ट्री एक सप्ताह में शुरू हो जाएगी। इसके लिए सरकार ने करीब 80 करोड़ रुपये स्वीकृत करके उसे जिला प्रशासन के बैंक खाते में भेज दिया है। ऐसा होने से माजरा एम्स के जल्द शिलान्यास की राह आसान हो गई है। संबंधित किसानों की झोली जल्द भरने वाली है। जमीनों की रजिस्ट्री होने के बाद एम्स निर्माण कार्य तेजी से शुरू हो जाएगा।
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मामले में 15 फरवरी को एम्स संघर्ष समिति के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम एडीसी जयदीप कुमार को ज्ञापन सौंपकर इस परियोजना के लिए अधिगृहित की गई 228 एकड़ भूमि का मुआवजा, जो 40 लाख रुपये प्रति एकड़ एवं अन्य सुविधाओं के साथ मंजूर किया गया था, उसको जल्द किसानों को उपलब्ध कराने और संबंधित जमीन को जल्द लेकर इस परियोजना को सिरे चढ़ाने की अपील की थी। जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा के नेतृत्व वाले इस शिष्टमंडल को उपायुक्त यशेंद्र सिंह से इस विषय पर भेंट करनी थी। चूंकि उस वक्त उपायुक्त यशेंद्र सिंह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में व्यस्त थे, लिहाजा उनके निर्देश पर जिला प्रशासन के प्रतिनिधि अधिकारी के रूप में अतिरिक्त उपायुक्त जयदीप कुमार से शिष्टमंडल से मुलाकात की और मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित ज्ञापन लेने के बाद इन्हें यह विश्वास दिलाया कि जिला प्रशासन के अपने स्तर पर इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर हरसंभव सहयोगात्मक प्रयास लाने की कोशिश करेगा। बाद में इस ज्ञापन को उपायुक्त कार्यालय के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय भिजवा दिया गया। एम्स संघर्ष समिति के पांच सदस्यीय शिष्टमंडल का नेतृत्व जिला पार्षद आजाद सिंह नांधा ने किया, जिसमें कर्नल राजेंद्र सिंह, सचिव ओमप्रकाश सैन, मास्टर लक्ष्मण सिंह अहरोद और जयवीर शामिल थे।
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200 एकड़ भूमि पर बनेगा एम्स
माजरा एम्स बनाने के लिए सरकार ने निर्धारित पोर्टल पर 228 एकड़ भूमि स्थानीय किसानों से इस मकसद को पूरा करने के लिए अपलोड कराई। इसमें 200 एकड़ भूमि का एम्स के विभिन्न भवनों के निर्माण कार्य में, जबकि 28 एकड़ भूमि का व्यापारिक एससीओ बनाने में इस्तेमाल होनी है।
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कितना मिलेगा भाव
- उक्त समिति के सचिव ओमप्रकाश सैन के अनुसार माजरा एम्स के लिए 228 एकड़ अधिगृहित भूमि की एवज में प्रदेश सरकार 40 लाख रुपये प्रति एकड़ भाव दे रही है। एक एकड़ भूमि वाले किसान को 500 वर्ग गज का एससीओ वाणिज्यिक श्रेणी भी मिलेगा, जिसके माध्यम से किसान अपने परिवार की आजीविका चलाने के लिए कोई भी व्यापारिक गतिविधि सरकार के नियमों के अनुसार वैध अनुमति प्राप्त करके संचालित कर सकेगा।
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510 से अधिक ने दी अपनी भूमि
माजरा एम्स परियोजना के लिए 510 से अधिक किसानों की भूमि दी है, जिसमें एक मरला से 40 कनाल से अधिक रकबा की भू - मलकियत वाले किसान शामिल हैं।
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समिति ने की किसानों की तारीफ
- इस समिति के वरिष्ठ सदस्य कर्नल राजेंद्र सिंह ने उन किसानों, जिन्होंने माजरा एम्स परियोजना के लिए अपनी जमीन दी है, उनके त्याग की तहेदिल से तारीफ की है। समिति चाहती है कि इस मकसद को पूरा कराने के लिए सरकार जल्द इस परियोजना का शिलान्यास करा निर्माण कार्य शुरू कराए।

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अधिकारिक पक्ष
80 करोड़ मंजूर, जल्द देंगे मुआवजा
एम्स के लिए जिन किसानों ने अपनी जमीन दी है, सरकार और प्रशासन उनके सदैव आभारी रहेंगे। भूमि का मुआवजा इसी सप्ताह जमीन की रजिस्ट्री कराकर उपलब्ध करा दिया जाएगा। एम्स परियोजना के लिए अधिगृहित 228 एकड़ जमीन को संबंधित पोर्टल से सरकार अपने नाम और स्वास्थ्य मंत्रालय स्थानांतरित कराने की प्रक्रिया जल्द पूरी करके संबंधित किसानों तक भूमि मुआवजा उपलब्ध कराने के लिए कटिबद्घ है।
- यशेंद्र सिंह, उपायुक्त।
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