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Rewari News: एआई आधारित तकनीक किसानों के लिए मददगार
Sat, 22 Nov 2025 11:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sat, 22 Nov 2025 11:50 PM IST
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कार्यक्रम के दौरान एक मंच पर आए विद्यार्थी व प्रोफेसर्स। स्रोत : विवि
रेवाड़ी। मीरपुर स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय की तरफ से आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के पांचवें दिन प्रतिभागियों ने औद्योगिक भ्रमण किया। इस अवसर पर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय बावल में विशेष सत्र आयोजित हुआ।
डॉ. एनके यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से पौधों की बीमारियों की पहचान एवं पूर्वानुमान पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीक किसानों को समय रहते रोगों की पहचान करने और फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो रही हैं।
इसके बाद कार्यक्रम का दूसरा सत्र आईजीयू में जारी रहा। इस सत्र का संचालन डॉ. राजकुमार यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने किया। उन्होंने डेटा सुरक्षा एवं ऑग्मेंटेशन फ्रेमवर्क द्वारा स्वचालित कीट-पतंगों की पहचान और रोग नियंत्रण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षित डेटा प्रबंधन और एआई आधारित फ्रेमवर्क कृषि क्षेत्र में कीट नियंत्रण और रोग प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
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डॉ. एनके यादव, वरिष्ठ वैज्ञानिक ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के माध्यम से पौधों की बीमारियों की पहचान एवं पूर्वानुमान पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि एआई आधारित तकनीक किसानों को समय रहते रोगों की पहचान करने और फसल की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो रही हैं।
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इसके बाद कार्यक्रम का दूसरा सत्र आईजीयू में जारी रहा। इस सत्र का संचालन डॉ. राजकुमार यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक ने किया। उन्होंने डेटा सुरक्षा एवं ऑग्मेंटेशन फ्रेमवर्क द्वारा स्वचालित कीट-पतंगों की पहचान और रोग नियंत्रण विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षित डेटा प्रबंधन और एआई आधारित फ्रेमवर्क कृषि क्षेत्र में कीट नियंत्रण और रोग प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
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